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6 महीने में बननी थी सड़क, 4 साल बाद भी अधूरी, खेलमंत्री ने अधिकारियों को लगाई फटकार
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मोरनी। सीएम अनाउसमेंट के जिस कार्य को 6 महीने में पूरा किया जाना था वह कार्य साढे़ चार साल बाद भी अधर में लटका है। टिक्करताल से वाया मीरपुर होते हुए रायपुररानी तक पहुंचने वाली सड़क के काम में कोताही का मामला खेलमंत्री व ग्रीवेंस पंचकूला के चेयरपर्सन संदीप सिंह तक पहुंच गया है।
सोमवार को संदीप सिंह ने वरिष्ठ भाजपा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई और पंद्रह दिनों के भीतर रिपोर्ट सबमिट करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके लिए बाकायदा एसडीएम पंचकूला की निगरानी में वन विभाग, रेवेन्यू और पीडब्लूडी विभाग की संयुक्त टीम भी बनाई गई है जोकि सड़क के काम को अटकाने में किन अधिकारियों ने देरी की इसकी रिपोर्ट तैयार करेगी।
वन विभाग के फील्ड अधिकारी बने रोड़ा
भाजपा नेता की ओर से दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि वन विभाग के फील्ड व रेंज स्तर के अधिकारी कार्य पूरा नहीं कर रहे हैं। इसका काम पिछले साढे़ चार सालों से अटका है। बमुश्किल लोकनिर्माण विभाग और रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार की, लेकिन वन विभाग के फील्ड कर्मचारियों ने उपस्थित होने के बाद भी साइन नहीं किए और रिपोर्ट को रद्द करवा दिया। इस कारण निशानदेही को दोबारा से किया जाएगा और इसमें सालों का समय बर्बाद हुआ।
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सीएम ने रखी थी सड़क की नींव
लगभग 3 करोड़ 67 लाख की लागत से बनने वाली टिक्करताल से मीरपुर सड़क के काम को 6 माह में पूरा किया जाना था। सड़क कार्य का शिलान्यास मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल ने 5 जनवरी 2017 को मोरनी के नीमवाला नदी पर बनने वाले पुल के शिलान्यास के साथ किया गया था। सरकारी बाबुओं की मनमानी व सीएम अनाउंसमेंट के कार्य की अनदेखी के कारण काम 4 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
सवाल : पैसा भी हुआ जारी.. क्यों नहीं मिला लाभ
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सड़क के निर्माण को लेकर जब पैसा समय पर जारी किया गया तो उसके बाद भी लोगों को समय पर उसका लाभ नहीं मिल सका। इससे सरकार की छवि खराब हुई और जनता में गलत संदेश गया है। उनका कहना है कि वह मामले में दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे ताकि जनता के कामों को सरकारी अधिकारी समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबध हों
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सोमवार को संदीप सिंह ने वरिष्ठ भाजपा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई और पंद्रह दिनों के भीतर रिपोर्ट सबमिट करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके लिए बाकायदा एसडीएम पंचकूला की निगरानी में वन विभाग, रेवेन्यू और पीडब्लूडी विभाग की संयुक्त टीम भी बनाई गई है जोकि सड़क के काम को अटकाने में किन अधिकारियों ने देरी की इसकी रिपोर्ट तैयार करेगी।
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वन विभाग के फील्ड अधिकारी बने रोड़ा
भाजपा नेता की ओर से दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि वन विभाग के फील्ड व रेंज स्तर के अधिकारी कार्य पूरा नहीं कर रहे हैं। इसका काम पिछले साढे़ चार सालों से अटका है। बमुश्किल लोकनिर्माण विभाग और रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार की, लेकिन वन विभाग के फील्ड कर्मचारियों ने उपस्थित होने के बाद भी साइन नहीं किए और रिपोर्ट को रद्द करवा दिया। इस कारण निशानदेही को दोबारा से किया जाएगा और इसमें सालों का समय बर्बाद हुआ।
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सीएम ने रखी थी सड़क की नींव
लगभग 3 करोड़ 67 लाख की लागत से बनने वाली टिक्करताल से मीरपुर सड़क के काम को 6 माह में पूरा किया जाना था। सड़क कार्य का शिलान्यास मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल ने 5 जनवरी 2017 को मोरनी के नीमवाला नदी पर बनने वाले पुल के शिलान्यास के साथ किया गया था। सरकारी बाबुओं की मनमानी व सीएम अनाउंसमेंट के कार्य की अनदेखी के कारण काम 4 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
सवाल : पैसा भी हुआ जारी.. क्यों नहीं मिला लाभ
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सड़क के निर्माण को लेकर जब पैसा समय पर जारी किया गया तो उसके बाद भी लोगों को समय पर उसका लाभ नहीं मिल सका। इससे सरकार की छवि खराब हुई और जनता में गलत संदेश गया है। उनका कहना है कि वह मामले में दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे ताकि जनता के कामों को सरकारी अधिकारी समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबध हों