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Punjab: पंजाब में अनधिकृत कॉलोनियों को सरकार ने दी छह माह की मोहलत, तय समय में दस्तावेज और फीस भरना जरूरी
Fri, 09 Dec 2022 08:30 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Dec 2022 08:30 AM IST
सार
पंजाब के स्थानीय निकायों में छह हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं। इनको नियमित करने के लिए पिछली सरकारों ने भी बिल्डरों को कई बार समय दिया, लेकिन इसको लेकर औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं।
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सीएम भगवंत मान।
- फोटो : twitter
विस्तार
पंजाब के स्थानीय निकायों के तहत अनधिकृत कॉलोनियों और प्लॉटों के नियमितीकरण को लेकर सरकार सख्त हो गई है। मान सरकार ने ऐसे बिल्डरों को एक और मौका देते हुए छह माह के भीतर सभी दस्तावेजों सहित फीस जमा करवाने के आदेश जारी किए हैं। उसके बाद इसे अवैध निर्माण करार देते हुए गिराया जा सकता है।
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जानकारी के अनुसार पंजाब के स्थानीय निकायों में छह हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं। इनको नियमित करने के लिए पिछली सरकारों ने भी बिल्डरों को कई बार समय दिया, लेकिन इसको लेकर औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग ने पुडा की ओर से जारी पत्र संख्या पुडा/सीटीपी/2022/1781/1851 का हवाला देते हुए ऐसी कॉलोनियों और प्लॉटों के रेगुलाइजेशन के लिए छह माह का समय दिया है। कुछ निकायों ने इसको लेकर बाकायदा नोटिस निकाल दिया है।
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भगवंत मान सरकार ने सत्ता संभालते ही अवैध निर्माण को लेकर कॉलोनाइजरों को सख्त हिदायत देते हुए सभी औपचारिकताएं पूरी करने के आदेश जारी किए थे। बताया जा रहा है कि नए आदेशों के तहत अब विभाग छह माह में फीस जमा न करवाने वाली कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई करने जा रहा है।
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गौरतलब है कि इन अवैध और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बिजली, सड़क, पेयजल, सीवरेज व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पातीं। इस धोखाधड़ी का एक काला सच यह भी है कि अपने पूरे जीवन की कमाई खर्च कर इन कॉलोनियों में प्लॉट या मकान खरीदने वाले लोगों को संबंधित प्लॉट या मकान का अधिकृत कब्जा भी नहीं मिल पाता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अवैध कॉलोनाइजर ऐसी जमीनों पर कॉलोनियां काटकर बेच देते हैं, जिनका उपयोग गलियां, पार्क और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाना था। इसको लेकर पहले पुडा की ओर से भी आदेश जारी किए गए थे। उस वक्त सरकार ने ऐसी कॉलोनियों के पंजीकरण पर प्रतिबंध लगा दिया था।