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Panchkula News: 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में अनाज मंडी विकसित करना लक्ष्य
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पंचकूला। शहर के सेक्टर-3 स्थित हॉलिडे इन में शुक्रवार को हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के तत्वावधान में 6 राज्यों के कृषि मार्केटिंग बोर्ड के संयुक्त सम्मेलन का आयोजन किया गया। इनमें सभी राज्यों के कृषि मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन अपने-अपने राज्यों के अनुभव साझा करने के लिए एकत्रित हुए। समारोह का उद्घाटन कृषि मंत्री जेपी दलाल ने किया। उन्होंने कहा कि 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में मंडी विकसित करने का हरियाणा सरकार का प्रयास है। सभी राज्यों के कृषि मार्केटिंग विपणन बोर्ड को एक साझा फंड तैयार करना चाहिए ताकि किसान की प्रगति हो सके। हमें आपस में इंफ्रास्ट्रक्चर शेयर करना होगा। आज दुनिया एक ग्लोबल विलेज बन गया है। इसलिए किसानों के लिए देश के मार्केटिंग बोर्ड को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से हरियाणा दिल्ली के निकट है और यहां की लगभग 5 करोड़ की जनसंख्या की फल, सब्जी, दूध व अन्य डेयरी उत्पाद आदि रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए उपयुक्त स्थल है। हमने केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना है। हरियाण राज्य कृषि विपणन बोर्ड के चैयरमेन आदित्य देवीलाल चौटाला ने कहा कि उत्तराखंड में मोटा अनाज की पैदावार ज्यादा होती है।
इसी प्रकार गोवा में काजू, राजस्थान में बाजरा, पंजाब व हरियाणा में किन्नू का उत्पादन अधिक होता है। हम एक दूसरे के राज्यों के मार्केटिंग बोर्ड से इनका व्यापार कर सकते हैं और किसान की आय में वृद्धि की जा सकती है। इस अवसर पर हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक मुकेश कुमार आहुजा, सचिव राकेश संधू, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख डॉ. सतबीर कादियान, अंतरराज्यीय व्यापार और वस्तु वृद्वि क्षेत्र के महाप्रबंधक जेएस यादव आदि उपस्थित रहे।
गन्नौर में 13 हजार करोड़ से बन रही अंतरराष्ट्रीय मंडी
दलाल ने कहा कि गन्नौर में लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय मंडी विकसित की जा रही है। इसमें सालाना 30 से 40 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है। इस मंडी में अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप फल और सब्जियों की पैकेजिंग व छंटाई की सुविधा भी उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि जापान की जायका वित्तीय संस्थान के माध्यम से ऋण लेकर ब्लॉक स्तर तक प्रसंस्करणीय यूनिट स्थापित करने की सरकार की योजना है।
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हरियाणा में घटी पराली जलाने की घटनाएं
पराली जलाने के प्रश्न के संबंध में जेपी दलाल ने कहा कि हरियाणा में पिछले चार पांच वर्षों में पराली जलाने की घटनाएं काफी कम हुई हैं। सरकार पराली प्रबंधन के लिए 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। अब तक 600 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। डीएसआर के माध्यम से बिजाई करने वाले किसानों को चार हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से वित्तीय सहायता भी दी जाती है।
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इसी प्रकार गोवा में काजू, राजस्थान में बाजरा, पंजाब व हरियाणा में किन्नू का उत्पादन अधिक होता है। हम एक दूसरे के राज्यों के मार्केटिंग बोर्ड से इनका व्यापार कर सकते हैं और किसान की आय में वृद्धि की जा सकती है। इस अवसर पर हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक मुकेश कुमार आहुजा, सचिव राकेश संधू, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख डॉ. सतबीर कादियान, अंतरराज्यीय व्यापार और वस्तु वृद्वि क्षेत्र के महाप्रबंधक जेएस यादव आदि उपस्थित रहे।
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गन्नौर में 13 हजार करोड़ से बन रही अंतरराष्ट्रीय मंडी
दलाल ने कहा कि गन्नौर में लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय मंडी विकसित की जा रही है। इसमें सालाना 30 से 40 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है। इस मंडी में अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप फल और सब्जियों की पैकेजिंग व छंटाई की सुविधा भी उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि जापान की जायका वित्तीय संस्थान के माध्यम से ऋण लेकर ब्लॉक स्तर तक प्रसंस्करणीय यूनिट स्थापित करने की सरकार की योजना है।
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हरियाणा में घटी पराली जलाने की घटनाएं
पराली जलाने के प्रश्न के संबंध में जेपी दलाल ने कहा कि हरियाणा में पिछले चार पांच वर्षों में पराली जलाने की घटनाएं काफी कम हुई हैं। सरकार पराली प्रबंधन के लिए 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। अब तक 600 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। डीएसआर के माध्यम से बिजाई करने वाले किसानों को चार हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से वित्तीय सहायता भी दी जाती है।