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Punjab: शिअद का घोषणा पत्र, करतारपुर साहिब को पाकिस्तान से भारत लाने का वादा; जमीन नहीं खरीद पाएंगे बाहरी लोग
Sun, 19 May 2024 02:28 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 19 May 2024 02:28 PM IST
सार
पंजाब में सुखबीर बादल ने अपने घोषणा पत्र में मुख्य मुद्दों को शामिल किया है। कहा कि उनकी पार्टी पंजाब की सहमति के बिना लिए गए सभी दरिया पानी समझौतों के फैसलों को सत्ता में आते ही रद्द कराएगी। पार्टी ने अपने इस घोषणा पत्र को ‘ऐलान नामे’ का नाम दिया है।
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सुखबीर बादल
- फोटो : twitter @officeofssbadal
विस्तार
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने शनिवार को चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में लोकसभा चुनाव का घोषणा पत्र जारी किया। शिअद ने अपने घोषणा पत्र पर पंथक, बंदी सिंहों और पंजाब की बिना सहमति हुए फैसलों को रद्द करने का भरोसा जताया है।
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घोषणा पत्र जारी करते हुए पार्टी प्रमुख सुखबीर बादल ने कहा कि शिअद के लिए पंथ, पंजाब और सिद्धांत राजनीति से ऊपर है। सुखबीर ने अपने घोषणा पत्र के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी पार्टी पंजाब की सहमति के बिना लिए गए सभी दरिया पानी समझौतों के फैसलों को सत्ता में आते ही रद्द कराएगी। पार्टी ने अपने इस घोषणा पत्र को ‘ऐलान नामे’ का नाम दिया है।
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घोषणा पत्र में शिअद ने किए अहम वादे
-सिर्फ पंजाबी नौजवानों को रोजगार देंगे, बाहरी लोगों को लिए जमीन की बिक्री नहीं होने देंगे।
-पंजाब में खाद्य प्रसंस्करण तथा कपड़ा उद्योग स्थापित करेंगे। मोहाली और अमृतसर को आईटी तथा पर्यटन तथा मालवा को टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करेंगे।
-अकाली दल ने हुसैनीवाला की तर्ज पर जमीन की अदला-बदली करके करतारपुर साहिब को पूर्वी पंजाब में शामिल करने की वकालत की।
-अटारी तथा हुसैनीवाला बाॅर्डर खोलने की मांग की।
- किसानों के साथ डटकर उनकी मांगें पूरी कराएंगे, एमएसपी को कानूनी गारंटी का रूप देने के प्रयास किए जाएंगे।
- मोहाली से अतंरराष्ट्रीय उड़ानों पर कार्गो सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
-संघीय स्वायत्तता तथा अल्पसंख्यकों तथा कमजोर वर्गों के लिए सुविधाओं को पूरा किया जाएगा।
-चंडीगढ़ तथा पंजाबी भाषा वाले क्षेत्रों को पंजाब में शामिल किया जाएगा। घोषण पत्र में कहा है कि चंडीगढ़ पंजाब का था और हमेशा ही रहेगा, इसे सिर्फ पांच साल के लिए यूटी बनाया गया था। इस मामले में पंजाब के साथ केंद्र के खिलाफ डटकर संघर्ष करेंगे।
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-करतारपुर साहिब को पाकिस्तान से भारत लाने के लिए दोनों देशों के बीच आपसी समझौते के आधार पर काम करेंगे, जैसे की पहले हुसैनीवाला बाॅर्डर तथा बंगलादेश के मामले में किया गया।
-घोषणा पत्र में सरकारों द्वारा सिख गुरुधामों तथा खालसा पंथ की अन्य धार्मिक संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिशों तथा साजिशों का जोरदार विरोध किया।
-किसानों की कर्जमाफी की जाएगी। छोटे और आंशिक किसानों को डीजल पर 20 फीसदी सब्सिडी देने का वादा किया। किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए ‘कुशल श्रमिक का दर्जा’ हासिल करने की कोशिश करेगी और मनरेगा में खेतिहर मजदूरों को शामिल करने की कोशिश करेगी।
- किसान संघर्ष में मारे गए किसानों के परिवारों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की मांग करेगी।
-व्यक्तिगत आयकर की मौजूदा दर से 4 लाख रुपये अधिक बढ़ाने की मांग करेगा।
-सेवाओं में वन रैंक वन पेंशन की मांग के लिए संघर्ष करने का भी वादा किया।
-घोषणा पत्र में अग्निवीर योजना का विरोध किया गया और सेना में नियमित भर्ती की मांग पर जोर दिया गया।