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पंजाब के बिजली संयंत्रों के लिए पर्याप्त कोयला : केंद्र
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चंडीगढ़। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि पंजाब के बिजली संयंत्रों के लिए पर्याप्त कोयला उपलब्ध है। इससे सूबे को कोयले की किसी भी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। कोयला मंत्रालय ने बताया कि कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) निर्बाध आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है।
सीआईएल पंजाब सहित पूरे देश में बिजली उत्पादन के लिए कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। केंद्र सरकार ने पंजाब में उत्पादन शुरू होने के बाद से स्वतंत्र विद्युत संयंत्रों (आईपीपी) को मदद दी है। कोयले की आवाजाही को सक्रिय रूप से सुगम बनाया गया है। नाभा पावर लिमिटेड (राजपुरा) और तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (मनसा) को अनुमति मिली है। इन्हें वार्षिक उत्पादन के 50 प्रतिशत तक करने की अनुमति पहले ही दी गई है।
पीएसपीसीएल तीन विद्युत संयंत्रों का संचालन करती है। इनमें गुरु हरगोबिंद ताप विद्युत संयंत्र (लहरा मोहब्बत) शामिल है। गोइंदवाल साहिब विद्युत संयंत्र और रोपड़ विद्युत संयंत्र भी इसके अंतर्गत आते हैं। इनकी संयुक्त क्षमता 2,300 मेगावाट है।
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4 सितंबर तक पीएसपीसीएल के संयंत्रों में कोयले का भंडार मानक आवश्यकता का लगभग 117 प्रतिशत था। यह मात्रा पर्याप्त से अधिक कोयले की उपलब्धता को दर्शाती है।
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सीआईएल पंजाब सहित पूरे देश में बिजली उत्पादन के लिए कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। केंद्र सरकार ने पंजाब में उत्पादन शुरू होने के बाद से स्वतंत्र विद्युत संयंत्रों (आईपीपी) को मदद दी है। कोयले की आवाजाही को सक्रिय रूप से सुगम बनाया गया है। नाभा पावर लिमिटेड (राजपुरा) और तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (मनसा) को अनुमति मिली है। इन्हें वार्षिक उत्पादन के 50 प्रतिशत तक करने की अनुमति पहले ही दी गई है।
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पीएसपीसीएल तीन विद्युत संयंत्रों का संचालन करती है। इनमें गुरु हरगोबिंद ताप विद्युत संयंत्र (लहरा मोहब्बत) शामिल है। गोइंदवाल साहिब विद्युत संयंत्र और रोपड़ विद्युत संयंत्र भी इसके अंतर्गत आते हैं। इनकी संयुक्त क्षमता 2,300 मेगावाट है।
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4 सितंबर तक पीएसपीसीएल के संयंत्रों में कोयले का भंडार मानक आवश्यकता का लगभग 117 प्रतिशत था। यह मात्रा पर्याप्त से अधिक कोयले की उपलब्धता को दर्शाती है।