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Panchkula News: सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगी मुफ्त परिवहन सुविधा
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शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा ने नीति तहत कालका ब्लाॅक का किया ट्रायल के लिए चयन
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से 12वीं के विद्यार्थी अब पैदल स्कूल नहीं जाएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से छात्रों को मुफ्त परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पूरी व्यवस्था का प्रबंध विद्यालय प्रबंधक समिति की ओर से होगा। समिति के माध्यम से ही विभाग वाहन चालकों को बजट जारी करेगा।
जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर योजना पंचकूला जिले के कालका खंड से आरंभ की जाएगी। यह सुविधा विद्यार्थियों को गांव या वार्ड से विद्यालय तक ले जाने व विद्यालय से गांव, वार्ड तक वापस लाने के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी। फरवरी तक योजना को लागू किया जा सकता है।
कौशिक ने बताया कि इसका मुफ्त परिवहन सुविधा का भुगतान विद्यालय शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई राशि के माध्यम से होगा। योजना के क्रियान्वयन को लेकर विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिल योजना व विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना दोनों योजनाओं में से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। इसके लिए विद्यालय नोडल ट्रांसपोर्ट अधिकारी इन विद्यार्थियों से लिखित में आवेदन लेगा। इस योजना का लाभ उन विद्यार्थियों को ही मिलेगा जो घर से एक किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर स्कूल आते हैं। विद्यार्थियों की पहचान, उनका रूट, पूरे विद्यालयों के छात्रों की गणना क्लस्टर के माध्यम से देनी होगी।
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विद्यार्थियों की संख्या 20 से अधिक होने पर बस सुविधा
पंचकूला जिले के कालका में जिस रूट पर विद्यार्थियों की संख्या 20 से अधिक है, वहां ट्रांसपोर्ट विभाग को हरियाणा रोडवेज को प्राथमिकता देते हुए बस की समुचित व्यवस्था करनी होगी, जब तक हरियाणा रोडवेज की व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती, तब तक संबंधित एसएमसी यह व्यवस्था छोटी बसों के माध्यम से करेगी। ऐसे सभी रूट, जहां पर विद्यार्थियों की संख्या एक से 20 होगी, वहां पर विद्यालय शिक्षा विभाग, संबंधित विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से अन्य छोटे वाहनों की व्यवस्था करनी होगी। इसमें ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, कार, वैन, सूमो, जीप, मैक्सी कैब, वैन, छोटा हाथी, टैंपो ट्रैवलर शामिल हैं।
विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के उद्देश्य
- नई शिक्षा नीति की अनुपालना में सुरक्षित व निशुल्क सुलभ समुचित यातायात सुविधा उपलब्ध करवाना
- विद्यार्थियों की स्टेम जैसे विषयों में रूचि तथा सहभागिता को बढ़ाना
- दिव्यांग विद्यार्थियों को समता और समानता की भागीदारी को बढ़ावा देना
- विद्यार्थियों को अपनी रूचि के संकाय पढ़ने की सुविधा देना
पहली से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले उन विद्यार्थियों को जिनका घर सरकारी विद्यालय से एक से अधिक किलोमीटर की दूरी पर है, परिवहन सुरक्षा योजना का लाभ दिया जाएगा। जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर योजना शुरू करने के लिए विभाग ने कालका खंड को चुना है। ट्रायल के बाद इसे पूरे जिले में लागू की जाएगी। -सतपाल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला शिक्षा विभाग
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से 12वीं के विद्यार्थी अब पैदल स्कूल नहीं जाएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से छात्रों को मुफ्त परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पूरी व्यवस्था का प्रबंध विद्यालय प्रबंधक समिति की ओर से होगा। समिति के माध्यम से ही विभाग वाहन चालकों को बजट जारी करेगा।
जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर योजना पंचकूला जिले के कालका खंड से आरंभ की जाएगी। यह सुविधा विद्यार्थियों को गांव या वार्ड से विद्यालय तक ले जाने व विद्यालय से गांव, वार्ड तक वापस लाने के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी। फरवरी तक योजना को लागू किया जा सकता है।
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कौशिक ने बताया कि इसका मुफ्त परिवहन सुविधा का भुगतान विद्यालय शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई राशि के माध्यम से होगा। योजना के क्रियान्वयन को लेकर विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिल योजना व विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना दोनों योजनाओं में से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। इसके लिए विद्यालय नोडल ट्रांसपोर्ट अधिकारी इन विद्यार्थियों से लिखित में आवेदन लेगा। इस योजना का लाभ उन विद्यार्थियों को ही मिलेगा जो घर से एक किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर स्कूल आते हैं। विद्यार्थियों की पहचान, उनका रूट, पूरे विद्यालयों के छात्रों की गणना क्लस्टर के माध्यम से देनी होगी।
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विद्यार्थियों की संख्या 20 से अधिक होने पर बस सुविधा
पंचकूला जिले के कालका में जिस रूट पर विद्यार्थियों की संख्या 20 से अधिक है, वहां ट्रांसपोर्ट विभाग को हरियाणा रोडवेज को प्राथमिकता देते हुए बस की समुचित व्यवस्था करनी होगी, जब तक हरियाणा रोडवेज की व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती, तब तक संबंधित एसएमसी यह व्यवस्था छोटी बसों के माध्यम से करेगी। ऐसे सभी रूट, जहां पर विद्यार्थियों की संख्या एक से 20 होगी, वहां पर विद्यालय शिक्षा विभाग, संबंधित विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से अन्य छोटे वाहनों की व्यवस्था करनी होगी। इसमें ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, कार, वैन, सूमो, जीप, मैक्सी कैब, वैन, छोटा हाथी, टैंपो ट्रैवलर शामिल हैं।
विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के उद्देश्य
- नई शिक्षा नीति की अनुपालना में सुरक्षित व निशुल्क सुलभ समुचित यातायात सुविधा उपलब्ध करवाना
- विद्यार्थियों की स्टेम जैसे विषयों में रूचि तथा सहभागिता को बढ़ाना
- दिव्यांग विद्यार्थियों को समता और समानता की भागीदारी को बढ़ावा देना
- विद्यार्थियों को अपनी रूचि के संकाय पढ़ने की सुविधा देना
पहली से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले उन विद्यार्थियों को जिनका घर सरकारी विद्यालय से एक से अधिक किलोमीटर की दूरी पर है, परिवहन सुरक्षा योजना का लाभ दिया जाएगा। जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर योजना शुरू करने के लिए विभाग ने कालका खंड को चुना है। ट्रायल के बाद इसे पूरे जिले में लागू की जाएगी। -सतपाल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला शिक्षा विभाग