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जबरन धर्मांतरण के खिलाफ हरियाणा में जल्द बनेगा कड़ा कानून
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार जबरन धर्मांतरण के खिलाफ जल्द कड़ा कानून बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को मीट द प्रेस में कहा कि इसकी तैयारी चल रही है। गृह विभाग की तरफ से तैयार किए गए कानून के मसौदे का अध्ययन किया है। मसौदा ठीक है, इसके जल्दी कानूनी राय के लिए एलआर यानी लीगल रिमेंबरेंस को भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, कानूनी राय पर गौर करने के बाद यह निर्णय लेंगे कि कानून लागू करने के लिए विधानसभा में विधेयक लाना है या फिर इसे अध्यादेश लाकर लागू करना है। गृह मंत्री अनिल विज से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। प्रदेश में जब किसी धर्म विशेष को अपनाने के लिए जबरन धर्मांतरण के मामले बढ़ते हैं तो इस तरह के कानून लाना जरूरी हो जाता है। कानून में इस तरह के कार्य करने वालों के लिए कड़ी सजा व जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा।
सिर्फ चार मामले ही दर्ज, महिला आयोग में शिकायत नहीं
एक और जहां प्रदेश सरकार जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाने में जुटी है। वहीं आरटीआई के खुलासे अनुसार राज्य महिला आयोग को इस बारे आज तक एक भी शिकायत नहीं मिली। नूंह, फरीदाबाद, पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, गुरुग्राम, रेवाड़ी, हिसार के जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालयों से आरटीआई सूचना अनुसार पिछले तीन वर्षों में जबरन धर्मांतरण के मात्र चार केस ही दर्ज हुए हैं। इनमें से जांच के दौरान दो केस झूठे पाए जाने पर रद्द कर दिए गए। एक केस में सबूतों के अभाव में आरोपी अदालत से बरी हो गया, एक केस अदालत में लंबित है।
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मुख्यमंत्री ने कहा, कानूनी राय पर गौर करने के बाद यह निर्णय लेंगे कि कानून लागू करने के लिए विधानसभा में विधेयक लाना है या फिर इसे अध्यादेश लाकर लागू करना है। गृह मंत्री अनिल विज से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। प्रदेश में जब किसी धर्म विशेष को अपनाने के लिए जबरन धर्मांतरण के मामले बढ़ते हैं तो इस तरह के कानून लाना जरूरी हो जाता है। कानून में इस तरह के कार्य करने वालों के लिए कड़ी सजा व जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा।
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सिर्फ चार मामले ही दर्ज, महिला आयोग में शिकायत नहीं
एक और जहां प्रदेश सरकार जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाने में जुटी है। वहीं आरटीआई के खुलासे अनुसार राज्य महिला आयोग को इस बारे आज तक एक भी शिकायत नहीं मिली। नूंह, फरीदाबाद, पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, गुरुग्राम, रेवाड़ी, हिसार के जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालयों से आरटीआई सूचना अनुसार पिछले तीन वर्षों में जबरन धर्मांतरण के मात्र चार केस ही दर्ज हुए हैं। इनमें से जांच के दौरान दो केस झूठे पाए जाने पर रद्द कर दिए गए। एक केस में सबूतों के अभाव में आरोपी अदालत से बरी हो गया, एक केस अदालत में लंबित है।
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