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हालात : बच्चों-किशोरों के मुकाबले अन्य आयुवर्ग के लोग ज्यादा हो रहे संक्रमित

Sat, 22 Jan 2022 01:18 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 22 Jan 2022 01:18 AM IST
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Situation: People of other age groups are getting infected more than children and adolescents
पंचकूला। बच्चों और किशोरों पर अन्य आयुवर्ग की अपेक्षा कोरोना का प्रभाव कम पड़ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार तीसरी लहर स्वस्थ बच्चों के लिए घातक नहीं है। ढाई माह के दौरान पंचकूला में 18 साल तक के महज 11.65 फीसदी यानी कुल 928 बच्चे और किशोर संक्रमित हुए हैं। राहत की बात यह है कि बच्चों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। विशेषज्ञों ने तीसरी लहर को बच्चों के लिए अधिक खतरनाक बताया था। जिले में नवंबर 2021 से संक्रमितों के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ। अब 1 से 1000 के बीच संक्रमित मिल रहे हैं।
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चिकित्सकों के मुताबिक जिले में कोरोना की तीसरी लहर का संक्रमण सबसे ज्यादा यूथ और अधेड़ उम्र के लोगों पर हो रहा है। महज ढाई माह में 1 नवंबर 2021 से 20 जनवरी 2022 तक 18 साल के ऊपर वालों में संक्रमण का आंकड़ा 88.35 फीसदी पहुंचा है। करीब 7040 लोग संक्रमित हुए हैं। पढ़ने-लिखने और खेलकूद के लिए घरों से बाहर निकलने वाले युवा, कर्मचारी, नौकरी करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा खतरा बताया जा रहा है।
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बच्चों में एसीई रिसेप्टर कम होता है। कोरोना वायरस एसीई रिसेप्टर के माध्यम से फेफड़ों में प्रवेश करता है। यही वजह है कि कम संख्या में बच्चे और किशोर संक्रमित हो रहे हैं। -डॉ. मुक्ता कुमार, पंचकूला सिविल सर्जन और बाल रोग विशेषज्ञ
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क्या है एसीई-2 रिसेप्टर
एसीई-2 रिसेप्टर पूरे शरीर की कोशिकाओं के सतह पर पाए जाते हैं, लेकिन फेफड़ों और वायुमार्ग (एयरवेज) में पाए जाने वाले ये रिसेप्टर (ग्राही) कोरोना वायरस के खास निशाने पर होते हैं। शरीर के अन्य हिस्सों में मिलने वाले ये रिसेप्टर एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) को कंट्रोल कर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के काम आते हैं। यह एंजाइम हृदय और रक्त प्रवाह से जुड़ा है। हालांकि फेफड़े के भीतर इसके कार्य को लेकर कोई विशिष्ट जानकारी नहीं है।
अभिभावक बच्चों पर ध्यान दें
- बच्चों को पौष्टिक भोजन दें।
- बाहर की चीजें खाने से रोकें।
- ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करें।
- बच्चे, बुजुर्ग व बीमार लोगों के कमरे का तापमान सामान्य रखें।
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