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Panchkula News: रिश्वत लेने के मामले में शंभू दयाल मीणा को चार साल की सजा, ढाई लाख जुर्माना
Thu, 28 Dec 2023 07:00 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Thu, 28 Dec 2023 07:00 PM IST
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सीबीआई ने ट्रैप लगाकर पचास हजार रिश्वत लेते हुए किया था गिरफ्तार
सीबीआई ने 2016 में किया था करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। रिश्वत के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर फरीदाबाद डिवीजन कार्यालय के अधीक्षक शंभू दयाल मीणा को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी के पर ढाई लाख रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत ने करप्शन एक्ट की धारा 7 के तहत तीन साल की सजा, 1 लाख 25 हजार रुपये जुर्माना और करप्शन एक्ट की धारा 13(1) डी 13 (2) के तहत चार साल की सजा और 1 लाख 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग करना एक लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग है। भ्रष्टाचार देश के अस्तित्व को खा रहा है, यदि सख्त नजरिया नहीं अपनाया गया तो कार्यकुशलता और सार्वजनिक सेवा में जवाबदेही गंभीर रूप से खतरे में पड़ जाएगी। सात साल से भी ज्यादा समय तक चली सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों और बयान के आधार पर कोर्ट ने शंभू दयाल मीणा को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। सीबीआई ने शंभू दयाल मीणा के खिलाफ 10 अक्तूबर 2016 को करप्शन एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
यह था मामला
फरीदाबाद सेक्टर-11 डी में रहने वाले रामकिशन ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि उसकी एसजीएम नगर में सहयोग इंजीनियरिंग के नाम से ऑटो पार्ट्स बनाने की फैक्टरी है। 7 अक्टूबर 2016 को केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर फरीदाबाद के डिवीजनल कार्यालय के अधीक्षक शंभू दयाल मीणा समेत 5 अधिकारी कर्मचारी फैक्टरी पहुंचे। वहां उत्पाद शुल्क में गड़बड़ी करने की बात कहते हुए फैक्टरी सील करने की धमकी दी। ऐसा न करने के लिए 5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में 2.5 लाख रुपये में मान गए। उसी दिन शाम 7.45 बजे रामकिशन अपने दोस्त के साथ डिवीजन कार्यालय पहुंचे और दो लाख रुपये दिए। 8 अक्टूबर को रामकिशन ने चंडीगढ़ में सीबीआई के एसपी रामगोपाल से बातचीत कर सारी बात बताई। सीबीआई ने 10 अक्तूबर 2016 की सुबह 7 बजे रामकिशन को 50 हजार रुपये के पाउडर लगे नोट देकर केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर के ऑफिस भेजा। रामकिशन के साथ सीबीआई का एक कर्मचारी भी भेजा गया। रिश्वत की रकम जैसे ही शंभू दयाल मीणा ने पकड़ी, बाहर खड़ी टीम को इशारा कर दिया गया। टीम ने तुरंत मीणा को रंगे हाथ रिश्वत की रकम लते हुए पकड़ लिया।
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सीबीआई ने 2016 में किया था करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। रिश्वत के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर फरीदाबाद डिवीजन कार्यालय के अधीक्षक शंभू दयाल मीणा को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी के पर ढाई लाख रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत ने करप्शन एक्ट की धारा 7 के तहत तीन साल की सजा, 1 लाख 25 हजार रुपये जुर्माना और करप्शन एक्ट की धारा 13(1) डी 13 (2) के तहत चार साल की सजा और 1 लाख 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग करना एक लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग है। भ्रष्टाचार देश के अस्तित्व को खा रहा है, यदि सख्त नजरिया नहीं अपनाया गया तो कार्यकुशलता और सार्वजनिक सेवा में जवाबदेही गंभीर रूप से खतरे में पड़ जाएगी। सात साल से भी ज्यादा समय तक चली सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों और बयान के आधार पर कोर्ट ने शंभू दयाल मीणा को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। सीबीआई ने शंभू दयाल मीणा के खिलाफ 10 अक्तूबर 2016 को करप्शन एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
यह था मामला
फरीदाबाद सेक्टर-11 डी में रहने वाले रामकिशन ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि उसकी एसजीएम नगर में सहयोग इंजीनियरिंग के नाम से ऑटो पार्ट्स बनाने की फैक्टरी है। 7 अक्टूबर 2016 को केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर फरीदाबाद के डिवीजनल कार्यालय के अधीक्षक शंभू दयाल मीणा समेत 5 अधिकारी कर्मचारी फैक्टरी पहुंचे। वहां उत्पाद शुल्क में गड़बड़ी करने की बात कहते हुए फैक्टरी सील करने की धमकी दी। ऐसा न करने के लिए 5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में 2.5 लाख रुपये में मान गए। उसी दिन शाम 7.45 बजे रामकिशन अपने दोस्त के साथ डिवीजन कार्यालय पहुंचे और दो लाख रुपये दिए। 8 अक्टूबर को रामकिशन ने चंडीगढ़ में सीबीआई के एसपी रामगोपाल से बातचीत कर सारी बात बताई। सीबीआई ने 10 अक्तूबर 2016 की सुबह 7 बजे रामकिशन को 50 हजार रुपये के पाउडर लगे नोट देकर केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर के ऑफिस भेजा। रामकिशन के साथ सीबीआई का एक कर्मचारी भी भेजा गया। रिश्वत की रकम जैसे ही शंभू दयाल मीणा ने पकड़ी, बाहर खड़ी टीम को इशारा कर दिया गया। टीम ने तुरंत मीणा को रंगे हाथ रिश्वत की रकम लते हुए पकड़ लिया।
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