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Panchkula News: एसजीपीसी बदल सकती है ज्ञानी रघुबीर सिंह की पोस्ट
Wed, 02 Jul 2025 09:13 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Wed, 02 Jul 2025 09:13 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी और श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह एसजीपीसी एक्ट के अनुसार एसजीपीसी के कर्मचारी है। नियमों के अनुसार उनकी योग्यता के आधार पर एसजीपीसी उनको किसी भी ड्यूटी पर तैनात कर सकती है। एसजीपीसी में चर्चा है कि ज्ञानी रघुबीर सिंह को हरिमंदिर साहिब के मुख्यग्रंथी के पद से हटाकर किसी अन्य जगह पर नियुक्त किया जा सकता है। ज्ञानी रघुबीर सिंह ने गत दिनों अपनी मुख्य ग्रंथी की पोस्ट को बचाने के लिए एसजीपीसी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद में जब इसका सोशल मीडिया पर विरोध हुआ तो ज्ञानी रघुबीर सिंह ने याचिका वापस ले ली। चर्चा है कि एसजीपीसी ज्ञानी रघुबीर सिंह से धर्म प्रचार विंग की सेवाएं लेने की तैयारी कर रही है। किसी अन्य पोस्ट पर उनकी योग्यता को मुख्य रखकर सेवाएं ले सकती है। इसका फैसला एसजीपीसी कार्याकारिणी की भविष्य में होने वाली बैठक में लेने की चर्चा है। ज्ञानी रघुबीर सिंह एसजीपीसी में एक ग्रंथी के रूप में नियुक्त हुए थे, पंच प्यारे की सेवा निभाते रहे। तख्त केसगढ साहिब के जत्थेदार भी रहे। अकाल तख्त के जत्थेदार भी रहे और अब हरिमंदिर साहिब के मुख्यग्रंथी है।
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अमृतसर। श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी और श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह एसजीपीसी एक्ट के अनुसार एसजीपीसी के कर्मचारी है। नियमों के अनुसार उनकी योग्यता के आधार पर एसजीपीसी उनको किसी भी ड्यूटी पर तैनात कर सकती है। एसजीपीसी में चर्चा है कि ज्ञानी रघुबीर सिंह को हरिमंदिर साहिब के मुख्यग्रंथी के पद से हटाकर किसी अन्य जगह पर नियुक्त किया जा सकता है। ज्ञानी रघुबीर सिंह ने गत दिनों अपनी मुख्य ग्रंथी की पोस्ट को बचाने के लिए एसजीपीसी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद में जब इसका सोशल मीडिया पर विरोध हुआ तो ज्ञानी रघुबीर सिंह ने याचिका वापस ले ली। चर्चा है कि एसजीपीसी ज्ञानी रघुबीर सिंह से धर्म प्रचार विंग की सेवाएं लेने की तैयारी कर रही है। किसी अन्य पोस्ट पर उनकी योग्यता को मुख्य रखकर सेवाएं ले सकती है। इसका फैसला एसजीपीसी कार्याकारिणी की भविष्य में होने वाली बैठक में लेने की चर्चा है। ज्ञानी रघुबीर सिंह एसजीपीसी में एक ग्रंथी के रूप में नियुक्त हुए थे, पंच प्यारे की सेवा निभाते रहे। तख्त केसगढ साहिब के जत्थेदार भी रहे। अकाल तख्त के जत्थेदार भी रहे और अब हरिमंदिर साहिब के मुख्यग्रंथी है।