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सीनियर असिसटेंट ने मांगी थी चार हजार की रिश्वत, अदालत ने सुनाई चार साल की सजा
Sat, 08 Feb 2020 01:00 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2020 01:00 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
चार हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में जिला अदालत ने खरड़ (मोहाली) निवासी दोषी मंजीत को चार साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी सेक्टर-40 के पंजाब रेजिस्ट्रेशन नर्सिंग कांउसिल ऑफिस में सीनियर असिस्टेंट के पद पर पोस्टेड था। अदालत ने दोषी पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
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15 अप्रैल 2015 को दोषी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 13 (1) (डी), 13 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अमृतसर निवासी रतन सिंह ने विजिलेंस पुलिस स्टेशन में दोषी मंजीत के खिलाफ शिकायत दी थी। इसमें उसने कहा था कि उनकी बेटी हरप्रीत कौर ने अमृतसर के गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से जीएनएम नर्सिंग कोर्स 2010 में पूरा किया था।
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वह आगे की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाना चाहती है, जिसके लिए उसे जीएनएम सर्टिफिकेट के ट्रांसस्क्रिप्ट की जरूरत है। यह सर्टिफिकेट सेक्टर-40 के पंजाब रेजिस्ट्रेशन नर्सिंग कांउसिल ऑफिस से दिए जाते हैं। रतन सिंह ने आगे बताया कि 6 अप्रैल को उसने अपनी बेटी के सर्टिफिकेट और दो हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट फीस के लिए कार्यालय में दिया।
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एक आवेदन भी डॉक्यूमेंट के साथ दोषी को दे दिया। उसके बाद दोषी ने उनकी गलतियों को इंगित करना शुरू कर दिया। इस पर जब उन्होंने मंजीत से पूछा कि इस काम में कितना समय लगेगा तो उसने जवाब दिया कि पूरी प्रक्रिया में तीन से चार महीने लगेंगे। रतन सिंह ने उससे कहा कि उन्हें दस्तावेजों की पहले जरूरत है।
इस दौरान मंजीत ने उनसे चार हजार रुपये रिश्वत की मांग की। एक हजार उसी समय दिए और बाकी पैसे बाद में देने का वादा किया। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था। उसने विजिलेंस विभाग को सूचना दे दी। इसके बाद जाल बिछाकर आरोपी को तीन हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया गया था।