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Panchkula News: पेंशन के लिए सफाई सेविका को तीन बार आना पड़ा कोर्ट, पंजाब सरकार को फटकार

Thu, 11 Jun 2026 01:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 01:26 AM IST
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Sanitation worker had to visit court three times for pension; Punjab government reprimanded.
चंडीगढ़। सेवानिवृत्त सफाई सेविका को अपने सेवानिवृत्ति लाभ के लिए तीन बार कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होना पड़ा, इसे गंभीरता से लेते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पेंशन कोई खैरात या सरकारी मेहरबानी नहीं, बल्कि कर्मचारी का अर्जित अधिकार है। हाईकोर्ट ने अब विलंबित भुगतान पर ब्याज देने और 20 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करने के आदेश दिए हैं।
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जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि एक चतुर्थ श्रेणी की सेवानिवृत्त कर्मचारी को अपने वैधानिक अधिकार प्राप्त करने के लिए बार-बार अदालत की शरण लेनी पड़ी। अदालत ने इसे प्रशासनिक उदासीनता का स्पष्ट उदाहरण बताया।
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मामला मलोट नगर परिषद में कार्यरत एक सफाई सेविका से जुड़ा है जो 30 नवंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुई थी। सेवानिवृत्ति के समय उसके खिलाफ कोई विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित नहीं थी। सेवा रिकॉर्ड भी साफ था। इसके बावजूद उसे मिलने वाले सेवानिवृत्ति लाभ समय पर जारी नहीं किए गए। भुगतान एकमुश्त करने के बजाय किस्तों में किया गया और अंतिम राशि 2 जुलाई 2021 को मिली, यानी रिटायरमेंट के करीब 20 महीने बाद।
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सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से भी इस तथ्य का खंडन नहीं किया जा सका कि कर्मचारी के खिलाफ कोई ऐसी बाधा नहीं थी जिसके कारण भुगतान रोका जा सकता था। इस पर अदालत ने टिप्पणी की कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण याचिकाकर्ता को अनावश्यक मानसिक तनाव, आर्थिक कठिनाइयों और लंबी कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ा।


कोर्ट ने कहा कि पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ कर्मचारी के लंबे सेवाकाल का प्रतिफल हैं। इन्हें दया या अनुग्रह के रूप में नहीं देखा जा सकता। कोर्ट ने आदेश दिया कि सेवानिवृत्ति की तारीख से दो महीने बाद से लेकर वास्तविक भुगतान की तारीख तक बकाया राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की गणना कर भुगतान किया जाए। इसके अलावा 20 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी याचिकाकर्ता को देने के निर्देश दिए गए।
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