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Panchkula News: पीएसपीसीएल के निजीकरण के खिलाफ संघर्ष कमेटी आज करेगी प्रदर्शन

Sun, 13 Jul 2025 11:30 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला Updated Sun, 13 Jul 2025 11:30 PM IST
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Sangharsh Committee will protest today against the privatization of PSPCL
संवाद न्यूज एजेंसी
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अमृतसर। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब 14 जुलाई सोमवार को पंजाब स्तरीय बिजली बोर्ड के निजीकरण के खिलाफ पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के चीफ इंजीनियर, एसई व एक्सईएन के खिलाफ रोष रैलियां और प्रदर्शन करेगी।
संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार का संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई 2025 से शुरू हो रहा है। इसमें बिजली संशोधन विधेयक 2025 लाने की तैयारी है। पहले उपभोक्ता हितैषी 1948 बिजली अधिनियम, जिसमें बिजली से लाभ कमाने पर रोक थी, उस बिल में सिर्फ तीन प्रतिशत लाभ की अनुमति थी और अधिकतम पंजाब को रोजगार देना था। तब बिजली बोर्ड में 1 लाख 40 हजार कर्मचारी थे। उस अधिनियम को बिजली अधिनियम 2003 द्वारा बदल दिया गया था। इस धारा को लाने के लिए सभी पार्टियां जिम्मेदार हैं, जिसमें निजी कंपनियों को न्यूनतम 16 प्रतिशत लाभ कमाने की अनुमति दी गई थी और कोई अधिकतम सीमा नहीं है, जिस कार्य के माध्यम से उपभोक्ताओं के घरों से मैकेनिकल मीटर हटाकर इलेक्ट्रानिक मीटर लगाए गए, उसे करवाने की अनुमति दी गई।
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अब केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर का बयान आया है कि 31 अगस्त 2025 तक कर्मचारियों के घरों में प्रीपेड मीटर लगा देंगे। पहले वेतन दो, बाद में बिजली पाओ। ये मीटर आम उपभोक्ताओं के घरों में भी लगने हैं। इसका मतलब है कि बिजली बोर्ड को निजी हाथों में देने की तैयारी हो रही है। मोहाली जिले के लालड़ू और खरड़ सब-डिवीजन को निजी हाथों में देने का फैसला किया गया है। इसलिए यदि बिजली संशोधन विधेयक 2025 पारित हो जाता है, तो निजी कंपनियों को बिजली बेचने का अधिकार व बिजली की दरें तय करने का अधिकार मिल जाएगा, जिसका सबसे बड़ा नुकसान आम उपभोक्ताओं को होगा। बिजली बोर्ड में समाप्त किए गए 85 हजार पदों को बहाल किया जाए और नई भर्तियां की जाएं। उपभोक्ताओं पर लगाए गए लाखों रुपयों के जुर्माने पर पुनर्विचार किया जाए। हमारे ट्रांसफार्मर 24 घंटे के भीतर मौके पर बदले जाएं और जबरन प्रीपेड मीटर लगाना बंद किया जाए। पंजाब के लगभग 16 जिलों में बिजली अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर रोष रैलियां होंगी।
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