{"_id":"5d8525378ebc3e013b28516b","slug":"ring-road-in-chandigarh-panchkula-news-pkl3513155160","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बनेगा रिंग रोड, जमीन देने के लिए पंजाब ने नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में भरी हामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बनेगा रिंग रोड, जमीन देने के लिए पंजाब ने नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में भरी हामी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। ट्राइसिटी में ट्रैफिक कंजेशन कम करने के लिए अटका रिंग रोड प्रोजेक्ट अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद रफ्तार पकड़ेगा। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की मदद से बनने वाले रिंग रोड पर शुक्रवार को अमित शाह की अध्यक्षता में 29वीं नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में चर्चा हुई। अपने एरिया में 700 मीटर का पुल बनाने को जमीन देने के लिए पंजाब सरकार ने हामी भर दी है। साथ ही मोहाली में इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पंचकूला के सेक्टर 20-21 तक बनने वाली रिंग रोड पीआर 7 के निर्माण के लिए भी पंजाब ने सहमति जताई है।
मीटिंग में हरियाणा सरकार ने बताया कि पंजाब से मिलने वाली सड़क के लिए पंचकूला के सेक्टर-24 से 25 तक लगभग 700 मीटर तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए घग्गर नदी पर पुल का निर्माण किया जाना है। इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के स्तर की मीटिंग हुई। इसमें यह तय हुआ कि सड़क बनाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को वन भूमि सौंपने के लिए पंजाब और वन विभाग के अधिकारियों की ओर से जमीन का सीमांकन किया जाएगा। एचएसवीपी ने सीमांकन कर लिया, लेकिन पंजाब की तरफ से जमीन नहीं दी गई। इसके बाद रिंग रोड बनाने का प्रोजेक्ट लटक गया था। नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में इस मुद्दे को उठाने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब से पूछा, जिसके बाद पंजाब ने इसके लिए हामी भर दी। कहा गया कि वह पुल बनाने के लिए जमीन हरियाणा को जल्द दे देंगे, जिसके बाद हरियाणा उस पर निर्माण कार्य शुरू कर सकता है। इस बैठक में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। जम्मू-कश्मीर के गवर्नर, दिल्ली के एलजी और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर भी उपस्थित रहे।
इसलिए ट्राइसिटी को रिंग रोड की जरूरत
चंडीगढ़ को एक से डेढ़ लाख लोगों के रहने के लिए बसाया गया था, लेकिन अब सिटी की आबादी 12 लाख तक पहुंच चुकी है। जनसंख्या बढ़ने के साथ ही शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं, पड़ोसी राज्यों से रोजाना करीब डेढ़ लाख से अधिक छोटे व बड़े वाहन सिटी में प्रवेश कर इस दबाव को और बढ़ा रहे हैं। नतीजतन शहर और बाहरी वाहनों के बढ़ते दबाव के चलते शहर की सड़कें कराह उठी हैं। ट्रिब्यून चौक, हल्लोमाजरा चौक समेत शहर के कई अन्य चौक-चौराहे जाम की गिरफ्त में रहते हैं। खासकर सुबह और शाम को वाहन चालकों को जाम का झाम झेलना पड़ता है। यही वजह है कि बीते दो साल से चंडीगढ़ में रिंग रोड बनाने की मांग चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मीटिंग में हरियाणा सरकार ने बताया कि पंजाब से मिलने वाली सड़क के लिए पंचकूला के सेक्टर-24 से 25 तक लगभग 700 मीटर तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए घग्गर नदी पर पुल का निर्माण किया जाना है। इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के स्तर की मीटिंग हुई। इसमें यह तय हुआ कि सड़क बनाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को वन भूमि सौंपने के लिए पंजाब और वन विभाग के अधिकारियों की ओर से जमीन का सीमांकन किया जाएगा। एचएसवीपी ने सीमांकन कर लिया, लेकिन पंजाब की तरफ से जमीन नहीं दी गई। इसके बाद रिंग रोड बनाने का प्रोजेक्ट लटक गया था। नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में इस मुद्दे को उठाने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब से पूछा, जिसके बाद पंजाब ने इसके लिए हामी भर दी। कहा गया कि वह पुल बनाने के लिए जमीन हरियाणा को जल्द दे देंगे, जिसके बाद हरियाणा उस पर निर्माण कार्य शुरू कर सकता है। इस बैठक में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। जम्मू-कश्मीर के गवर्नर, दिल्ली के एलजी और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इसलिए ट्राइसिटी को रिंग रोड की जरूरत
चंडीगढ़ को एक से डेढ़ लाख लोगों के रहने के लिए बसाया गया था, लेकिन अब सिटी की आबादी 12 लाख तक पहुंच चुकी है। जनसंख्या बढ़ने के साथ ही शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं, पड़ोसी राज्यों से रोजाना करीब डेढ़ लाख से अधिक छोटे व बड़े वाहन सिटी में प्रवेश कर इस दबाव को और बढ़ा रहे हैं। नतीजतन शहर और बाहरी वाहनों के बढ़ते दबाव के चलते शहर की सड़कें कराह उठी हैं। ट्रिब्यून चौक, हल्लोमाजरा चौक समेत शहर के कई अन्य चौक-चौराहे जाम की गिरफ्त में रहते हैं। खासकर सुबह और शाम को वाहन चालकों को जाम का झाम झेलना पड़ता है। यही वजह है कि बीते दो साल से चंडीगढ़ में रिंग रोड बनाने की मांग चल रही है।
विज्ञापन