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Panchkula News: रोजगार से बड़ा जीवन का हक, पटाखा बिक्री पर राहत से हाईकोर्ट का इन्कार
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने साफ कहा कि जीवन का अधिकार सर्वोपरि है और इसके सामने रोजगार का अधिकार छोटा है। हाईकोर्ट ने पटाखों की बिक्री को लेकर पंजाब सरकार द्वारा अस्थायी लाइसेंस केवल 20 प्रतिशत तक सीमित रखने के फैसले में दखल देने से इन्कार कर दिया।
चीफ जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ जालंधर फायरवर्क्स एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में ग्रीन क्रैकर्स की बिक्री पर लगी सीमा को संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) के तहत व्यवसाय के अधिकार का उल्लंघन बताया गया था। कोर्ट ने कहा कि व्यापार को नियंत्रित किया जा सकता है लेकिन पर्यावरण को नुकसान नहीं होने देना चाहिए। अस्थायी लाइसेंस जितने कम होंगे, शहर में प्रदूषण उतना ही घटेगा। हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए सरकार के समक्ष अपनी मांग रखने की अनुमति दी है। सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि वह 30 दिन के भीतर इस पर फैसला ले।
2017 के अंतरिम आदेश के तहत पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 2016 के मुकाबले केवल 20 प्रतिशत अस्थायी लाइसेंस ही जारी किए जा सकते हैं।
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चीफ जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ जालंधर फायरवर्क्स एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में ग्रीन क्रैकर्स की बिक्री पर लगी सीमा को संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) के तहत व्यवसाय के अधिकार का उल्लंघन बताया गया था। कोर्ट ने कहा कि व्यापार को नियंत्रित किया जा सकता है लेकिन पर्यावरण को नुकसान नहीं होने देना चाहिए। अस्थायी लाइसेंस जितने कम होंगे, शहर में प्रदूषण उतना ही घटेगा। हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए सरकार के समक्ष अपनी मांग रखने की अनुमति दी है। सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि वह 30 दिन के भीतर इस पर फैसला ले।
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2017 के अंतरिम आदेश के तहत पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 2016 के मुकाबले केवल 20 प्रतिशत अस्थायी लाइसेंस ही जारी किए जा सकते हैं।