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Panchkula News: उद्योग के लिए दी भूमि पर रिहायशी कॉलोनी, हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब
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चंडीगढ़। वर्धमान एंड महावीर स्पिनिंग एंड जनरल मिल्स लुधियाना को औद्योगिक उद्देश्य के लिए दी गई भूमि पर रिहायशी कॉलोनी स्थापित करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को 24 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए लुधियाना निवासी जसबीर सिंह ने एडवोकेट प्रणव हांडा के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि उद्योग विभाग ने मान एंड महावीर स्पिनिंग एंड जनरल मिल्स को ढंडारीकलां में 60 एकड़ भूमि औद्योगिक उद्देश्य से अलॉट की थी। इसे बाद में 68 एकड़ कर दिया गया था लेकिन वर्धमान पॉलिटेक्स लिमिटेड ने इस भूमि में से 19.42 एकड़ पर नगर निगम से सीएलयू लेकर रिहायशी कॉलोनी बसा दी।
याची ने कहा कि वर्धमान पॉलिटेक्स तो अलॉटी भी नहीं था ऐसे में किस प्रकार उसे इस उद्देश्य के लिए सीएलयू जारी कर दिया गया। साथ ही उद्योग के लिए दी गई भूमि का कैसे रिहायशी इस्तेमाल किया जा सकता है। याची ने इस बारे में सरकार को मांगपत्र भी दिया था लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ। सुनवाई के दौरान याची ने कहा कि उसने दोनों कंपनियों को याचिका मेंं प्रतिवादी नहीं बनाया है। ऐसे में याची के निवेदन पर दोनों कंपनियों को प्रतिवादी बनाया गया और हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित इन सभी को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए लुधियाना निवासी जसबीर सिंह ने एडवोकेट प्रणव हांडा के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि उद्योग विभाग ने मान एंड महावीर स्पिनिंग एंड जनरल मिल्स को ढंडारीकलां में 60 एकड़ भूमि औद्योगिक उद्देश्य से अलॉट की थी। इसे बाद में 68 एकड़ कर दिया गया था लेकिन वर्धमान पॉलिटेक्स लिमिटेड ने इस भूमि में से 19.42 एकड़ पर नगर निगम से सीएलयू लेकर रिहायशी कॉलोनी बसा दी।
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याची ने कहा कि वर्धमान पॉलिटेक्स तो अलॉटी भी नहीं था ऐसे में किस प्रकार उसे इस उद्देश्य के लिए सीएलयू जारी कर दिया गया। साथ ही उद्योग के लिए दी गई भूमि का कैसे रिहायशी इस्तेमाल किया जा सकता है। याची ने इस बारे में सरकार को मांगपत्र भी दिया था लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ। सुनवाई के दौरान याची ने कहा कि उसने दोनों कंपनियों को याचिका मेंं प्रतिवादी नहीं बनाया है। ऐसे में याची के निवेदन पर दोनों कंपनियों को प्रतिवादी बनाया गया और हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित इन सभी को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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