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सरकारी नौकरी के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान का डिप्लोमा जरूरी: हाईकोर्ट

Wed, 23 Sep 2026 02:08 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 02:08 AM IST
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Diploma from a recognized institute mandatory for government jobs: High Court
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकारी नौकरी के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से डिप्लोमा को अनिवार्य बताया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल लिखित परीक्षा में सफल होना पर्याप्त नहीं है। भर्ती विज्ञापन में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता को पूरा करना भी अनिवार्य है।
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हाईकोर्ट ने पैरा मेडिकल काउंसिल, पंजाब, मोहाली से बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (पुरुष) का डिप्लोमा हासिल करने वाले उम्मीदवारों की याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि जिस संस्थान को पंजाब सरकार से मान्यता प्राप्त नहीं है, वहां से प्राप्त डिप्लोमा सरकारी भर्ती में मान्य नहीं होगा।
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यह मामला पंजाब में बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (पुरुष) के 1263 पदों की भर्ती से जुड़ा था। भर्ती प्रक्रिया बाबा फरीद विश्वविद्यालय स्वास्थ्य विज्ञान के माध्यम से शुरू की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने 27 दिसंबर 2016 को लिखित परीक्षा पास की थी। हालांकि, दस्तावेज सत्यापन और काउंसिलिंग के दौरान उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। विभाग ने बताया कि उनके डिप्लोमा ऐसे संस्थान से जारी हुए थे, जिन्हें पंजाब सरकार से मान्यता नहीं मिली थी। सरकार ने 12 अगस्त 2015 को सार्वजनिक सूचना जारी कर यह स्पष्ट किया था।
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याचिकाकर्ताओं की दलीलें :

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि संबंधित संस्थान की मान्यता का मामला अदालतों में लंबित था। इसी संस्थान से डिप्लोमा हासिल करने वाले कुछ अन्य उम्मीदवारों को सरकारी रोजगार मिला था। उन्होंने पहले पारित हाईकोर्ट के आदेशों का भी हवाला दिया था। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि भर्ती की शर्तों में मान्यता प्राप्त संस्थान से डिप्लोमा अनिवार्य था।




हाईकोर्ट का निर्णय :

जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा कि भर्ती विज्ञापन में निर्धारित अनिवार्य योग्यता को लिखित परीक्षा के अंकों से पूरा नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि पात्रता मेरिट से पहले आती है। उम्मीदवार को पहले निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होगी। इसके बाद ही लिखित परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर मेरिट पर विचार किया जा सकता है। दूसरे उम्मीदवारों के साथ समान व्यवहार का दावा भी अनिवार्य योग्यता की कमी को दूर नहीं कर सकता।
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