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ड्रग्स कारोबार मामले में डीजीपी की रिपोर्ट पर चार सप्ताह में सौंपे जवाब: हाईकोर्ट
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चंडीगढ़। पंजाब में हजारों करोड़ के ड्रग कारोबार मामले में डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय द्वारा इस केस से जुड़े पुलिस अधिकारियों के बारे में की गई जांच की स्टेटस रिपोर्ट 4 सप्ताह में दाखिल करने का हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि इन चार साल में इस रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई की गई है और वर्तमान स्थिति क्या है।
इस मामले में एडवोकेट नवकिरण सिंह ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर बताया था कि नशे के कारोबार मामले में फंसे तत्कालीन एसएसपी राजजीत सिंह सहित व अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने 2018 में सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंपी थी। उस रिपोर्ट पर अब तक सरकार ने क्या कार्रवाई है इसकी कोई जानकारी नहीं है। इस मामले में बिक्रम मजीठिया के खिलाफ सरकार ने एफआईआर दर्ज कर दी, लेकिन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे दागी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी बेहद ही जरूरी है।
ड्रग्स केस में फंसे मोगा के तत्कालीन एसएसपी राजजीत सिंह, इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह और अन्य अधिकारियों के खिलाफ डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की एसआईटी ने जांच कर मई 2018 में हाईकोर्ट में सीलबंद रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग को लेकर हाईकोर्ट में अर्जी दायर की गई थी। अर्जी में हाईकोर्ट से इस रिपोर्ट पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
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इस मामले में एडवोकेट नवकिरण सिंह ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर बताया था कि नशे के कारोबार मामले में फंसे तत्कालीन एसएसपी राजजीत सिंह सहित व अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने 2018 में सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंपी थी। उस रिपोर्ट पर अब तक सरकार ने क्या कार्रवाई है इसकी कोई जानकारी नहीं है। इस मामले में बिक्रम मजीठिया के खिलाफ सरकार ने एफआईआर दर्ज कर दी, लेकिन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे दागी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी बेहद ही जरूरी है।
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ड्रग्स केस में फंसे मोगा के तत्कालीन एसएसपी राजजीत सिंह, इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह और अन्य अधिकारियों के खिलाफ डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की एसआईटी ने जांच कर मई 2018 में हाईकोर्ट में सीलबंद रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग को लेकर हाईकोर्ट में अर्जी दायर की गई थी। अर्जी में हाईकोर्ट से इस रिपोर्ट पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
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