चंडीगढ़। आदेश के बावजूद प्राइवेट कॉलेजों को 3 वर्ष से पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप जारी न करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार का जवाब अस्वीकार करते हुए नए सिरे से हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अब सही जवाब दाखिल नहीं किया गया तो दोनों अधिकारियों को पेश होकर जवाब देना होगा।पंजाब के कई प्राइवेट कॉलेजों ने एडवोकेट समीर सचदेवा के जरिये अवमानना याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि सरकार ने उन्हें हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के पैसे जारी नहीं किए। केंद्र सरकार यह राशि पंजाब को जारी कर चुकी है। वित्तीय वर्ष 2016-17, 2020-21 और 2021-22 के पैसे जारी कर दिए गए हैं, लेकिन वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के पैसे जारी नहीं किए गए हैं जबकि केंद्र सरकार इन तीन वित्तीय वर्ष की राशि पंजाब सरकार को जारी कर चुकी है।
कोर्ट ने यह राशि जारी करने का आदेश दिया था बावजूद इसके यह जारी नहीं की गई। इसे कोर्ट की अवमानना बताते हुए अवमानना याचिका दाखिल की गई है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार की इस देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब के मुख्य सचिव सहित अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था। साथ ही यह भी कहा था कि आदेश का पालन नहीं हुआ तो दोनों अधिकारियों को खुद पेश होकर जवाब देना होगा। सोमवार को जब पंजाब सरकार की ओर से जवाब दाखिल किया गया तो हाईकोर्ट ने इस पर असंतोष जताते हुए फटकार लगाई और नए सिरे से हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।