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कोरोना और लॉकडाउनः हरियाणा में सरकार की निगरानी में चलेंगे राहत शिविर, रहेगी कड़ी निगरानी
Wed, 01 Apr 2020 10:20 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2020 10:20 AM IST
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हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन में बहुत से समाज सेवी संस्थाएं विभिन्न राहत शिविर लगाकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। जरूरतमंदों को खानपान से लेकर उनकी विभिन्न समस्याओं का समाधान करने की कोशिश की जा रही है। क्या इन राहत शिविरों में सोशल डिस्टेंसिंग प्रोटोकॉल की पालना की जा रही है ? इस पर अब सरकार पूरी तरह से निगरानी रखेगी। सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दे दिए गए हैं कि इस तरह के राहत शिविरों में एक-एक सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए। ताकि वहां की गतिविधियों पर वे पूरी तरह से नजर रखें।
इसके अलावा अस्पतालों में पीपीई किट खरीदने के लिए सिविल सर्जनों को सरकार ने अधिकार दे दिए हैं। मंगलवार को मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अफसरों को और भी कई तरह के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर प्रवासी मजदूरों के साथ-साथ राज्य में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को 14 दिन तक क्वारंटीन में रखे जाने के मानदंडों का सख्ती से अनुपालना सुनिश्चत की जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बनाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण करते रहें और नियमों का अनुसरण कर प्रोटोकॉल का पालन करें। इसके अलावा, वे अपने यहां पर आने वाली निजी चंदा (प्राइवेट डोनेशन) की वस्तु सूची (इन्वेंटरी) भी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि निजी वाहनों में स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे क्रियाकलापों पर निगरानी रखी जाए और संबंधित अधिकारी पर्याप्त संख्या में ही निजी वाहनों को अनुमति दें। इसके साथ ही इन निजी वाहनों में इंसीडेंट कमांडर भी साथ में रखें ताकि कार्यप्रणाली कारगर बनी रहें।
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उन्होंने कहा कि आपातकालीन पास पर आवश्यक ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में किसी न किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की 24 घंटे डयूटी लगाई जाए। इन शिविरों में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में बताया गया कि अंतर जिला सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई हैं। इसके अलावा, गांवों में ठीकरी पहरा देने के आदेश करने के भी मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं ताकि संक्त्रस्मण को फेलने से रोका जा सकें।
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इसके अलावा अस्पतालों में पीपीई किट खरीदने के लिए सिविल सर्जनों को सरकार ने अधिकार दे दिए हैं। मंगलवार को मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अफसरों को और भी कई तरह के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर प्रवासी मजदूरों के साथ-साथ राज्य में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को 14 दिन तक क्वारंटीन में रखे जाने के मानदंडों का सख्ती से अनुपालना सुनिश्चत की जाए।
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मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बनाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण करते रहें और नियमों का अनुसरण कर प्रोटोकॉल का पालन करें। इसके अलावा, वे अपने यहां पर आने वाली निजी चंदा (प्राइवेट डोनेशन) की वस्तु सूची (इन्वेंटरी) भी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि निजी वाहनों में स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे क्रियाकलापों पर निगरानी रखी जाए और संबंधित अधिकारी पर्याप्त संख्या में ही निजी वाहनों को अनुमति दें। इसके साथ ही इन निजी वाहनों में इंसीडेंट कमांडर भी साथ में रखें ताकि कार्यप्रणाली कारगर बनी रहें।
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उन्होंने कहा कि आपातकालीन पास पर आवश्यक ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में किसी न किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की 24 घंटे डयूटी लगाई जाए। इन शिविरों में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में बताया गया कि अंतर जिला सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई हैं। इसके अलावा, गांवों में ठीकरी पहरा देने के आदेश करने के भी मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं ताकि संक्त्रस्मण को फेलने से रोका जा सकें।