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पंजाब में गन्ने की सीओ-0238 पर लाल रोग का हमला, रोक की तैयारी
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चंडीगढ़। पंजाब में इन दिनों गन्ने की फसल लाल रोग की चपेट में आ गई है। जालंधर और गुरदासपुर क्षेत्र में इस रोग का व्यापक असर देखा गया है। गन्ने की सीओ-0238 किस्म पर हुए रोग के हमले के बाद अब विभाग इस पर रोक की तैयारी कर रहा है। इससे पहले भी पंजाब को कृषि विशेषज्ञ गन्ने की इस किस्म की पैदावार पर रोक लगाने की सलाह दे चुकेे हैं।
हाल ही में सूबे के सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा जालंधर और गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नरों को सर्वेक्षण करने के निर्देश दे चुके हैं, जिससे फसल को हुए नुकसान का आकलन किया जा सके। साथ ही सहकारिता विभाग को निर्देश दिए कि एक व्यापक रिपोर्ट बनाई जाए। इसके बाद कृषि, उद्यान, केन कमिश्नर, पीकेयू, लुधियाना और शुगरकेन ब्रीडिंग इंस्टीट्यूट, रीजनल सेंटर, करनाल के साथ तालमेल बनाकर इस पर कारगर योजना बनाई जा सके।
कृषि के क्षेत्रों में इस रोग को लेकर हुए कई शोधों में खुलासा हुआ है कि गन्ने की सीओ-0238 किस्म ही प्रमुख तौर पर इस रोग का शिकार हुई है। भविष्य में इस किस्म को पैदा न करने के लिए गन्ना उत्पादक राज्यों को कहा गया है। जिसके बाद अब पंजाब में भी इस किस्म की पैदावार पर रोक की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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यूपी, हरियाणा में भी बैन की तैयारी
लाल रोग की समस्या के कारण बीते समय में यह बीमारी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में पहले ही गन्ने की फसल पर प्रभाव डाल चुकी है। दोनों राज्यों की सरकारें भी इस बीमारी को लेकर गन्ने की इस किस्म की पैदावार पर रोक की तैयारी में लगी हुई हैं।
रोग मुक्त 20 लाख बीज तैयार
गन्ने की पुरानी फसलों में रोग की संभावनाओं को देखते हुए अब पंजाब गन्ना उत्पादकों को उन्नत बीज मुहैया कराने जा रहा है। सहकारी सभाओं के रजिस्ट्रार विकास गर्ग ने बताया कि आश्विन-कार्तिक के महीना की बिजाई के लिए गन्ना उत्पादकों को अधिक उत्पादन वाले रोग मुक्त उच्च मानक वाले 20 लाख पौधे बांटने के लिए तैयार हैं।
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हाल ही में सूबे के सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा जालंधर और गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नरों को सर्वेक्षण करने के निर्देश दे चुके हैं, जिससे फसल को हुए नुकसान का आकलन किया जा सके। साथ ही सहकारिता विभाग को निर्देश दिए कि एक व्यापक रिपोर्ट बनाई जाए। इसके बाद कृषि, उद्यान, केन कमिश्नर, पीकेयू, लुधियाना और शुगरकेन ब्रीडिंग इंस्टीट्यूट, रीजनल सेंटर, करनाल के साथ तालमेल बनाकर इस पर कारगर योजना बनाई जा सके।
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कृषि के क्षेत्रों में इस रोग को लेकर हुए कई शोधों में खुलासा हुआ है कि गन्ने की सीओ-0238 किस्म ही प्रमुख तौर पर इस रोग का शिकार हुई है। भविष्य में इस किस्म को पैदा न करने के लिए गन्ना उत्पादक राज्यों को कहा गया है। जिसके बाद अब पंजाब में भी इस किस्म की पैदावार पर रोक की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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यूपी, हरियाणा में भी बैन की तैयारी
लाल रोग की समस्या के कारण बीते समय में यह बीमारी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में पहले ही गन्ने की फसल पर प्रभाव डाल चुकी है। दोनों राज्यों की सरकारें भी इस बीमारी को लेकर गन्ने की इस किस्म की पैदावार पर रोक की तैयारी में लगी हुई हैं।
रोग मुक्त 20 लाख बीज तैयार
गन्ने की पुरानी फसलों में रोग की संभावनाओं को देखते हुए अब पंजाब गन्ना उत्पादकों को उन्नत बीज मुहैया कराने जा रहा है। सहकारी सभाओं के रजिस्ट्रार विकास गर्ग ने बताया कि आश्विन-कार्तिक के महीना की बिजाई के लिए गन्ना उत्पादकों को अधिक उत्पादन वाले रोग मुक्त उच्च मानक वाले 20 लाख पौधे बांटने के लिए तैयार हैं।