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भर्ती घोटाले के आरोपी अनिल नागर को हाईकोर्ट से बड़ा झटका
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चंडीगढ़। हरियाणा लोक सेवा आयोग के पूर्व उप सचिव अनिल नागर को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि उसे बर्खास्त करने के हरियाणा सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर फिलहाल सुनवाई नहीं होगी। हाईकोर्ट ने कहा कि याची पर दर्ज आपराधिक मामले के निपटारे के बाद ही बर्खास्तगी को लेकर सुनवाई आरंभ होगी।
याचिका दाखिल करते हुए नागर ने बताया कि स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने उसको भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया था। याची की गिरफ्तारी के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद 7 दिसंबर को हरियाणा सरकार ने आदेश जारी कर उसे बर्खास्त कर दिया। याची ने कहा कि उसकी बर्खास्तगी का आदेश हरियाणा सिविल सेवा के नियमों के विपरीत है। याची ने कहा कि उसका इस घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है और उसे फंसाया जा रहा है। याची ने कहा कि बर्खास्तगी के आदेश से पहले उसे जांच में शामिल नहीं किया गया और न ही कोई नोटिस दिया गया है।
याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि याचिका लंबित रहते बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी फिलहाल नागर के खिलाफ आपराधिक मामले में जांच चल रही है, ऐसे में जब आपराधिक मामले में फैसला आ जाएगा तो ही इस मामले को लेकर सुनवाई का औचित्य बनता है।
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याचिका दाखिल करते हुए नागर ने बताया कि स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने उसको भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया था। याची की गिरफ्तारी के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद 7 दिसंबर को हरियाणा सरकार ने आदेश जारी कर उसे बर्खास्त कर दिया। याची ने कहा कि उसकी बर्खास्तगी का आदेश हरियाणा सिविल सेवा के नियमों के विपरीत है। याची ने कहा कि उसका इस घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है और उसे फंसाया जा रहा है। याची ने कहा कि बर्खास्तगी के आदेश से पहले उसे जांच में शामिल नहीं किया गया और न ही कोई नोटिस दिया गया है।
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याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि याचिका लंबित रहते बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी फिलहाल नागर के खिलाफ आपराधिक मामले में जांच चल रही है, ऐसे में जब आपराधिक मामले में फैसला आ जाएगा तो ही इस मामले को लेकर सुनवाई का औचित्य बनता है।
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