पंजाब में सस्ते घर की राह हुई आसान, सरकार ने 'किफायती कॉलोनी नीति' को किया नोटिफाई
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पंजाब में निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों को कम कीमतों पर आवास उपलब्ध कराने के लिए पंजाब आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग ने ‘किफायती कॉलोनी नीति’ को नोटीफाई कर दिया है। यह नीति नियमों में कई तरह की ढील देते हुए प्रमोटरों को छोटे साइज के रिहायशी प्लॉट और फ्लैट बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
पंजाब के आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया ने बताया कि राज्य सरकार सूबे के निवासियों, खासकर आर्थिक तौर से कमजोर वर्ग के लिए किफायती कॉलोनी नीति तैयार की है। यह नीति आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग द्वारा विकसित या प्रमाणित सभी क्षेत्रों और मास्टर प्लान में रिहायशी व मिक्स्ड लैंड यूज जोन पर लागू होगी। इसके साथ ही मास्टर प्लान से बाहर स्थित म्यूनिसिपल की सीमा के अधीन तीन किलोमीटर के क्षेत्र तक भी यह प्रभावी होगी।
नीति के तहत विभिन्न योजनाओं के लिए अलग शर्तें
सरकारिया ने बताया कि प्लॉट या मिक्स्ड प्लॉट कॉलोनी के लिए कम से कम 5 एकड़ जमीन चाहिए होगी जबकि ग्रुप हाउसिंग के विकास के लिए सिर्फ 2 एकड़ क्षेत्रफल की जरूरत होगी। एसएएस नगर (मोहाली) मास्टर प्लान के अधीन क्षेत्रों के लिए कम से कम 25 एकड़ (प्लॉट/मिक्स्ड प्लॉट) और 10 एकड़ (ग्रुप हाउसिंग) जबकि न्यू चंडीगढ़ मास्टर प्लान के लिए यही शर्त कम से कम 100 एकड़ और 5 एकड़ है।
मकान के लिए प्लाट का साइज 150 और 100 वर्ग गज :
उन्होंने कहा कि किफायती मकानों के निर्माण के लिए प्लॉट का अधिक से अधिक साइज 150 वर्ग गज रखा गया है जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए यह साइज 100 वर्ग गज होगा। डेवलपर को प्रोजेक्ट में पार्कों की व्यवस्था करने के अलावा एक कम्यूनिटी सेंटर और व्यापारिक क्षेत्र भी आरक्षित रखना होगा।
अब ईडब्ल्यूएस इकाइयों को सीधे बेच सकेंगे
- स्वेच्छा से किफायती कॉलोनी स्थापित करने वाले डेवलपर अब खुद ही ईडब्ल्यूएस इकाइयों को बेच सकेंगे। इससे पहले पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट-1995 के कारण ये इकाइयां संबंधित स्पेशल डेवलपमेंट अथॉरिटी को सौंपनी पड़ती थी। वे ही इसकी बिक्री की देखरेख करती थी।
- आम तौर पर किसी कॉलोनी के मामले में मंजूरशुदा बिक्री योग्य क्षेत्र 55 प्रतिशत होता है। किफायती कॉलोनी के डेवलपर के लिए यह दर 60 प्रतिशत रखी गई है।
- यदि कॉलोनाइजर ग्रुप हाउसिंग का विकास करना चाहता है तो अधिक से अधिक जमीनी कवरेज साइट क्षेत्र का 35 प्रतिशत और अधिक से अधिक फ्लोर एरिया दर (एफएआर) साइट क्षेत्र का 1:3 होगा।
- डेवलपर को रिहायशी फ्लैटों की कुल संख्या का 10 प्रतिशत हिस्सा ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित रखना लाजिमी होगा। इन कॉलोनियों के लिए प्रति व्यक्ति घनत्व का कोई नियम लागू नहीं होगा। इन कॉलोनियों के लाइसेंस देने के लिए डायरेक्टोरेट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (डीटीसीपी) को अथॉरिटी के रूप में अधिकार दिया गया है।