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हरियाणा : कोरोना से उबरे उद्योगों पर अब बिजली कटों से संकट
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चंडीगढ़। दो साल तक कोरोना की मार झेलने वाले हरियाणा के उद्योगों पर अब बिजली कटों ने संकट खड़ा कर दिया है। प्रदेश में बिजली की कमी के चलते उद्योगों में 3 से 6 घंटे के घोषित कट लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, अघोषित कट भी लगाए जा रहे हैं। इससे पूरी इंडस्ट्री लड़खड़ा गई है। उद्योगों में न केवल उत्पादन प्रभावित हो रहा है, बल्कि हजारों मजदूरों और कर्मचारियों का रोजगार भी प्रभावित हो रहा है। सप्ताहभर में ही उद्योगों को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।
इस समय प्रदेश में 15 से 15.76 करोड़ यूनिट बिजली की खपत हो रही है। जबकि 14 लाख से अधिक यूनिट के कट लगाए जा रहे हैं। विभाग की ओर से सबसे अधिक कट औद्योगिक श्रेणी में लगाए जा रहे हैं। आधिकारिक तौर पर उद्योगों में रात 8 बजे से 2 बजे तक कट लगाए जा रहे हैं। खेतों को 7 घंटे बिजली दी जा रही है, जबकि घरेलू और शहरी उपभोक्ताओं को भी पूरी बिजली दिए जाने के दावे किए जा रहे हैं। पंचकूला, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत अधिकतर शहरों में औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं पर बिजली के कट लगाए जा रहे हैं। उद्योगों पर बिजली कटों से जबरदस्त असर पड़ रहा है। उद्योगपतियों ने सरकार से मांग की कि उद्योगों को सुचारू बिजली दी जाए। निगम के अनुसार, इस समय उद्योगों को 350 लाख यूनिट सप्लाई दी जा रही है।
अभी कोई समाधान नहीं और झेलने पड़ेंगे कट
आगामी कई दिनों तक उपभोक्ताओं को बिजली के कट झेलने पड़ेंगे, क्योंकि इस समय प्रदेश में बिजली की मांग रोजाना 8300 मेगावाट तक पहुंच गई है, जबकि हरियाणा 7 हजार मेगावाट तक की व्यवस्था कर पा रहा है। बिजली की आपूर्ति के लिए ही हाल में ही सरकार ने मध्यप्रदेश की कंपनी से 500 मेगावाट बिजली लेने के लिए बात की है। दूसरा, अडानी पावर और टाटा पावर कंपनियों से विवाद खत्म नहीं हो पाया है। इसलिए जब तक और बिजली नहीं मिल जाती, कट जारी रहेंगे। आगामी दिनों में गर्मी और बढ़ेगी तो मांग भी बढ़नी लाजिमी है।
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फैक्टरियों में रह रहे मजदूरों की बढ़ी परेशानी
कोरोना काल से सबक लेते हुए अधिकतर उद्योगों में अब कारीगरों और मजदूरों को अंदर ही रखा जा रहा है। ऐसे में जब उद्योगों पर कट लगता है तो मजबूरों की परेशानी बढ़ जाती है। मजदूरों को अंधेरा तो झेलना ही पड़ता है, बल्कि पानी तक की सप्लाई बाधित हो जाती है। अकेले पंचकूला की बात करें तो औद्योगिक क्षेत्र में हजारों की संख्या में कारीगर और मजबूर रहते हैं।
ये हैं आपूर्ति और कट के आंकड़े
अप्रैल सप्लाई कट
10 1380 43.91
11 1471 74.58
12 1551 65.07
13 1594 14.20
14 1529 24.83
15 1529 7.23
16 1562 24.84
17 1576 13.45
नोट (यूनिट लाखों में)
राइस मिल इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ रहा
हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विनोद गोयल ने कहा कि बिजली कटों से राइस मिल इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ रहा है। अगर एक बार प्लांट बंद हो जाता है तो उसे दोबारा शुरू करने के लिए 20 घंटे की पूरी प्रक्रिया है। समय पर धान की मीलिंग नहीं हो पाई तो उनके करारों पर असर पड़ेगा। उद्योगों की बिजली सुचारू की जाए।
पांच दिन शिफ्ट वाइज दें बिजली
हरियाणा चैंबर्स ऑफ कामर्स के पूर्व अध्यक्ष व पंचकूला के उद्योगपति विष्णु गोयल ने कहा कि अगर सरकार चाहे तो शिफ्ट वाइज बिजली दे सकती है। उद्योगों को पांच दिन बिजली दे दें, दो दिन नहीं दें तो भी हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन बार-बार कट लगने से उद्योगों को नुकसान हो रहा है। दूसरा, उद्योगों में सिंगल फेज की सप्लाई जारी की जाए, ताकि मजदूरों को दिक्कत न आए।
बिजली की व्यवस्था करे सरकार
हरियाणा व्यापार मंडल के प्रधान बजरंग दास गर्ग ने कहा कि उद्योग पहले से दो साल से कोरोना के चलते भारी नुकसान झेल चुके हैं। गर्मी के सीजन से पहले सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की है। सरकार को चाहिए कि वह बिजली की व्यवस्था करे, न की कट लगाए। उद्योग बंद होने से लाखों मजबूरों का काम छीन रहा है। इसलिए सरकार इसे गंभीरता से ले।
बिजली की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही : बिजली मंत्री
बिजली मंत्री रणजीत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति की जा रही है। मांग से मात्र एक प्रतिशत कट लग रहे हैं। जल्द ही वो बंद हो जाएंगे। हरियाणा सरकार बिजली की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। इस पर काम चल रहा है।
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इस समय प्रदेश में 15 से 15.76 करोड़ यूनिट बिजली की खपत हो रही है। जबकि 14 लाख से अधिक यूनिट के कट लगाए जा रहे हैं। विभाग की ओर से सबसे अधिक कट औद्योगिक श्रेणी में लगाए जा रहे हैं। आधिकारिक तौर पर उद्योगों में रात 8 बजे से 2 बजे तक कट लगाए जा रहे हैं। खेतों को 7 घंटे बिजली दी जा रही है, जबकि घरेलू और शहरी उपभोक्ताओं को भी पूरी बिजली दिए जाने के दावे किए जा रहे हैं। पंचकूला, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत अधिकतर शहरों में औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं पर बिजली के कट लगाए जा रहे हैं। उद्योगों पर बिजली कटों से जबरदस्त असर पड़ रहा है। उद्योगपतियों ने सरकार से मांग की कि उद्योगों को सुचारू बिजली दी जाए। निगम के अनुसार, इस समय उद्योगों को 350 लाख यूनिट सप्लाई दी जा रही है।
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अभी कोई समाधान नहीं और झेलने पड़ेंगे कट
आगामी कई दिनों तक उपभोक्ताओं को बिजली के कट झेलने पड़ेंगे, क्योंकि इस समय प्रदेश में बिजली की मांग रोजाना 8300 मेगावाट तक पहुंच गई है, जबकि हरियाणा 7 हजार मेगावाट तक की व्यवस्था कर पा रहा है। बिजली की आपूर्ति के लिए ही हाल में ही सरकार ने मध्यप्रदेश की कंपनी से 500 मेगावाट बिजली लेने के लिए बात की है। दूसरा, अडानी पावर और टाटा पावर कंपनियों से विवाद खत्म नहीं हो पाया है। इसलिए जब तक और बिजली नहीं मिल जाती, कट जारी रहेंगे। आगामी दिनों में गर्मी और बढ़ेगी तो मांग भी बढ़नी लाजिमी है।
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फैक्टरियों में रह रहे मजदूरों की बढ़ी परेशानी
कोरोना काल से सबक लेते हुए अधिकतर उद्योगों में अब कारीगरों और मजदूरों को अंदर ही रखा जा रहा है। ऐसे में जब उद्योगों पर कट लगता है तो मजबूरों की परेशानी बढ़ जाती है। मजदूरों को अंधेरा तो झेलना ही पड़ता है, बल्कि पानी तक की सप्लाई बाधित हो जाती है। अकेले पंचकूला की बात करें तो औद्योगिक क्षेत्र में हजारों की संख्या में कारीगर और मजबूर रहते हैं।
ये हैं आपूर्ति और कट के आंकड़े
अप्रैल सप्लाई कट
10 1380 43.91
11 1471 74.58
12 1551 65.07
13 1594 14.20
14 1529 24.83
15 1529 7.23
16 1562 24.84
17 1576 13.45
नोट (यूनिट लाखों में)
राइस मिल इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ रहा
हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विनोद गोयल ने कहा कि बिजली कटों से राइस मिल इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ रहा है। अगर एक बार प्लांट बंद हो जाता है तो उसे दोबारा शुरू करने के लिए 20 घंटे की पूरी प्रक्रिया है। समय पर धान की मीलिंग नहीं हो पाई तो उनके करारों पर असर पड़ेगा। उद्योगों की बिजली सुचारू की जाए।
पांच दिन शिफ्ट वाइज दें बिजली
हरियाणा चैंबर्स ऑफ कामर्स के पूर्व अध्यक्ष व पंचकूला के उद्योगपति विष्णु गोयल ने कहा कि अगर सरकार चाहे तो शिफ्ट वाइज बिजली दे सकती है। उद्योगों को पांच दिन बिजली दे दें, दो दिन नहीं दें तो भी हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन बार-बार कट लगने से उद्योगों को नुकसान हो रहा है। दूसरा, उद्योगों में सिंगल फेज की सप्लाई जारी की जाए, ताकि मजदूरों को दिक्कत न आए।
बिजली की व्यवस्था करे सरकार
हरियाणा व्यापार मंडल के प्रधान बजरंग दास गर्ग ने कहा कि उद्योग पहले से दो साल से कोरोना के चलते भारी नुकसान झेल चुके हैं। गर्मी के सीजन से पहले सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की है। सरकार को चाहिए कि वह बिजली की व्यवस्था करे, न की कट लगाए। उद्योग बंद होने से लाखों मजबूरों का काम छीन रहा है। इसलिए सरकार इसे गंभीरता से ले।
बिजली की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही : बिजली मंत्री
बिजली मंत्री रणजीत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति की जा रही है। मांग से मात्र एक प्रतिशत कट लग रहे हैं। जल्द ही वो बंद हो जाएंगे। हरियाणा सरकार बिजली की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। इस पर काम चल रहा है।