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टीकरी बॉर्डर पर पुलिस लगाएगी सीसीटीवी कैमरे, उपायुक्त से मांगी परमीशन
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चंडीगढ़। दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर किसानों के धरना स्थल के पास हरियाणा पुलिस सीसीटीवी कैमरे लगाने जा रही है। हरियाणा पुलिस ने उपायुक्त से इसके लिए स्वीकृति मांगी है। इधर, धरने पर बैठी महिला किसानों ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि यह महिला किसानों की निजता पर हमला है। किसान नेताओं ने कहा कि जहां कैमरे लगाए जा रहे हैं वहीं किसानों का किचन और महिलाओं का स्नान घर है।
भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) की पंजाब महिला शाखा की किसान नेता हरिंदर कौर बिंदू ने टीकरी सीमा से 2.5 किलोमीटर की दूरी पर कैमरे लगाने की अनुमति के लिए हरियाणा पुलिस की निंदा की है। उन्होंने बताया कि ढाई महीने से किसान शांतिपूर्वक दिल्ली की सीमा पर कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहे हैं। इसमें हरियाणा के लोग भी उनका पूरा साथ दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह किसानों और महिला किसानों की निजता पर हमला है, क्योंकि पुरुषों और महिला किसानों ने यहां लंगर लगाया और उनके खाने-पीने और नहाने की व्यवस्था की गई है।
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प्रदेश सचिव शिंगार सिंह मान ने भी हरियाणा पुलिस के इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि किसानों के आंदोलन को समाप्त करने के लिए पुलिस यह प्रयास कर रही है। इसे वह सफल नहीं होने देंगे। मंगलवार को राजस्थान से अधिवक्ता राजिंदर सिंह झोरार किसानों का समर्थन देने पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि मैं भी इस आंदोलन में शामिल होने आया हूं, क्योंकि भूमि को बचाना मेरा कर्तव्य है।
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भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) की पंजाब महिला शाखा की किसान नेता हरिंदर कौर बिंदू ने टीकरी सीमा से 2.5 किलोमीटर की दूरी पर कैमरे लगाने की अनुमति के लिए हरियाणा पुलिस की निंदा की है। उन्होंने बताया कि ढाई महीने से किसान शांतिपूर्वक दिल्ली की सीमा पर कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहे हैं। इसमें हरियाणा के लोग भी उनका पूरा साथ दे रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि यह किसानों और महिला किसानों की निजता पर हमला है, क्योंकि पुरुषों और महिला किसानों ने यहां लंगर लगाया और उनके खाने-पीने और नहाने की व्यवस्था की गई है।
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प्रदेश सचिव शिंगार सिंह मान ने भी हरियाणा पुलिस के इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि किसानों के आंदोलन को समाप्त करने के लिए पुलिस यह प्रयास कर रही है। इसे वह सफल नहीं होने देंगे। मंगलवार को राजस्थान से अधिवक्ता राजिंदर सिंह झोरार किसानों का समर्थन देने पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि मैं भी इस आंदोलन में शामिल होने आया हूं, क्योंकि भूमि को बचाना मेरा कर्तव्य है।