{"_id":"60d8d4bb8ebc3e834c0be83d","slug":"plan-designer-electric-poles-will-be-installed-from-45-lakhs-the-city-will-be-illuminated-with-opal-light-a-total-of-36-new-pillars-will-be-installed-on-the-housing-board-and-railway-road-the-depth-of-the-foundation-of-each-pillar-will-be-eight-feet-pkl-office-news-pkl418171065","type":"story","status":"publish","title_hn":"योजना : 45 लाख से लगेंगे डिजायनर बिजली के खंभे, दूधिया प्रकाश से रोशन होगा शहर, हाउसिंग बोर्ड और रेलवे रोड पर लगेंगे कुल 36 नए खंभे, हर खंभे के फाउंडेशन की आठ फुट होगी गहराई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
योजना : 45 लाख से लगेंगे डिजायनर बिजली के खंभे, दूधिया प्रकाश से रोशन होगा शहर, हाउसिंग बोर्ड और रेलवे रोड पर लगेंगे कुल 36 नए खंभे, हर खंभे के फाउंडेशन की आठ फुट होगी गहराई
विज्ञापन
पंचकूला। शहर के चौक बहुत जल्द दूधिया रोशनी से रोशन होंगे। इस कार्य को पूरा करने के लिए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। एजेंसी 45 लाख रुपये की लागत से बिजली के खंभे और एलईडी लाइटें लगाएगी। प्रथम चरण में रेलवे रोड और हाउसिंग बोर्ड से सेक्टर-17/18 चौक को आने वाली सड़क के दोनों किनारों पर एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। चौक और दोनों मार्ग पर बिजली के करीब 36 खंभे लगेंगे। यह खंभे साधारण नहीं होकर लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने वाले होंगे। नगर निगम के अधिकारियों ने खंभों के डिजाइन भी फाइनल कर दिए हैं। अंतिम मुहर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता का लगना बाकी है।
मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर निगम प्रयासरत है। इसी दिशा में शहर के सभी चौराहों को लाइटों से सजाने का कार्य किया जा रहा है। फिलहाल अभी एजेंसी को केवल सेक्टर-17/18 चौक, रेलवे और हाउसिंग बोर्ड से आने वाली दोनों सड़कों पर एलईडी लाइट लगाने को कहा गया है। इसके बाद जितने भी प्रवेश द्वार मार्ग हैं, सभी पर लाइटों का पुख्ता प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खंभों के जिस डिजाइन को फाइनल किया गया है, वह देखने में बहुत खूबसूरत हैं। इसके अलावा उनका वजन भी बहुत है। इस पोल को दोनों सड़कों की डिवाइडिंग के बीच लगाया जाएगा।
आंधी और तूफान में नुकसान नहीं पहुंचे इसके लिए प्रत्येक खंभे की फाउंडेशन तैयार की जाएगी, इसकी गहराई करीब आठ फुट होगी। इस कार्य को बहुत जल्द शुरू करवाया जाएगा। मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि शहर की खराब स्ट्रीट लाइटों को बदलने और ठीक करने का भी काम शुरू करवा दिया गया है। स्ट्रीट लाइट को भी स्मार्ट बनाने का फैसला किया गया है। इसके लिए निगम ने राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड से संपर्क साधा है। आरईईएल एमसी एरिया में लगी सोडियम लाइट की जगह एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाएगी। एलईडी लाइट लगाने से पहले शहर में कुल स्ट्रीट लाइटिंग और डार्क स्पॉट का सर्वे कराने के लिए एचएसवीपी ने इस एजेंसी को काम अलॉट कर रखा है। शहर में एलईडी लाइट लगाने वाली एजेंसी आरईईएल शहर की स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम को स्मार्ट बनाने के लिए कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाएगी। यह सेंटर आटोमैटिक सिस्टम से लैस होगा। शहर में कहीं भी स्ट्रीट लाइट खराब होने पर सेंटर में बैठे कर्मचारी को जानकारी मिल जाएगी।
विज्ञापन
चंडीगढ़ की तर्ज पर होगा काम
निगम के अधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ की तर्ज पर पंचकूला में भी स्मार्ट स्ट्रीट लाइट सिस्टम के तहत काम किया जाएगा। निगम की तरफ से पहले फेज के तहत सर्वे करवाया जा रहा है कि किन-किन जगहों पर स्ट्रीट लाइट बदलने की जरूरत है। निगम की तरफ से पहले फेज के तहत 22 हजार स्ट्रीट लाइट लगाए जाने की प्लानिंग है।
एनर्जी सेविंग स्कीम के तहत होगा काम
प्रोजेक्ट पर काम एनर्जी सेविंग स्कीम के तहत किया जाएगा। निगम के मुताबिक टेक्निकल विंग की तरफ से किए जा रहे सर्वे में यह खास तौर पर ध्यान रखा जाएगा कि पार्क, मार्केट, डिवाइडिंग रोड, बी रोड, सी रोड सहित अन्य अंधेरे वाली जगहों पर कितने वॉट की लाइट लगाई जा सकती है। टेक्निकल विंग की रिपोर्ट के अनुसार ही इन जगहों पर लाइट लगाई जाएगी। निगम की मानें तो वर्तमान में कई जगहों पर जरूरत के हिसाब से लाइट नहीं लगी है।
निगम ने एजेंसी से सात साल का किया समझौता
निगम ने आरईईएल एजेंसी के साथ सात साल का समझौता किया है। इसके बदले में एजेंसी पूरे एमसी एरिया में सोडियम लाइट को एलईडी में बदलेगी। निगम एरिया में अभी करीब 22,500 स्ट्रीट लाइट हैं। करीब 4000 एलईडी लाइट पहले ही लगी हैं। शेष बची 18,500 सोडियम की जगह एलईडी लाइट लगाई जानी है। इसमें सड़क पर कितनी स्ट्रीट लाइट के प्वाइंट हैं। उन पर कितना बिजली का खर्च हो रहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट कंप्यूटर में फीड की जाएगी।
खुद बंद और चालू होंगी लाइटें
अभी शहर में लगी स्ट्रीट लाइट को चालू और बंद करने के लिए निगम ने स्टाफ रखा हुआ है, लेकिन स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम में मैनुअली स्ट्रीट लाइट्स को ऑन या ऑफ करने की जरूरत नहीं रहेगी। सेंटर से ही शहर की सभी लाइट को ऑन या ऑफ किया जा सकेगा। आरईईएल एजेंसी के लिए केंद्र सरकार की तरफ से तय फाइनेंशियल मॉडल के तहत ही एग्रीमेंट किया गया है। एलईडी लाइट लगने से निगम का स्ट्रीट लाइटिंग के बिल पर हर महीने होने वाला खर्च कम होगा।
विज्ञापन
मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर निगम प्रयासरत है। इसी दिशा में शहर के सभी चौराहों को लाइटों से सजाने का कार्य किया जा रहा है। फिलहाल अभी एजेंसी को केवल सेक्टर-17/18 चौक, रेलवे और हाउसिंग बोर्ड से आने वाली दोनों सड़कों पर एलईडी लाइट लगाने को कहा गया है। इसके बाद जितने भी प्रवेश द्वार मार्ग हैं, सभी पर लाइटों का पुख्ता प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खंभों के जिस डिजाइन को फाइनल किया गया है, वह देखने में बहुत खूबसूरत हैं। इसके अलावा उनका वजन भी बहुत है। इस पोल को दोनों सड़कों की डिवाइडिंग के बीच लगाया जाएगा।
विज्ञापन
आंधी और तूफान में नुकसान नहीं पहुंचे इसके लिए प्रत्येक खंभे की फाउंडेशन तैयार की जाएगी, इसकी गहराई करीब आठ फुट होगी। इस कार्य को बहुत जल्द शुरू करवाया जाएगा। मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि शहर की खराब स्ट्रीट लाइटों को बदलने और ठीक करने का भी काम शुरू करवा दिया गया है। स्ट्रीट लाइट को भी स्मार्ट बनाने का फैसला किया गया है। इसके लिए निगम ने राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड से संपर्क साधा है। आरईईएल एमसी एरिया में लगी सोडियम लाइट की जगह एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाएगी। एलईडी लाइट लगाने से पहले शहर में कुल स्ट्रीट लाइटिंग और डार्क स्पॉट का सर्वे कराने के लिए एचएसवीपी ने इस एजेंसी को काम अलॉट कर रखा है। शहर में एलईडी लाइट लगाने वाली एजेंसी आरईईएल शहर की स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम को स्मार्ट बनाने के लिए कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाएगी। यह सेंटर आटोमैटिक सिस्टम से लैस होगा। शहर में कहीं भी स्ट्रीट लाइट खराब होने पर सेंटर में बैठे कर्मचारी को जानकारी मिल जाएगी।
विज्ञापन
चंडीगढ़ की तर्ज पर होगा काम
निगम के अधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ की तर्ज पर पंचकूला में भी स्मार्ट स्ट्रीट लाइट सिस्टम के तहत काम किया जाएगा। निगम की तरफ से पहले फेज के तहत सर्वे करवाया जा रहा है कि किन-किन जगहों पर स्ट्रीट लाइट बदलने की जरूरत है। निगम की तरफ से पहले फेज के तहत 22 हजार स्ट्रीट लाइट लगाए जाने की प्लानिंग है।
एनर्जी सेविंग स्कीम के तहत होगा काम
प्रोजेक्ट पर काम एनर्जी सेविंग स्कीम के तहत किया जाएगा। निगम के मुताबिक टेक्निकल विंग की तरफ से किए जा रहे सर्वे में यह खास तौर पर ध्यान रखा जाएगा कि पार्क, मार्केट, डिवाइडिंग रोड, बी रोड, सी रोड सहित अन्य अंधेरे वाली जगहों पर कितने वॉट की लाइट लगाई जा सकती है। टेक्निकल विंग की रिपोर्ट के अनुसार ही इन जगहों पर लाइट लगाई जाएगी। निगम की मानें तो वर्तमान में कई जगहों पर जरूरत के हिसाब से लाइट नहीं लगी है।
निगम ने एजेंसी से सात साल का किया समझौता
निगम ने आरईईएल एजेंसी के साथ सात साल का समझौता किया है। इसके बदले में एजेंसी पूरे एमसी एरिया में सोडियम लाइट को एलईडी में बदलेगी। निगम एरिया में अभी करीब 22,500 स्ट्रीट लाइट हैं। करीब 4000 एलईडी लाइट पहले ही लगी हैं। शेष बची 18,500 सोडियम की जगह एलईडी लाइट लगाई जानी है। इसमें सड़क पर कितनी स्ट्रीट लाइट के प्वाइंट हैं। उन पर कितना बिजली का खर्च हो रहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट कंप्यूटर में फीड की जाएगी।
खुद बंद और चालू होंगी लाइटें
अभी शहर में लगी स्ट्रीट लाइट को चालू और बंद करने के लिए निगम ने स्टाफ रखा हुआ है, लेकिन स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम में मैनुअली स्ट्रीट लाइट्स को ऑन या ऑफ करने की जरूरत नहीं रहेगी। सेंटर से ही शहर की सभी लाइट को ऑन या ऑफ किया जा सकेगा। आरईईएल एजेंसी के लिए केंद्र सरकार की तरफ से तय फाइनेंशियल मॉडल के तहत ही एग्रीमेंट किया गया है। एलईडी लाइट लगने से निगम का स्ट्रीट लाइटिंग के बिल पर हर महीने होने वाला खर्च कम होगा।