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चार महीने से लोगों को नहीं मिले पानी और सीवरेज के बिल
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पंचकूला। शहर के कई हिस्सों में पिछले चार महीने से पानी और सीवरेज के बिल नहीं भेजे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस फर्म को बिल बनाने का ठेका दिया गया था, उसने काम छोड़ दिया है। मैनपावर की कमी के कारण अब विभाग पूरे शहर में सीवरेज और पानी के बिल नहीं भेज पा रहा है। हालांकि अधिकारी इस समस्या का तोड़ निकालने में जुटे हैं और जल्द ही समाधान करने का दावा भी कर रहे हैं।
शहर में पानी के बिल दो तरीके से भेजे जाते हैं। जिन कनेक्शनों पर मीटर लगे हैं उनको यूनिट के अनुसार बिल भेजा जाता है। बाकी कनेक्शनों पर एवरेज के हिसाब से बिल विभाग भेजता है। बता दें कि जिले में 33458 कनेक्शन हैं। इनमें से 17024 कनेक्शन पर ही मीटर लगे हैं। इन सभी के बिल बनाने के लिए एचएसवीपी ने एक फर्म को हायर किया हुआ था। मगर अब उस फर्म ने काम करना बंद कर दिया है।
विभाग के कर्मचारी ही बना रहे बिल
जब तक किसी नई फर्म को हायर नहीं किया जाता, तब तक बिल एचएसवीपी के अधिकारियों को बनाने के ही निर्देश दिए गए हैं। बिल बनाने के अलावा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को रूटीन के अन्य काम भी करने पड़ रहे हैं। इसी कारण पूरे शहर के बिल समय पर नहीं बन पा रहे हैं। चार महीने से लोगों को पानी और सीवरेज के बिल नहीं मिले हैं।
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विभाग को रेवेन्यू लॉस, लोगों पर भार बढ़ेगा
लोगों के घरों में समय पर बिल नहीं पहुंचने के कारण इनका भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। इसी कारण विभाग को करोड़ों रुपये का रेवेन्यू लॉस हो रहा है। वहीं शहरवासियों को कई महीने का बिल एक साथ जमा करवाना पड़ेगा। इससे उन पर भी भार बढ़ रहा है।
गड़बड़ी मिली तो चक्कर काटने पड़ेंगे
चार महीने से सेक्टर-16 के घरों में पानी के बिल नहीं आ रहे हैं। कई और सेक्टर में भी यह समस्या बनी हुई है। बाद में एक साथ बिल भरने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। किसी के बिल में गड़बड़ी मिली तो उसे भी ठीक कराने के लिए चक्कर काटने पड़ेंगे।
- सुभाष पपनेजा, महासचिव, आरडब्ल्यूए सेक्टर-16
तकनीकि दिक्कत के कारण लोगों के घरों में बिल भेजने में देरी हो रही है। विभाग के कर्मचारी हर रोज ढाई से तीन लाख रुपये तक के बिल भेज रहे हैं। सोमवार के बाद बिल भेजने के काम में तेजी आएगी। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। - एनके पायल, एक्सईएन, एचएसवीपी।
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शहर में पानी के बिल दो तरीके से भेजे जाते हैं। जिन कनेक्शनों पर मीटर लगे हैं उनको यूनिट के अनुसार बिल भेजा जाता है। बाकी कनेक्शनों पर एवरेज के हिसाब से बिल विभाग भेजता है। बता दें कि जिले में 33458 कनेक्शन हैं। इनमें से 17024 कनेक्शन पर ही मीटर लगे हैं। इन सभी के बिल बनाने के लिए एचएसवीपी ने एक फर्म को हायर किया हुआ था। मगर अब उस फर्म ने काम करना बंद कर दिया है।
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विभाग के कर्मचारी ही बना रहे बिल
जब तक किसी नई फर्म को हायर नहीं किया जाता, तब तक बिल एचएसवीपी के अधिकारियों को बनाने के ही निर्देश दिए गए हैं। बिल बनाने के अलावा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को रूटीन के अन्य काम भी करने पड़ रहे हैं। इसी कारण पूरे शहर के बिल समय पर नहीं बन पा रहे हैं। चार महीने से लोगों को पानी और सीवरेज के बिल नहीं मिले हैं।
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विभाग को रेवेन्यू लॉस, लोगों पर भार बढ़ेगा
लोगों के घरों में समय पर बिल नहीं पहुंचने के कारण इनका भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। इसी कारण विभाग को करोड़ों रुपये का रेवेन्यू लॉस हो रहा है। वहीं शहरवासियों को कई महीने का बिल एक साथ जमा करवाना पड़ेगा। इससे उन पर भी भार बढ़ रहा है।
गड़बड़ी मिली तो चक्कर काटने पड़ेंगे
चार महीने से सेक्टर-16 के घरों में पानी के बिल नहीं आ रहे हैं। कई और सेक्टर में भी यह समस्या बनी हुई है। बाद में एक साथ बिल भरने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। किसी के बिल में गड़बड़ी मिली तो उसे भी ठीक कराने के लिए चक्कर काटने पड़ेंगे।
- सुभाष पपनेजा, महासचिव, आरडब्ल्यूए सेक्टर-16
तकनीकि दिक्कत के कारण लोगों के घरों में बिल भेजने में देरी हो रही है। विभाग के कर्मचारी हर रोज ढाई से तीन लाख रुपये तक के बिल भेज रहे हैं। सोमवार के बाद बिल भेजने के काम में तेजी आएगी। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। - एनके पायल, एक्सईएन, एचएसवीपी।