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पवन ने ये क्या किया
अमर उजाला पंचकूला
Updated Thu, 17 Oct 2013 02:31 AM IST
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माता-पिता बुजुर्ग हैं और चल नहीं सकते, इसलिए सेक्टर-16 निवासी एक महिला ने हेलीकॉप्टर से वैष्णों देवी जाने की योजना बनाया।
उन्होंने वैष्णो देवी जाने के लिए कटरा से हेलीकॉप्टर की पांच टिकट बुक कराईं। कटरा पहुंचने पर हेलीकॉप्टर कंपनी पवन हंस ने परिवार को बैठाने से इंकार कर दिया।
इसके बाद सभी किसी तरह से माता के दर्शन कर पंचकूला लौट आए और कंज्यूमर फोरम में शिकायत कर दी।
फोरम ने पवन हंस कंपनी और ऑनलाइन सेक्शन निहारिका भवन को रद्द किए गए टिकट के पैसे और पांच हजार रुपये जुर्माने के रूप में याचिकाकर्ता को देने के आदेश दिए हैं।
सेक्टर-16 निवासी राधिका गोयल ने फोरम में दायर अपनी याचिका में पवन हंस लिमिटेड हेलीपैड कटरा अज्ञैर ऑनलाइन सेक्शन निहारिका भवन कटरा पर आरोप लगाए थे।
याचिका में कहा था कि ऑनलाइन दस टिकट 30 मई 2011 को बुक कराई थीं।
17 जून को कटरा से वैष्णो देवी और 18 जून को वैष्णो देवी से वापस कटरा के लिए थीं। इसके लिए बकायदा 7103 रुपए क्रेडिट कार्ड से दिए गए।
बुक करने के बाद कंफर्म करने के लिए कई फोन और ई-मेल किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। टिकट बुक करते समय शर्त थी कि हेलीकॉप्टर उड़ने के एक घंटे पहले मौके पर पहुंचना होगा।
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यह शर्त भी पूरी की गई, लेकिन फिर भी उन्हें हेलीकॉप्टर से यह कहते हुए नहीं ले जाया गया कि यहां कोई टिकट बुक नहीं है। परिजन बुजुर्ग थे और उन्हें खासी परेशानी हुई।
कंपनी की तरफ से कोई साफ जवाब नहीं दिया गया।
कंपनी ने अपने पक्ष में यह दलील दी
फोरम से नोटिस के बाद पवन हंस कंपनी ने अपने पक्ष में कहा कि सभी टिकट माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर बुक होती हैं। उन्होंने याचिकाकर्ता की कोई टिकट बुक नहीं की।
जिन यात्रियों के पास वैलिड टिकट होता है, उन्हें हेलीकॉप्टर से ले जाया जाता है। यात्रियों की सूची श्राइन बोर्ड की तरफ से आती है। उनके स्टॉफ ने कोई बुरा बर्ताव नहीं किया।
ऑनलाइन सेक्शन का जवाब
फोरम में ऑनलाइन सेक्शन निहारिका भवन कटरा ने कहा कि 17 जून के लिए टिकट बुक करने के लिए छह बार ट्रांजक्शन हुआ, लेकिन सिर्फ एक बार ही ट्रांजक्शन सफल हुआ।
इसमें सिर्फ तीन टिकट बुक हुईं। इस बात की जानकारी टिकट बुक करने वाले को उसकी ई-मेल पर भेज दी गई थी, लिहाजा उनकी कोई गलती नहीं है।
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उन्होंने वैष्णो देवी जाने के लिए कटरा से हेलीकॉप्टर की पांच टिकट बुक कराईं। कटरा पहुंचने पर हेलीकॉप्टर कंपनी पवन हंस ने परिवार को बैठाने से इंकार कर दिया।
इसके बाद सभी किसी तरह से माता के दर्शन कर पंचकूला लौट आए और कंज्यूमर फोरम में शिकायत कर दी।
फोरम ने पवन हंस कंपनी और ऑनलाइन सेक्शन निहारिका भवन को रद्द किए गए टिकट के पैसे और पांच हजार रुपये जुर्माने के रूप में याचिकाकर्ता को देने के आदेश दिए हैं।
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सेक्टर-16 निवासी राधिका गोयल ने फोरम में दायर अपनी याचिका में पवन हंस लिमिटेड हेलीपैड कटरा अज्ञैर ऑनलाइन सेक्शन निहारिका भवन कटरा पर आरोप लगाए थे।
याचिका में कहा था कि ऑनलाइन दस टिकट 30 मई 2011 को बुक कराई थीं।
17 जून को कटरा से वैष्णो देवी और 18 जून को वैष्णो देवी से वापस कटरा के लिए थीं। इसके लिए बकायदा 7103 रुपए क्रेडिट कार्ड से दिए गए।
बुक करने के बाद कंफर्म करने के लिए कई फोन और ई-मेल किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। टिकट बुक करते समय शर्त थी कि हेलीकॉप्टर उड़ने के एक घंटे पहले मौके पर पहुंचना होगा।
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यह शर्त भी पूरी की गई, लेकिन फिर भी उन्हें हेलीकॉप्टर से यह कहते हुए नहीं ले जाया गया कि यहां कोई टिकट बुक नहीं है। परिजन बुजुर्ग थे और उन्हें खासी परेशानी हुई।
कंपनी की तरफ से कोई साफ जवाब नहीं दिया गया।
कंपनी ने अपने पक्ष में यह दलील दी
फोरम से नोटिस के बाद पवन हंस कंपनी ने अपने पक्ष में कहा कि सभी टिकट माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर बुक होती हैं। उन्होंने याचिकाकर्ता की कोई टिकट बुक नहीं की।
जिन यात्रियों के पास वैलिड टिकट होता है, उन्हें हेलीकॉप्टर से ले जाया जाता है। यात्रियों की सूची श्राइन बोर्ड की तरफ से आती है। उनके स्टॉफ ने कोई बुरा बर्ताव नहीं किया।
ऑनलाइन सेक्शन का जवाब
फोरम में ऑनलाइन सेक्शन निहारिका भवन कटरा ने कहा कि 17 जून के लिए टिकट बुक करने के लिए छह बार ट्रांजक्शन हुआ, लेकिन सिर्फ एक बार ही ट्रांजक्शन सफल हुआ।
इसमें सिर्फ तीन टिकट बुक हुईं। इस बात की जानकारी टिकट बुक करने वाले को उसकी ई-मेल पर भेज दी गई थी, लिहाजा उनकी कोई गलती नहीं है।