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Panchkula News: केमिस्टों की हड़ताल से मरीजों को नहीं मिली दवाएं, तीमारदार लगाते रहे दुकानों के चक्कर
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पंचकूला। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ जोन की ओर से पंचकूला में तीन लाइसेंसी थोक विक्रेताओं को गिरफ्तार करने और चार को नोटिस देने के खिलाफ मंगलवार को पंचकूला केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिले में केमिस्टों की हड़ताल रही। इस दौरान केमिस्टों ने एकजुट होकर सुबह 8 से 10 बजे तक अपनी दवा की दुकानें बंद रखी। इससे सिविल अस्पताल में आने वाले और बाहर के क्लीनिकों के मरीजों को दवा लेने में बड़ी दिक्कत हुई। इस दौरान पंचकूला केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने सेक्टर-7/8 और 17/18 के चौक पर सुबह दो घंटे जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पंचकूला ही नहीं बल्कि कालका, पिंजौर, मोरनी और रायपुररानी और बरवाला में भी केमिस्ट शॉप्स बंद रहीं। इस कारण दवा के लिए तीमारदार और मरीज परेशान होते रहे और उनको बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ा। इस हड़ताल के कारण लोगों को दवाएं 11 बजे के बाद ही दुकानों से दवाएं मिल पाई। जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल में भर्ती मरीजों के तिमारदार सुबह ही दुकानों पर दवा लेने के लिए पहुंच गए थे। लेकिन वहां जाकर उन्हें हड़ताल के कारण दुकानें बंद होने का पता चला तो वह इधर-उधर भटकते रहे।
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में रोजाना करीब 4000 मरीज इलाज करवाने पहुंचते हैं। सुबह ओपीडी में 8 बजे से मरीज इलाज के लिए आने लगते हैं। यहां आए मरीजों को इलाज के बाद डॉक्टर की ओर से दवा लिखी गई थी, लेकिन उन्हें कहीं नहीं मिली।
आंखों के लिए दवा नहीं मिली
मेरी आंख का ऑपरेशन करीब एक महीने पहले सिविल अस्पता में हुआ था। डॉक्टर ने आंखों में डालने वाली दवा खत्म होने के बाद दोबारा लेने के लिए कहा था। दवा खत्म होने के कारण आंख में दर्द था। दवा तीन घंटे बाद मिली इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। -मोहन लाल, निवासी रायपुररानी
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सिरदर्द और बुखार की दवा नहीं मिली
मुझे तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने के साथ सिर में दर्द भी था। बहुत ज्यादा तकलीफ होने के बाद दवा लेने गया तो दुकान बंद मिली। इसके बाद शहर में कई जगह गया लेकिन दवा नहीं मिली तो इसके बाद किसी के कहने पर दवा लेने मनीमाजरा गया। इस कारण इलाज में देरी हुई। - मोहर पाल, निवासी मौलीजागरां
दवा के लिए तीन घंटे चक्कर लगाया
मैंने सिविल अस्पताल में सुबह डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा खरीदने के लिए तीन घंटे चक्कर लगाया। पेट दर्द और सिर दर्द होने के कारण परेशानी बनी रही। दवा विक्रेताओंं ने दुकानें देरी से खोली। इस कारण दिक्कत सहन करनी पड़ी। -राम नारायण शर्मा, निवासी जीरकपुर
न्यूरो की दवा देरी से मिली
मुझे तीन महीने से सिर में दर्द हो रहा है और डॉक्टर ने टेस्ट करवाने के बाद मेरे सिर की नसों में सूजन बताई है। सूजन होने के बाद इलाज सिविल अस्पताल से ही चल रहा है। इलाज कराने के बाद दवा खत्म थी। दवा देरी से मिलने के कारण परेशानी हुई है। -समरचंद, निवासी पंचकूला
यह है हड़ताल का कारण
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ जोन की ओर से पंचकूला के तीन लाइसेंसी दवा थोक विक्रेताओं संजय भारती, दीपक शर्मा और नरेश सरदाना की गिरफ्तारी करने और चार थोक विक्रेताओंं को नोटिस देने पर पंचकूला जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने विरोध जताया है। पंचकूला जिला केमिस्ट एसोसिएशन के पैटर्न बीबी सिंघल, प्रधान महिंदर कक्कड़ सहित 200 दवा व्यापारियों ने श्रृंखलाबद्ध होकर पंचकूला के सेक्टर 7/8 और 17/18 के चौक पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पॉर्शल लाइसेंस धारक पर एनआरएक्स दवाइयां बेचने पर एनसीबी ने कार्रवाई की है। सभी रिकॉर्ड एनसीसी को उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बाद दवा व्यापारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर यह हड़ताल नहीं रुकेगी तो अनिश्चितकालीन धरना देंगे और दुकानें बंद रखेंगे। वहीं, चंडीगढ़ के सेक्टर-10 मटका चौक और मोहाली के फेज-7/8 के लाइट पॉइंट पर सांकेतिक धरना दिया गया।
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पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में रोजाना करीब 4000 मरीज इलाज करवाने पहुंचते हैं। सुबह ओपीडी में 8 बजे से मरीज इलाज के लिए आने लगते हैं। यहां आए मरीजों को इलाज के बाद डॉक्टर की ओर से दवा लिखी गई थी, लेकिन उन्हें कहीं नहीं मिली।
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आंखों के लिए दवा नहीं मिली
मेरी आंख का ऑपरेशन करीब एक महीने पहले सिविल अस्पता में हुआ था। डॉक्टर ने आंखों में डालने वाली दवा खत्म होने के बाद दोबारा लेने के लिए कहा था। दवा खत्म होने के कारण आंख में दर्द था। दवा तीन घंटे बाद मिली इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। -मोहन लाल, निवासी रायपुररानी
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सिरदर्द और बुखार की दवा नहीं मिली
मुझे तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने के साथ सिर में दर्द भी था। बहुत ज्यादा तकलीफ होने के बाद दवा लेने गया तो दुकान बंद मिली। इसके बाद शहर में कई जगह गया लेकिन दवा नहीं मिली तो इसके बाद किसी के कहने पर दवा लेने मनीमाजरा गया। इस कारण इलाज में देरी हुई। - मोहर पाल, निवासी मौलीजागरां
दवा के लिए तीन घंटे चक्कर लगाया
मैंने सिविल अस्पताल में सुबह डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा खरीदने के लिए तीन घंटे चक्कर लगाया। पेट दर्द और सिर दर्द होने के कारण परेशानी बनी रही। दवा विक्रेताओंं ने दुकानें देरी से खोली। इस कारण दिक्कत सहन करनी पड़ी। -राम नारायण शर्मा, निवासी जीरकपुर
न्यूरो की दवा देरी से मिली
मुझे तीन महीने से सिर में दर्द हो रहा है और डॉक्टर ने टेस्ट करवाने के बाद मेरे सिर की नसों में सूजन बताई है। सूजन होने के बाद इलाज सिविल अस्पताल से ही चल रहा है। इलाज कराने के बाद दवा खत्म थी। दवा देरी से मिलने के कारण परेशानी हुई है। -समरचंद, निवासी पंचकूला
यह है हड़ताल का कारण
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ जोन की ओर से पंचकूला के तीन लाइसेंसी दवा थोक विक्रेताओं संजय भारती, दीपक शर्मा और नरेश सरदाना की गिरफ्तारी करने और चार थोक विक्रेताओंं को नोटिस देने पर पंचकूला जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने विरोध जताया है। पंचकूला जिला केमिस्ट एसोसिएशन के पैटर्न बीबी सिंघल, प्रधान महिंदर कक्कड़ सहित 200 दवा व्यापारियों ने श्रृंखलाबद्ध होकर पंचकूला के सेक्टर 7/8 और 17/18 के चौक पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पॉर्शल लाइसेंस धारक पर एनआरएक्स दवाइयां बेचने पर एनसीबी ने कार्रवाई की है। सभी रिकॉर्ड एनसीसी को उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बाद दवा व्यापारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर यह हड़ताल नहीं रुकेगी तो अनिश्चितकालीन धरना देंगे और दुकानें बंद रखेंगे। वहीं, चंडीगढ़ के सेक्टर-10 मटका चौक और मोहाली के फेज-7/8 के लाइट पॉइंट पर सांकेतिक धरना दिया गया।