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शिक्षा सदन के समक्ष धरना देने की नहीं मिली अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला।
Updated Tue, 15 Mar 2016 08:30 PM IST
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एक महिला सहित सात जेबीटी शिक्षक मंगलवार को 9455 चयनित शिक्षकों की ज्वाइनिंग के लिए पंचकूला में आमरण अनशन पर बैठ गए। कांग्रेस सरकार में चयनित हुए जेबीटी शिक्षकों ने ऐलान किया है कि वे तब तक अनशन पर रहेंगे, जब तक ज्वाइन कराने के आदेश हरियाणा सरकार नहीं देगी।
हालांकि चयनित जेबीटी शिक्षक पंचकूला के शिक्षा सदन के सामने अनशन करना चाहते थे,लेकिन इसके लिए उन्हें अनुमति नहीं मिली। मंगलवार को यहां सात शिक्षक अनशन पर बैठे।
इस मौके पर 100 से अधिक चयनित जेबीटी शिक्षक धरनास्थल पर पहुंचे। ये धरना हैफेड ग्राऊंड में शुरू किया गया है। अनशन पर बैठे जींद निवासी संदीप कुमार, झज्जर वासी मंदीप देशवाल, भिवानी वासी अमित वर्मा, संदीप पिलानिया, धर्मवीर लठवाल व सोनिया ने बताया नियुक्ति हुए दो साल होने जा रहे हैं।
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29 मार्च 2015 को करनाल में न्याय महा रैली भी कर चुके हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने आश्वासन दिया था कि 77 दिनों के भीतर ज्वाइन कराया जाएगा, लेकिन एक साल हो चुका है।
आज तक ज्वाइनिंग के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। अनशन के दौरान शकुंतला, मीना, कांता, नीरू, सर्वप्रीत संधू, रोजी, सुनीता, किशोर जावलिया, आनंद कलकल, रणवीर मलिक, जितेंद्र मलिक, हरेंद्र मलिक, नवीन शर्मा, वीरेंद्र धनखड़ी मौजूद रहे।
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हालांकि चयनित जेबीटी शिक्षक पंचकूला के शिक्षा सदन के सामने अनशन करना चाहते थे,लेकिन इसके लिए उन्हें अनुमति नहीं मिली। मंगलवार को यहां सात शिक्षक अनशन पर बैठे।
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इस मौके पर 100 से अधिक चयनित जेबीटी शिक्षक धरनास्थल पर पहुंचे। ये धरना हैफेड ग्राऊंड में शुरू किया गया है। अनशन पर बैठे जींद निवासी संदीप कुमार, झज्जर वासी मंदीप देशवाल, भिवानी वासी अमित वर्मा, संदीप पिलानिया, धर्मवीर लठवाल व सोनिया ने बताया नियुक्ति हुए दो साल होने जा रहे हैं।
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29 मार्च 2015 को करनाल में न्याय महा रैली भी कर चुके हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने आश्वासन दिया था कि 77 दिनों के भीतर ज्वाइन कराया जाएगा, लेकिन एक साल हो चुका है।
आज तक ज्वाइनिंग के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। अनशन के दौरान शकुंतला, मीना, कांता, नीरू, सर्वप्रीत संधू, रोजी, सुनीता, किशोर जावलिया, आनंद कलकल, रणवीर मलिक, जितेंद्र मलिक, हरेंद्र मलिक, नवीन शर्मा, वीरेंद्र धनखड़ी मौजूद रहे।