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धान-मक्की में आई बीमारी, किसान परेशान, हुआ कर्जदार

Mon, 29 Aug 2022 01:57 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 29 Aug 2022 01:57 AM IST
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Paddy-maize disease, farmer upset, indebted
रायपुररानी। धान और मक्की की फसल में आई गंभीर बीमारी से रायपुररानी ब्लॉक के सभी किसान बेहद परेशान हैं। पीड़ित किसान प्रदेश सरकार, एग्रीकल्चर विभाग और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर किसानों ने अपने खेत में बेकार हुई फसल को ट्रैक्टर से नष्ट कर दिया है।
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किसानों का कहना है कि एक तरफ पशु बीमार हैं, दूसरी तरफ खेतों में धान और मक्की में आई बीमारी ने उनको तबाह कर दिया है। सरकार को चाहिए कि स्पेशल गिरदावरी करवाकर उनको राहत दी जाए। गांव मीरपुर से किसान लवली, जगीर सिंह रत्ता टिब्बी, बलजीत सिंह, हरविंद्र शर्मा खेड़ी, महिला किसान कविता, सारिका, रीतू, सुलोचना का कहना है कि धान और मक्की के पौधों में वृद्धि नहीं होने से सभी परेशान हैं। इस कारण सरकार को जल्द से जल्द मुआवजे की घोषणा करनी चाहिए।
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धान की फसल खराब हो गई है। इसे कुदरत की मार कहें या बदकिस्मती। गेहूं की फसल कम होने पर धान से आस थी, लेकिन पांच एकड़ पर कर्जा उठाकर खेती करने के बाद इसने भी धोखा दे दिया है। - अजमेर सिंह प्यारेवाला, किसान
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कोरोना काल से लेकर अब तक किसान वर्ग पर कई गुणा कर्जा चढ़ गया है। सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण फसल का कार्य सभी के लिए घाटे का सौदा बन गया। - रौनकी राम गांव टपरियां, किसान
जिला प्रशासन और सरकार के समक्ष गुहार लगाने के बाद भी अभी तक कोई समाधान नही हुआ है। कोई भी अधिकारी फसल का आंकलन करने के लिए नहीं पहुंचा है। अब कल ही ट्रैक्टर चलाकर खेत खाली कर दूंगा। -- प्रेमचंद गांव टपरियां।
धान की फसल पैदा करने के लिए एक एकड़ पर करीब चालीस से पचास हजार रुपये का खर्च आता है। इस बार गंभीर बीमारी सभी किसानों के लिए बेहद घाटे का सौदा बन गई है। किसान कर्जे में पूरी तरह से डूब गया है। --बविंद्र गुज्जर, मुरादनगर।

-- हेड ऑफिस से मिले निर्देश के अनुसार अभी विभागीय टीम सभी गांवों में पहुंचकर खराब हुई फसल के खेत और मालिक का ब्योरा तैयार कर रही है। 31 अगस्त के बाद रिपोर्ट भेज दी जाएगी। इसके बाद सरकार द्वारा फैसला लिया जाएगा। बीज और पेस्टीसाइड का बिल लेना किसान का अधिकार और दुकानदार का कर्त्तव्य है। सभी को बिल के साथ ही सामान लेना चाहिए। यदि कोई दुकानदार बिल देने में आनाकानी करे तो किसान अथवा जमीदार उसकी शिकायत स्थानीय कार्यालय में दर्ज करवाएं। - बलजीत सिंह, एटीएम, एग्रीकल्चर विभाग रायपुररानी ब्लॉक
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