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Panchkula News: पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कैंपों की संख्या बढ़ाई
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देशों के बाद, राहत कैंपों की संख्या 127 से बढ़ाकर 183 कर दी गई है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों तक खाने-पीने का सामान और जरूरी दवाएं पहुंचाने का काम भी तेज कर दिया गया है।सरकारी प्रवक्ता ने वीरवार को बताया कि 13 जुलाई सुबह 8 बजे तक 14 जिलों के 1159 गांव बाढ़ प्रभावित हुए हैं। बुधवार तक यह संख्या 1058 थी। इसके अलावा कई जिलों के शहर और कस्बे भी बाढ़ से प्रभावित हैं। इनके लिए कुल 183 राहत कैंपों की स्थापना की गई है। इनमें 25 कैंप पटियाला में, 16 रूपनगर में और 7 कैंप मोगा में चल रहे हैं। इसी तरह लुधियाना, होशियारपुर व संगरूर में 3-3, मोहाली में 22, एसबीएस नगर में 2, फिरोजपुर में 36, तरनतारन में 7, जालंधर में 51 और कपूरथला में 18 राहत कैंप स्थापित किए गए हैं।
बुधवार तक जालंधर में 33 और फिरोजपुर में राहत कैंपों की संख्या क्रमशः 33 और 18 थी। प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में अब तक 18802 बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। पटियाला में 13518, रूपनगर में 2200, मोगा में 155, लुधियाना में 300, मोहाली में 1400, एसबीएस नगर में 200, फतेहगढ़ साहिब में 500, तरनतारन में 19 और जालंधर जिले में 510 लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है।
इस समय राज्य के 14 जिले- पटियाला, जालंधर, कपूरथला, पठानकोट, तरनतारन, फ़िरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, होशियारपुर, रूपनगर, मोगा, लुधियाना, मोहाली और संगरूर बाढ़ का प्रकोप झेल रहे हैं।
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उधर, पशु पालन विभाग की तरफ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 630 पशुओं का इलाज किया गया है और 2896 पशुओं का टीकाकरण किया गया। ज्यादातर जिलों ने अपनी एचएस टीकाकरण मुहिम पूरी कर ली है। राहत कामों में लगीं टीमें जरूरतमंद पशुओं का इलाज, फीड सप्लाई और चारा आदि मुहैया करवाने के लिए 24 घंटे काम कर रही हैं।
दूसरी तरफ, स्वास्थ्य विभाग की 315 रैपिड रिस्पांस टीमें (आरआरटी) बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने में जुटी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में 186 मेडिकल कैंप लगाए हैं और अब तक कुल ओपीडी 6235 हैं। वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाने-पीने का सामान पहुंचाने के लिए खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग द्वारा सूखे भोजन के 40000 पैकेट तैयार किए जा रहे हैं जबकि 23,600 सूखे भोजन के पैकेट बांटे जा चुके हैं।
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बुधवार तक जालंधर में 33 और फिरोजपुर में राहत कैंपों की संख्या क्रमशः 33 और 18 थी। प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में अब तक 18802 बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। पटियाला में 13518, रूपनगर में 2200, मोगा में 155, लुधियाना में 300, मोहाली में 1400, एसबीएस नगर में 200, फतेहगढ़ साहिब में 500, तरनतारन में 19 और जालंधर जिले में 510 लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है।
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इस समय राज्य के 14 जिले- पटियाला, जालंधर, कपूरथला, पठानकोट, तरनतारन, फ़िरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, होशियारपुर, रूपनगर, मोगा, लुधियाना, मोहाली और संगरूर बाढ़ का प्रकोप झेल रहे हैं।
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उधर, पशु पालन विभाग की तरफ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 630 पशुओं का इलाज किया गया है और 2896 पशुओं का टीकाकरण किया गया। ज्यादातर जिलों ने अपनी एचएस टीकाकरण मुहिम पूरी कर ली है। राहत कामों में लगीं टीमें जरूरतमंद पशुओं का इलाज, फीड सप्लाई और चारा आदि मुहैया करवाने के लिए 24 घंटे काम कर रही हैं।
दूसरी तरफ, स्वास्थ्य विभाग की 315 रैपिड रिस्पांस टीमें (आरआरटी) बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने में जुटी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में 186 मेडिकल कैंप लगाए हैं और अब तक कुल ओपीडी 6235 हैं। वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाने-पीने का सामान पहुंचाने के लिए खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग द्वारा सूखे भोजन के 40000 पैकेट तैयार किए जा रहे हैं जबकि 23,600 सूखे भोजन के पैकेट बांटे जा चुके हैं।