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नंबर बढ़ाने का मामला : एचसीएस नागर के हाथ में थी मास्टर की, स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की पूछताछ में बड़ा खुलासा
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पंचकूला। डेंटल सर्जन की लिखित परीक्षा में नंबर बढ़ाने के लिए लाखों रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार हरियाणा लोक सेवा आयोग के उप सचिव अनिल नागर ने हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो की पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। नागर ने पांच घंटे की पूछताछ में बताया कि डेंटल सर्जन और एससीएस भर्ती की मास्टर चाबी उसके हाथ में थी। वह झज्जर निवासी अश्वनी के साथ मिलकर अंक बढ़ाने के खेल को अंजाम देता था।
हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी सरीफ सिंह ने बताया कि शनिवार को तीनों आरोपियों से कई राउंड में पूछताछ की गई है। वहीं, उप सचिव नागर के आकाओं की तलाश तेज कर दी गई है। एजेंसी के मालिक जसबीर सिंह को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब तीन से चार घंटे चली पूछताछ में नागर ने बताया कि वह अश्वनी के साथ मिलकर शीट निकालकर स्कैनिंग करता था। इसके बाद अंक बढ़ाने के खेल को अंजाम देने के बाद री-स्कैनिंग करता था। सरीफ सिंह के मुताबिक पहले राउंड में तो आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की गई। इसके बाद दूसरे राउंड में एक-दूसरे को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ हुई। तीसरे राउंड में एक बार फिर सभी से एक-एक करके पूछताछ की गई है।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। विजिलेंस ब्यूरो के रडार पर इस मामले से जुड़ी बड़ी मछलियां हैं। ये खंगाला जा रहा है कि उप सचिव किसकी शह पर आयोग की भर्तियों में नंबर बढ़ाने के लिए पैसे लेता था। पैसा किस किस को जाता था, इसकी भी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। जांच अधिकारी नागर से यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि उनके सिर पर किसका हाथ है। जांच अधिकारियों ने नागर के करीबियों, जानकारों व मोबाइल पर अधिक बात करने वालों को सूचीबद्ध कर पूछताछ के लिए बुलाना शुरू कर दिया है। नागर के जब्त मोबाइल फोन, काल डिटेल समेत बरामद किए गए दस्तावेजों के आधार पर विजिलेंस की जांच आगे बढ़ रही है।
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शुक्रवार को मामले की जांच कर रहे एसपी हिमांशु गर्ग, डीएसपी सरीफ सिंह व उनकी टीम ने नागर के दोस्तों और सगे संबंधियों से गहन पूछताछ की। कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इनमें एचपीएससी के कुछ कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं। विजिलेंस का मानना है कि अकेला अधिकारी इतनी बड़ी रकम और इतना बड़ा फर्जीवाड़ा नहीं कर सकता है।
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हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी सरीफ सिंह ने बताया कि शनिवार को तीनों आरोपियों से कई राउंड में पूछताछ की गई है। वहीं, उप सचिव नागर के आकाओं की तलाश तेज कर दी गई है। एजेंसी के मालिक जसबीर सिंह को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब तीन से चार घंटे चली पूछताछ में नागर ने बताया कि वह अश्वनी के साथ मिलकर शीट निकालकर स्कैनिंग करता था। इसके बाद अंक बढ़ाने के खेल को अंजाम देने के बाद री-स्कैनिंग करता था। सरीफ सिंह के मुताबिक पहले राउंड में तो आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की गई। इसके बाद दूसरे राउंड में एक-दूसरे को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ हुई। तीसरे राउंड में एक बार फिर सभी से एक-एक करके पूछताछ की गई है।
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उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। विजिलेंस ब्यूरो के रडार पर इस मामले से जुड़ी बड़ी मछलियां हैं। ये खंगाला जा रहा है कि उप सचिव किसकी शह पर आयोग की भर्तियों में नंबर बढ़ाने के लिए पैसे लेता था। पैसा किस किस को जाता था, इसकी भी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। जांच अधिकारी नागर से यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि उनके सिर पर किसका हाथ है। जांच अधिकारियों ने नागर के करीबियों, जानकारों व मोबाइल पर अधिक बात करने वालों को सूचीबद्ध कर पूछताछ के लिए बुलाना शुरू कर दिया है। नागर के जब्त मोबाइल फोन, काल डिटेल समेत बरामद किए गए दस्तावेजों के आधार पर विजिलेंस की जांच आगे बढ़ रही है।
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शुक्रवार को मामले की जांच कर रहे एसपी हिमांशु गर्ग, डीएसपी सरीफ सिंह व उनकी टीम ने नागर के दोस्तों और सगे संबंधियों से गहन पूछताछ की। कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इनमें एचपीएससी के कुछ कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं। विजिलेंस का मानना है कि अकेला अधिकारी इतनी बड़ी रकम और इतना बड़ा फर्जीवाड़ा नहीं कर सकता है।