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Haryana: हरियाणा के नौ नगर निगम कानूनन हैं नगर परिषद, हरियाणा म्यूनिसिपल कानून में संशोधन से अस्तित्व पर संकट
Thu, 22 Sep 2022 02:36 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Sep 2022 02:36 AM IST
सार
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि कानून में संशोधन से नौ जिला मुख्यालयों पर स्थापित नगर निगमों का कानूनी अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। इनमें अंबाला, पंचकूला, करनाल, पानीपत, यमुनानगर, हिसार, रोहतक, सोनीपत और गुरुग्राम नगर निगम शामिल हैं।
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पानीपत नगर निगम की इमारत।
- फोटो : फाइल
विस्तार
हरियाणा के जिला मुख्यालयों पर स्थित नौ नगर निगम दो साल से कानूनन नगर परिषद हैं। सुनने में भले यह अजीब लगे, लेकिन कानूनन यही सही है। नूंह को नगर परिषद बनाने के समय हुई कानूनी गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ, जिसे आज तक सुधारा नहीं गया। कानून में उल्लेख है कि हर जिला मुख्यालय पर स्थित निकाय नगर परिषद होगा।
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प्रदेश में 19 सितंबर 2020 से हरियाणा म्युनिसिपल (संशोधन) कानून, 2020 लागू हुआ। इसे नूंह नगरपालिका को नगर परिषद बनाने के लिए अमल में लाया गया। 12 फरवरी 2021 को नूंह नगर परिषद बन गई। जनसंख्या कम होने के कारण कानूनी रूप से नूहं नगरपालिका को नगर परिषद घोषित नहीं किया जा सकता था, चूंकि शहरी क्षेत्र में नगर परिषद के लिए न्यूनतम 50 हजार की आबादी जरूरी है। नूंह को नगर परिषद बनाने के लिए हरियाणा म्यूनिसिपल कानून, 1973 की धारा-2 ए में संशोधन किया गया। विधानसभा में संशोधन के बाद इस धारा में यह उल्लेख किया गया कि किसी जिला मुख्यालय पर स्थित नगर निकाय जनसंख्या पर विचार किए बिना नगर परिषद होगी।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि इस संशोधन से नौ जिला मुख्यालयों पर स्थापित नगर निगमों का कानूनी अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। इनमें अंबाला, पंचकूला, करनाल, पानीपत, यमुनानगर, हिसार, रोहतक, सोनीपत और गुरुग्राम नगर निगम शामिल हैं। फरीदाबाद नगर निगम का स्पष्ट उल्लेख हरियाणा नगर निगम कानून, 1994 की धारा-3 में किया गया है, इसलिए उसका कानूनी अस्तित्व बच गया है। दिसंबर, 2020 में अधिसूचित मानेसर नगर निगम भी कानूनन वैध है, क्योंकि मानेसर जिला मुख्यालय नहीं है।
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निकाय मंत्री, निदेशक को सुधार के लिए लिखा पत्र
हेमंत बीते दो वर्षों से शहरी निकाय विभाग के तत्कालीन मंत्री अनिल विज, मौजूदा मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, प्रशासनिक सचिव और निदेशक को पत्र लिखकर हरियाणा म्युनिसिपल कानून, 1973 की धारा 2-ए में दोबारा संशोधन करने की मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि संशोधन के बाद ही कानूनी तौर पर नौ नगर निगमों का अस्तित्व कायम रहेगा।