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Panchkula News: नेताजी संभल के, कहीं गिर न जाएं लटके बिजली के तार
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मोहाली। लोकसभा चुनाव के लिए नेता डोर-टू-डोर प्रचार करने में व्यस्त हैं। यह बात अलग है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में इलाकों में काम कराए या नहीं, लेकिन चुनिंदा लोगों के साथ हर गली और कस्बे में इन दिनों छोटी-छोटी भीड़ के साथ वोट मांगते हुए देखे जा रहे हैं। इस माहौल में बलौंगी, बड़माजरा और जुझार नगर के लोग नेताओं और उनके वर्करों को आगाह कर रहे हैं कि उनकी गलियों में जब वो आएं तो सावधानी से आएं, क्योंकि यहां बिजली के तार आफत बनकर लटक रहे हैं। लोगों का कहना है कि नेताजी संभलकर आना, कहीं बिजली के तार ऊपर न गिर जाएं। उनका कहना है कि हाईटेंशन तार और घरों के बिजली के तार के साए में वह भी बड़ी सावधानी रहते हैं, जरा सी चूक में जान पर बन आती है। बता दें कि बलौंगी मोहाली का सबसे बड़ा गांव है और जुझार नगर को बसे वर्षों गुजर चुके हैं, यहां कंस्ट्रक्शन तो बढ़ता गया पर सुविधाएं नहीं बढ़ीं। लोगों का कहना है कि सरकारें आती हैं और चली जाती हैं लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होता।
बलौंगी की आबादी करीब 22 हजार है, वहीं जुझार नगर और बड़माजरा की आबादी भी करीब 20 हजार है। सारी आबादी डर के साए में जी रही है। एक ओर जुझार नगर तारों के जंजाल में उलझा है, वहीं दूसरी ओर बलौंगी भी हाईटेंशन वायर और बिजली की तारों के साए में डरकर जिंदगी काट रहा है। लोगों तंज कस रहे हैं कि अबकी बार चुनावी प्रचार के लिए आने वाले नेता संभल कर ही आएं। क्योंकि चुनाव जीतने के बाद कोई यहां से गुजरता तक नहीं है।
कोट्स
चुनाव के समय नेता लोग यहां वोट मांगने आते हैं। प्रचार करते हैं, समस्याओं का निदान करने का वादा करते हैं, लेकिन हालात जस के तस रहते हैं।
टीपी सिंह,
बलौंगी में काफी समय से यह समस्या है। हाईटेंशन वायर घरों के ठीक ऊपर से गुजर रही है और नीचे जमीन पर मीटर खुले पड़े हैं। दुर्घटना कभी भी हो सकती है।
लाल बहादुर यादव, निवासी, बलौंगी
हर चुनाव के दौरान हम इस समस्या को उठाते हैं, लेकिन उस समय आश्वासन देने के बाद कोई मुड़कर नहीं आता है। हमें लगता है कि यह किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
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शीला देवी, निवासी, बलौंगी
अजीब सी स्थिति बन चुकी है। गांव के लोगों ने इस संबंध में कई बार पावरकाॅम के अधिकारियों को लिखा भी और मिले भी, लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ।
अरुण कुमार शर्मा, निवासी, बलौंगी
हमने समस्या बिजली विभाग के अधिकारियों को बताई, नेताओं को भी इसकी जानकारी दी, अब तक कोई हल नहीं निकला। ऐसे में हम चुनाव प्रचार के लिए आने वालों पर कैसे विश्वास करें।
आरिफ अंसारी, निवासी, जुझार नगर
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बलौंगी की आबादी करीब 22 हजार है, वहीं जुझार नगर और बड़माजरा की आबादी भी करीब 20 हजार है। सारी आबादी डर के साए में जी रही है। एक ओर जुझार नगर तारों के जंजाल में उलझा है, वहीं दूसरी ओर बलौंगी भी हाईटेंशन वायर और बिजली की तारों के साए में डरकर जिंदगी काट रहा है। लोगों तंज कस रहे हैं कि अबकी बार चुनावी प्रचार के लिए आने वाले नेता संभल कर ही आएं। क्योंकि चुनाव जीतने के बाद कोई यहां से गुजरता तक नहीं है।
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चुनाव के समय नेता लोग यहां वोट मांगने आते हैं। प्रचार करते हैं, समस्याओं का निदान करने का वादा करते हैं, लेकिन हालात जस के तस रहते हैं।
टीपी सिंह,
बलौंगी में काफी समय से यह समस्या है। हाईटेंशन वायर घरों के ठीक ऊपर से गुजर रही है और नीचे जमीन पर मीटर खुले पड़े हैं। दुर्घटना कभी भी हो सकती है।
लाल बहादुर यादव, निवासी, बलौंगी
हर चुनाव के दौरान हम इस समस्या को उठाते हैं, लेकिन उस समय आश्वासन देने के बाद कोई मुड़कर नहीं आता है। हमें लगता है कि यह किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
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शीला देवी, निवासी, बलौंगी
अजीब सी स्थिति बन चुकी है। गांव के लोगों ने इस संबंध में कई बार पावरकाॅम के अधिकारियों को लिखा भी और मिले भी, लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ।
अरुण कुमार शर्मा, निवासी, बलौंगी
हमने समस्या बिजली विभाग के अधिकारियों को बताई, नेताओं को भी इसकी जानकारी दी, अब तक कोई हल नहीं निकला। ऐसे में हम चुनाव प्रचार के लिए आने वालों पर कैसे विश्वास करें।
आरिफ अंसारी, निवासी, जुझार नगर