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Panchkula News: न तो अधिकारी उपस्थित हुए न ही रिकार्ड किया प्रस्तुत

Sat, 29 Apr 2023 01:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Apr 2023 01:26 AM IST
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Neither the officer appeared nor produced the record
दीपक शाहीपंचकूला। नगर निगम के चार प्रोजेक्टों (ई-रिक्शा की खरीद फरोख्त, डंपिंग ग्राउंड से उठने वाले कूड़े की मात्रा, सफाई करने वाली वैक्यूम मशीन) में संभावित धांधली के प्रतियुत्तर में नगर निगम में अधिकारी न तो उपस्थित हुए न ही कोई रिकार्ड प्रस्तुुत किया। नगर निगम के तीन अधिकारियों को यूएलबी के चीफ विजिलेंस अधिकारी ने 27 अप्रैल को रिकार्ड तलब किया था। नगर निगम की तरफ से यूएलबी के चीफ विजिलेंस अधिकारी को पत्र के जरिए डीएमसी के ट्रांसफर का हवाला दिया गया है। इन तीनों प्रोजेक्टों का रिकार्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। अब अगली सुनवाई 9 मई 2023 को होनी है। इन प्रोजेक्टों में अनियमितताओं की शिकायत विकास मंच पंचकूला ने यूएलबी विजिलेंस चीफ को दी थी।
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प्रोजेक्ट नंबर एक
नाइट सफाई मशीनों से समझौते के मुताबिक नहीं लिया गया काम
दो सालों में रात को सुनाइट स्विपिंग मशीनों से समझौते के मुताबिक काम नहीं लिया गया। इस पर विकास मंच ने सवाल उठाकर पूछा है कि अगर सही तरीके से एग्रीमेंट के अनुसार सभी सड़कों की सफाई इन मशीनों से नहीं करवानी है तो इनकी जरूरत ही क्या है। इन पर 4.50 लाख हर माह एक मशीन से यानी कुल 18 लाख रुपये चार मशीनों के क्यों खर्च किया जा रहा है। इसके लिए चीफ विजिलेंस अधिकारी को अर्बन लोकल बॉडीज को शिकायत दी गई है। जिसके बाद यूएलबी के चीफ विजिलेंस अधिकारी ने इसकी जांच के चलते रिकॉर्ड के साथ साथ हर महीने का इन गाड़ियों का शेड्यूल देने को कहा था, जो अभी तक नगर निगम दिया ही नहीं दिया।
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प्रोजेक्ट नंबर दो
शहर से कूड़ा उठाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने 2018 में करीब 50 लाख की लागत से 29 ई रिक्शा खरीदी थीं। इन ई रिक्शा की 2 साल की एजेंसी के द्वारा गारंटी भी दी गई थी, लेकिन कुछ ही महीनों के बाद एक के बाद एक रिक्शा तकनीकी कारणों से कंडम होने लगे और नगर निगम के अधिकारियों ने ई-रिक्शा को डंप कर सेक्टर-4 के कम्युनिटी सेंटर में रखवा दिया गया। इन रिक्शा के लिए 29 ड्राइवर रखे गए थे, जो बिना इन ई रिक्शा चलाए तनख्वाह लेते रहे। इसकी शिकायत भी विकास मंच पंचकूला ने विजिलेंस को दी थी। इससे निगम के खजाने को नुकसान पहुंचा है।
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प्रोजेक्ट नंबर तीन
सेक्टर 23 के डंपिंग ग्राउंड में कचरा प्रोसेसिंग का ठेका दिया गया था। उस एजेंसी ने पंचकूला से 200-250 टन हर रोज के कचरे के उठान की जगह 700-800 टन कचरा प्रोसेस किया। रजिस्टर में दिखा कर नगर निगम के साथ बहुत बड़ा घोटाला कर सरकारी पैसे लिए। इसमें नगर निगम के कौन कौन कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहे और उन पर भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं होने के चलते ही विकास मंच पंचकूला के सदस्यों ने चीफ विजिलेंस ऑफिसर अर्बन लोकल बॉडीज को शिकायत दी थी। इस पर भी सुनवाई चल रही है। पहली सुनवाई में चीफ विजिलेंस अधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों से पूरा रिकॉर्ड लाने के निर्देश दिए थे। इसकी जांच पार्षदों की एक समिति ने भी की और रिपोर्ट में भी यही पाया गया था, लेकिन आजतक भी कोई कार्रवाई हुई।



ई रिक्शा की खरीद फरोख्त, डंपिंग ग्राउंड से उठने वाले कूड़ा की मात्रा, प्रॉपर्टी टैक्स, सफाई करने वाली वैक्यूम मशीन में अनियमितताएं पाए जाने पर यूलएबी के चीफ विजिलेंस अधिकारी को शिकायत दी गई थी। जिस मामले में नगर निगम 25 अप्रैल को रिकार्ड पेश नहीं कर पाया। इसकी अगली सुनवाई 9 मई 2023 को होनी है। - राकेश अग्रवाल, विकास मंच के पदाधिकारी।

इनको भेजा नोटिस
-नगर निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर अविनाश
-नगर निगम के जेई सुशील
-नगर निगम के सीनियर एकाउंट अधिकारी प्रवीण कुमार
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