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Panchkula News: राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम तैयार, 90 प्रतिशत काम हुआ पूरा
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2007 में हुआ था आईसीएल, इसके बाद कभी रणजी मैच भी नहीं हो पाया,
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। 17 साल बाद भी शहर को इंटरनेशनल स्टेडियम तो नहीं मिल पाया, लेकिन जल्द ही नेशनल स्तर के स्टेडियम का सपना जरूर साकार होता नजर आ रहा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 85 लाख की लागत से स्टेडियम का पुनर्निर्माण कर रहा है। इसका 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, आने वाले आठ से दस दिन में बाकी का 10 प्रतिशत काम भी जल्द पूरा हो जाएगा। 85 लाख की लागत से राजस्थान के अलवर से आई मिट्टी से नई पिच का निर्माण, नई बरमूडा घास, 110 बाय 110 की पिच, नई एलडी स्क्रीन, दो नए डग आउट, ग्रिल के साथ दो नए स्टेडियमों का निर्माण किया गया है।
एचएसवीपी के पास लीज पर क्रिकेट स्टेडियम
खेल विभाग के मुताबिक एक नवंबर 2020 को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से स्टेडियम लीज पर लिया गया था। इसके बाद क्रिकेट स्टेडियम एचएसवीपी और हरियाणा स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन ने 72 लाख खर्च कर क्रिकेट स्टेडियम की हालात सुधारने के लिए काम किया। 72 लाख की लागत से दो नए ड्रेसिंग रूम, सभी शौचालय, लाइटिंग सिस्टम की मरम्मत की गई।
6 करोड़ के प्रोजेक्ट 85 लाख में सिमटा
ताऊ देवीलाल को इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए जून 2023 में एचएसवीपी की तरफ से 6 करोड़ का बजट बनाया गया था। इसमें 5 करोड़ रुपये आधुनिक सुविधाओं से लैस पवेलियन और करीब एक करोड़ रुपये मैदान को बेहतर बनाने पर खर्च किए जाने थे। इसके अलावा बाउंड्री के साथ डग आउट भी बनाए जाने थे। इसके चलते उम्मीद थी कि नए सीजन में आईपीएल मुकाबले हो सकते हैं। एचएसवीपी ने प्लान में बदलाव कर दिया और मात्र 85 लाख से स्टेडियम का पुनर्निर्माण का काम हो पाया।
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क्रिकेट स्टेडियम में नहीं हैं यह सुविधा
- 12 ग्राउंड मैन, दो पिच एक्यूटर (स्टाफ नहीं है)
- बारिश के दौरान पिच को ढकने वाली मशीन
- बारिश के दौरान ग्राउंड को ढकने के लिए सुपर कवर
- 3 टाइप के रोलर, पिच को समतल करने के लिए
- सुपर स्कोर बोर्ड
- पवेलियन में स्टैंड नहीं
- लोगों की बैठने की व्यवस्था जीरो
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ 6 करोड़ की लागत से नए क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण को रोक दिया गया है। जनवरी 2023 में 85 लाख की लागत से स्टेडियम का पुन: निर्माण का काम 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। बचा हुआ 10 प्रतिशत काम एक सप्ताह के अंदर पूरा हो जाएगा। - एनके पायल, एक्सईएन, एचएसवीपी, पंचकूला
क्रिकेट स्टेडियम 17 सालों बाद एक बार फिर से नेशनल लेवल मैच के लिए तैयार हो गई है। सितंबर के अंत तक पिच पर आसानी से नेशनल मैच खेले जा सकेंगे। क्रिकेट एसोसिएशन को रणजी समेत अन्य मैच इस स्टेडियम पर करवाने को लेकर विचार करने चाहिए। - बी. डोगरा, मैनेजर,
इंटरनेशनल स्टेडियम का सपना नहीं हुआ पूरा
पंचकूला शहर का अपना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम होने का सपना अभी तक सपना ही बना हुआ है। साल 2005 से 2007 तक तीन साल हुई इंडियन क्रिकेट (आईसीएल) लीग के बाद से सेक्टर-3 ताऊ देवी लाल क्रिकेट स्टेडियम नेशनल मैच तक नहीं हो पाया है। 17 सालों से पंचकूला के सबसे बड़े स्टेडियम में एक रणजी मैच तक नहीं करवाया गया है। इसकी मुख्य वजह क्रिकेट स्टेडियम बदतर हालत होना था। आईसीएल के बाद क्रिकेट स्टेडियम में प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों की संख्या 40 में से मात्र तीन हो गई थी। पिच की बेहद खराब गुणवत्ता के चलते खिलाड़ियों ने स्टेडियम से दरकिनार करके अन्य जगहों पर प्रैक्टिस करने लगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। 17 साल बाद भी शहर को इंटरनेशनल स्टेडियम तो नहीं मिल पाया, लेकिन जल्द ही नेशनल स्तर के स्टेडियम का सपना जरूर साकार होता नजर आ रहा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 85 लाख की लागत से स्टेडियम का पुनर्निर्माण कर रहा है। इसका 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, आने वाले आठ से दस दिन में बाकी का 10 प्रतिशत काम भी जल्द पूरा हो जाएगा। 85 लाख की लागत से राजस्थान के अलवर से आई मिट्टी से नई पिच का निर्माण, नई बरमूडा घास, 110 बाय 110 की पिच, नई एलडी स्क्रीन, दो नए डग आउट, ग्रिल के साथ दो नए स्टेडियमों का निर्माण किया गया है।
एचएसवीपी के पास लीज पर क्रिकेट स्टेडियम
खेल विभाग के मुताबिक एक नवंबर 2020 को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से स्टेडियम लीज पर लिया गया था। इसके बाद क्रिकेट स्टेडियम एचएसवीपी और हरियाणा स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन ने 72 लाख खर्च कर क्रिकेट स्टेडियम की हालात सुधारने के लिए काम किया। 72 लाख की लागत से दो नए ड्रेसिंग रूम, सभी शौचालय, लाइटिंग सिस्टम की मरम्मत की गई।
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6 करोड़ के प्रोजेक्ट 85 लाख में सिमटा
ताऊ देवीलाल को इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए जून 2023 में एचएसवीपी की तरफ से 6 करोड़ का बजट बनाया गया था। इसमें 5 करोड़ रुपये आधुनिक सुविधाओं से लैस पवेलियन और करीब एक करोड़ रुपये मैदान को बेहतर बनाने पर खर्च किए जाने थे। इसके अलावा बाउंड्री के साथ डग आउट भी बनाए जाने थे। इसके चलते उम्मीद थी कि नए सीजन में आईपीएल मुकाबले हो सकते हैं। एचएसवीपी ने प्लान में बदलाव कर दिया और मात्र 85 लाख से स्टेडियम का पुनर्निर्माण का काम हो पाया।
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क्रिकेट स्टेडियम में नहीं हैं यह सुविधा
- 12 ग्राउंड मैन, दो पिच एक्यूटर (स्टाफ नहीं है)
- बारिश के दौरान पिच को ढकने वाली मशीन
- बारिश के दौरान ग्राउंड को ढकने के लिए सुपर कवर
- 3 टाइप के रोलर, पिच को समतल करने के लिए
- सुपर स्कोर बोर्ड
- पवेलियन में स्टैंड नहीं
- लोगों की बैठने की व्यवस्था जीरो
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ 6 करोड़ की लागत से नए क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण को रोक दिया गया है। जनवरी 2023 में 85 लाख की लागत से स्टेडियम का पुन: निर्माण का काम 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। बचा हुआ 10 प्रतिशत काम एक सप्ताह के अंदर पूरा हो जाएगा। - एनके पायल, एक्सईएन, एचएसवीपी, पंचकूला
क्रिकेट स्टेडियम 17 सालों बाद एक बार फिर से नेशनल लेवल मैच के लिए तैयार हो गई है। सितंबर के अंत तक पिच पर आसानी से नेशनल मैच खेले जा सकेंगे। क्रिकेट एसोसिएशन को रणजी समेत अन्य मैच इस स्टेडियम पर करवाने को लेकर विचार करने चाहिए। - बी. डोगरा, मैनेजर,
इंटरनेशनल स्टेडियम का सपना नहीं हुआ पूरा
पंचकूला शहर का अपना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम होने का सपना अभी तक सपना ही बना हुआ है। साल 2005 से 2007 तक तीन साल हुई इंडियन क्रिकेट (आईसीएल) लीग के बाद से सेक्टर-3 ताऊ देवी लाल क्रिकेट स्टेडियम नेशनल मैच तक नहीं हो पाया है। 17 सालों से पंचकूला के सबसे बड़े स्टेडियम में एक रणजी मैच तक नहीं करवाया गया है। इसकी मुख्य वजह क्रिकेट स्टेडियम बदतर हालत होना था। आईसीएल के बाद क्रिकेट स्टेडियम में प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों की संख्या 40 में से मात्र तीन हो गई थी। पिच की बेहद खराब गुणवत्ता के चलते खिलाड़ियों ने स्टेडियम से दरकिनार करके अन्य जगहों पर प्रैक्टिस करने लगा।