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Panchkula News: पंचकूला में राष्ट्रीय आयुर्वेद महोत्सव शुरू

Sat, 13 Dec 2025 01:53 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Dec 2025 01:53 AM IST
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National Ayurveda Festival begins in Panchkula
पंचकूला। सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में शुक्रवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय आयुर्वेद महोत्सव की शुरुआत हो गई। 14 दिसंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में देशभर से करीब चार हजार आयुर्वेदिक चिकित्सक, शोधकर्ता, विशेषज्ञ और छात्र भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय के नेशनल प्लांट्स बोर्ड के सीईओ डॉ. महेश कुमार दाधीच ने शिरकत की और आयुर्वेद की बढ़ती उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की।
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उन्होंने बताया कि नेशनल प्लांट बोर्ड व हरियाणा की यूनिट स्टेट मेडिसनल प्लांट बोर्ड ने महोत्सव में कई औषधीय पौधों को क्यूआर कोड के साथ प्रदर्शित किया है, जिससे आगंतुक पौधों के गुण, उपयोग और वैज्ञानिक जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
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फाइव बोटेनिकल प्लांट पर रिसर्च
डॉ. दाधीच ने बताया कि भारत सरकार आईसीएमआर के सहयोग से पांच प्रमुख औषधीय पौधों—अश्वगंधा, सौंठ, भ्रामि, सिलाई गूगलू और एक अन्य पर विशेष रिसर्च करवा रही है। उन्होंने कहा कि अध्ययन में यह पाया गया है कि अश्वगंधा के सेवन से शरीर की ऑक्सीजन ग्रहण क्षमता लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ती है। इन पौधों की वैश्विक ब्रांडिंग से आयुर्वेद की लोकप्रियता के साथ-साथ भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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ग्लोबल समिट में अश्वगंधा पर होगी विशेष चर्चा
डॉ. दाधीच ने बताया कि डब्ल्यूएचओ द्वारा 17 से 19 दिसंबर 2025 तक दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ग्लोबल समिट आयोजित किया जा रहा है। इसमें 119 देशों के प्रतिनिधि और 25 देशों के स्वास्थ्य मंत्री भाग लेंगे। समिट का मुख्य फोकस अश्वगंधा और अन्य भारतीय औषधीय पौधों की वैश्विक उपयोगिता पर रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 दिसंबर को इस ग्लोबल समिट में शामिल होंगे।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील
डॉ. महेश ने हरियाणा के किसानों को रासायनिक पेस्टिसाइड से दूरी बनाते हुए प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और किसानों को इसका कई गुना आर्थिक लाभ मिल सकता है।


रसोई में मौजूद औषधियां भी वरदान
उन्होंने यह भी कहा कि हमारी रसोई में मौजूद मसाले जैसे हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी, सौंठ आदी न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी प्रभावी भूमिका निभाते हैं। इसलिए घरों में इनका नियमित उपयोग स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।
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