Highcourt News: नकोदर बेअदबी मामले में जांच आयोग की गायब रिपोर्ट के लिए SIT गठित करने की मांग, पंजाब को नोटिस
नकोदर में गुरुद्वारे में 2 फरवरी 1986 को श्री गुरुग्रंथ साहिब के 4 पावन स्वरूप जलाने की घटना सामने आने के बाद 4 फरवरी को रोष मार्च निकाला गया था। पुलिस ने लोगों को काबू करने के लिए गोली चला दी और इसमें 4 लोगों की मौत हो गई।
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1986 में नकोदर में हुई बेअदबी के मामले में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग में चार युवकों की मौत के मामले में रिटायर्ड जस्टिस गुरनाम सिंह आयोग की जांच रिपोर्ट का दूसरा भाग गायब होने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका में दूसरे भाग की तलाश के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
जालंधर के बलदेव सिंह ने एडवोकेट एचसी अरोड़ा के माध्यम से 32 साल पुराने इस मामले की सीबीआई या एसआईटी से जांच की मांग और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। तत्कालीन डीएम दरबारा सिंह गुरु, एसएसपी मोहम्मद इजहार आलम और एसपी ऑपरेशंस अश्वनी कुमार शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की गई थी।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान रिटायर जस्टिस गुरनाम सिंह की जांच रिपोर्ट सौंपने का पंजाब सरकार को आदेश दिया था। पंजाब सरकार ने तब बताया था कि रिपोर्ट का दूसरा भाग गायब है। हाईकोर्ट ने पूछा था कि जो रिपोर्ट विधानसभा में पेश की गई है, वह कैसे गायब हो सकती है। अब इस मामले में एक और याचिका दाखिल करते हुए गायब रिपोर्ट के दूसरे हिस्से के मामले में एसआईटी गठित करने की मांग की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
यह था मामला
नकोदर में गुरुद्वारे में 2 फरवरी 1986 को श्री गुरुग्रंथ साहिब के 4 पावन स्वरूप जलाने की घटना सामने आने के बाद 4 फरवरी को रोष मार्च निकाला गया था। पुलिस ने लोगों को काबू करने के लिए गोली चला दी और इसमें 4 लोगों की मौत हो गई। इस मामले में बिना मृतकों के परिजनों को जानकारी दिए चारों का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार करवा दिया गया और अस्थियां परिजनों को सौंपने का प्रयास किया गया। इस मामले में जस्टिस गुरनाम सिंह की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित किया गया, जिसकी रिपोर्ट 2001 में विधानसभा में पेश की गई। इसी रिपोर्ट का भाग दो गायब है, जिसकी खोज के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की गई है।