फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   More than half of the people are unhappy because their neighbor is very happy: Jaya Kishori

आधे से ज्यादा लोग तो दुखी इसलिए हैं कि उनके पड़ोस वाला बहुत ज्यादा सुखी है : जया किशोरी

Tue, 26 Nov 2024 05:07 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2024 05:07 AM IST
विज्ञापन
More than half of the people are unhappy because their neighbor is very happy: Jaya Kishori
जया किशोरी को सुनने और देखने के लिए हजारों की संख्या में पहुंचे लोग
विज्ञापन



संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मशहूर कथावाचक व आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी ने कहा कि अपने बच्चों को अध्यात्म से जोड़ें और धर्म से जोड़ें फिर देखिए वह हर काम अच्छे से करेंगे क्योंकि धर्म से जुड़ने का मतलब सब कुछ त्यागना नहीं है। धर्म से जुड़ने का मतलब है-हर कार्य ध्यान रखते हुए करना। धर्म का मतलब पूजा-पाठ नहीं होता बल्कि यह जीने की कला है।
सनातन धर्म से जुड़ा कोई भी शास्त्र आपको पूजा-पाठ नहीं सिखाता, जीना सिखाता है। जब गलत स्थिति आए क्या करना है, विपरीत परिस्थिति आए तो क्या करना है, यही बताया गया है। लेकिन हम इस डर से बच्चों को शास्त्र ही नहीं उठाने देते कि शास्त्र में सब कुछ त्यागने को कहा गया है।
विज्ञापन

सेक्टर-5 दशहरा ग्राउंड में श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग दोपहर दो बजे से ही दशहरा ग्राउंड में पहुंचने शुरु हो गए थे। जय किशोरी को देखने और कथा को सुनने का बच्चों से लेकर बड़ों के बीच काफी उत्साह था। सवा चार बजे जैसे ही जया किशोरी कथा सुनाने के लिए पहुंचीं, पंडाल में बैठे लोग राधे-राधे नाम जपने लगे जिससे पूरे पंडाल गूंज उठा। गोविंद बोलो हरी गोपाल बोलो...भजन के गुणगान के बाद कथा शुरू हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

कथा के दौरान जया किशोरी ने बताया कि भक्ति आसान नहीं होती, भजन-कीर्तन कर लेना मात्र भक्ति नहीं है, इसके लिए बहुत प्रयास करना होता है। अगर आपकी संगत अच्छी है, तो सब काम अच्छे होते हैं। जब हम बुरी संगत में पड़ जाते हैं तो भले ही हम कुछ समय उनके जैसे कार्य न करें, लेकिन उसका प्रभाव हमारे ऊपर पड़ जाता है। आप ध्यान दीजिए किसी के साथ यदि आप ज्यादा समय बिताते हैं तो आप उसकी बोली बोलने लग जाते हैं।
कई बार लोग कहते हैं कि उसका प्रभाव मुझ पर पड़ेगा, ऐसा क्यों होगा, मेरा प्रभाव भी तो उस पर पड़ सकता है। लेकिन ध्यान रखें कि बुराई का फैलना आसान है। अच्छाई के फैलने में समय लगता है। अच्छा बनना बहुत मुश्किल है, बुरा बनना बहुत आसान है। किसी को तकलीफ पहुंचाना बहुत आसान है। एक अपशब्द बोलो तो सामने वाला गुस्सा हो सकता है। लेकिन, किसी को खुश करना बहुत मुश्किल है। सबसे मुश्किल तो यह है कि आपके अंदर यह भाव आए कि हम किसी को खुश करना चाहते हैं। हम वही नहीं करना चाहते। आधे से ज्यादा लोग तो दुखी इसलिए हैं कि उनके पड़ोस वाला बहुत ज्यादा सुखी है।

जया किशोरी ने बताया कि झूठ समय के हिसाब से बदलता रहता है, लेकिन सत्य कभी नहीं बदलता, तो ब्रह्मांड में ऐसा कौन है, जो कभी नहीं बदलता वह ईश्वर है। हम और आप जब यहां नहीं थे तब भी ईश्वर थे हम और आप यहां हैं तब भी ईश्वर हैं हम और आप यहां से चले जाएंगे तब भी ईश्वर यहीं विद्यमान रहेंगे। वह कभी भी बदलते नहीं है।
आश्रय हमेशा सत्य का लेना चाहिए क्योंकि सत्य कभी बदलता नहीं। जो बदल जाए, धोखा दे दे उसका आश्रय लेकर क्या फायदा। कई बार लोग कहते हैं कि कि संसार तो दिखता है भगवान तो दिखते ही नहीं। जया किशोरी ने बताया कि सत्य की परिभाषा में यह कहां है कि जो दिखे वह सत्य है और जो ना दिखे वह असत्य। कई बार आंखों देखी बात झूठी साबित हो जाती है। जो बदले नहीं वह सच है। भगवान कभी बदलते नहीं, संसार बदलता है। हर पल-हर क्षण बदलता है।

इसलिए 3 घंटे श्रीमद् भागवत में पूरी तरह अपने आप को ढाल लें, सभी चिंताएं छोड़ दें कि काम कैसे चलेगा। चिंतामुक्त जीवन केवल एक ही शर्त पर हो सकता है कि श्याम प्यारे से..श्याम सुंदर से जिसका संबंध है...उसका हर घड़ी आनंद ही आनंद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed