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Panchkula News: मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी अनिल नागर की जमानत याचिका खारिज

Wed, 30 Aug 2023 01:14 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Aug 2023 01:14 AM IST
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Money laundering accused Anil Nagar's bail plea rejected
संवाद न्यूज एजेंसी
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पंचकूला। जिला अदालत ने मनी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी पूर्व एचसीएस अधिकारी अनिल नागर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। डेंटल सर्जन की भर्ती और एचसीएस भर्ती घोटाले में गिरफ्तार होने के बाद करोड़ों रुपये की बरामदगी के चलते ईडी ने अनिल नागर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। अनिल नागर ने याचिका में कहा था कि वह ईडी के साथ जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनसे पहले भी पूछताछ हो चुकी है, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए, लेकिन ईडी द्वारा उनकी याचिका का विरोध किया गया और कहा गया कि वह सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनसे काफी पूछताछ करनी है। इसके चलते ईडी न्यायालय ने अनिल नागर की याचिका खारिज कर दी।

क्या है मामला

राज्य सतर्कता ब्यूरो ने 19 नवंबर 2021 को हरियाणा लोक सेवा आयोग के उप सचिव अनिल नागर व अन्य को गिरफ्तार किया था। अनिल नागर पर आरोप था कि डेंटल सर्जन भर्ती की परीक्षा के आवेदकों के अंकों में उसने हेरफेर किया था। 17 नवंबर को इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई और इसके बाद कई ठिकानों पर छापा मारा गया। इस दौरान नवीन कुमार को 20 लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके बाद अश्वनी शर्मा को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद जब उसके घर की तलाशी ली गई तो 1,07,97,000 रुपये की नकदी विजिलेंस के हाथ लगी। पूछताछ पर आरोपी अश्विनी शर्मा ने स्वीकार किया था कि उसके घर से बरामद पैसा हरियाणा लोक सेवा आयोग में उप सचिव के पद पर तैनात एचसीएस अधिकारी अनिल नागर को भुगतान किया जाना था। इस तथ्य को सत्यापित करने के लिए उसे हिरासत में रखते हुए अनिल नागर से संपर्क करने के लिए कहा गया और नागर ने उसे अपने कार्यालय में पैसे सौंपने के लिए कहा, जहां जांच दल ने अनिल नागर, एचसीएस को अश्विनी शर्मा से 1,07,97,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
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अनिल नागर से मिली जानकारी पर उनके एक सहयोगी सतीश गर्ग के आवास पर तलाशी ली गई और 66 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई थी। साथ ही, उसके कहने पर अगले दिन एक करोड़ 44 लाख रुपये की वसूली की गई। सतीश ने नागर की ओर से रिश्वत के पैसे अपने पास रखे थे। इसके अलावा, अनिल नागर की घर की तलाशी के दौरान 12 लाख रुपये नकद, 50 लाख रुपये की एक पंजीकृत भूमि विलेख, लैपटॉप और डिजिटल मीडिया जब्त किया था। जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था।
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