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Panchkula News: क्राइम मीटिंग में अपराध नियंत्रण का मास्टर प्लान तैयार, फील्ड पुलिसिंग पर जोर
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आठ महीनों में अपराध के मामलों में 26 फीसदी कमी, 245 भगोड़े अपराधी गिरफ्तार
तकनीकी निगरानी और लंबित मामलों के निपटारे की रणनीति
सीसीटीवी नेटवर्क बढ़ाने के साथ गन कल्चर, रंगदारी और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों पर कसेगा शिकंजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए पंचकूला पुलिस ने फील्ड पुलिसिंग, तकनीकी निगरानी और लंबित मामलों के निपटारे को लेकर रणनीति तैयार की है। शुक्रवार को सेक्टर-4 एमडीसी स्थित कार्यालय में डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह और डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में क्राइम मीटिंग हुई। बैठक में अधिकारियों को फील्ड में सक्रियता बढ़ाने, अपराधियों पर कार्रवाई तेज करने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले की मौजूदा अपराध स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष के पहले आठ महीनों में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले दर्ज अपराध के मामलों में 26 प्रतिशत की कमी आई है। पुलिस अधिकारियों को प्रभावी फील्ड कार्रवाई जारी रखते हुए अपराध के आंकड़ों में और सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में भगोड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। पुलिस अब तक 245 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है। शेष भगोड़ों को भी जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए। पुराने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने तथा जांच में अनावश्यक देरी नहीं करने को कहा गया। राइडर, ईआरवी, पीसीआर और क्यूआरटी टीमों को सतर्क रखने के साथ नाकों पर मुस्तैदी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखने पर भी जोर दिया गया।
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अपराध नियंत्रण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क बढ़ाने, पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देने और आधुनिक उपकरणों व सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। गन कल्चर, रंगदारी और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अभेद्य ऐप का अधिक इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा फुटपाथों पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा गया। फर्जी सरकारी स्टीकर, लाल-नीली बत्ती और अवैध सायरन लगाकर चलने वाले वाहनों पर भी विशेष निगरानी रखने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिले के सभी एसीपी, थाना व चौकी प्रभारी, क्राइम यूनिट प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के अधिकारी मौजूद रहे।
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तकनीकी निगरानी और लंबित मामलों के निपटारे की रणनीति
सीसीटीवी नेटवर्क बढ़ाने के साथ गन कल्चर, रंगदारी और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों पर कसेगा शिकंजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए पंचकूला पुलिस ने फील्ड पुलिसिंग, तकनीकी निगरानी और लंबित मामलों के निपटारे को लेकर रणनीति तैयार की है। शुक्रवार को सेक्टर-4 एमडीसी स्थित कार्यालय में डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह और डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में क्राइम मीटिंग हुई। बैठक में अधिकारियों को फील्ड में सक्रियता बढ़ाने, अपराधियों पर कार्रवाई तेज करने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले की मौजूदा अपराध स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष के पहले आठ महीनों में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले दर्ज अपराध के मामलों में 26 प्रतिशत की कमी आई है। पुलिस अधिकारियों को प्रभावी फील्ड कार्रवाई जारी रखते हुए अपराध के आंकड़ों में और सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
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बैठक में भगोड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। पुलिस अब तक 245 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है। शेष भगोड़ों को भी जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए। पुराने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने तथा जांच में अनावश्यक देरी नहीं करने को कहा गया। राइडर, ईआरवी, पीसीआर और क्यूआरटी टीमों को सतर्क रखने के साथ नाकों पर मुस्तैदी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखने पर भी जोर दिया गया।
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अपराध नियंत्रण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क बढ़ाने, पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देने और आधुनिक उपकरणों व सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। गन कल्चर, रंगदारी और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अभेद्य ऐप का अधिक इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा फुटपाथों पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा गया। फर्जी सरकारी स्टीकर, लाल-नीली बत्ती और अवैध सायरन लगाकर चलने वाले वाहनों पर भी विशेष निगरानी रखने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिले के सभी एसीपी, थाना व चौकी प्रभारी, क्राइम यूनिट प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के अधिकारी मौजूद रहे।