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Panchkula News: सुखना नदी के उफान में बही 50 मीटर पेयजल पाइपलाइन
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लोहगढ़ बूस्टर से कालका को पानी पहुंचाने वाली मुख्य लाइन क्षतिग्रस्त
कई कॉलोनियों में तीन-चार दिन के अंतराल पर मिल रही सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। हिमाचल और कालका क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते सुखना नदी में आए उफान से कालका की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गई है। दो सितंबर को नदी के तेज बहाव और मलबे की चपेट में आने से लोहगढ़ बूस्टर से कालका शहर को पानी पहुंचाने वाली मुख्य पाइपलाइन का करीब 50 मीटर हिस्सा बह गया। इसके अलावा अमृत योजना के तहत सिउड़ी बूस्टर को पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे शहर की कई कॉलोनियों में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है।
प्रभावित क्षेत्रों में हाउसिंग बोर्ड, बसंत विहार, शर्मा कॉलोनी, कमला नगर, शक्ति नगर, दुर्गा कॉलोनी और ब्रॉडगेज शामिल हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन इलाकों में फिलहाल तीन से चार दिन के अंतराल पर पानी की सप्लाई दी जा रही है। इससे लोगों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
दो महीने में चार बार क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइन
सुखना नदी के तेज बहाव के कारण मुख्य पाइपलाइन पिछले करीब दो महीनों में चार बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। 18 अगस्त को भी लाइन को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद 26 अगस्त को नदी के बहाव में पाइपलाइन का एक हिस्सा बह गया था। विभाग ने मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन दो सितंबर को आए तेज उफान में करीब 50 मीटर पाइपलाइन फिर बह गई। बार-बार हो रहे नुकसान से विभाग के सामने स्थायी रूप से पाइपलाइन को सुरक्षित रखने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
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तेज बहाव के बीच मरम्मत का काम जारी
जनस्वास्थ्य विभाग ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत शुरू कर दी है। हालांकि, नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण काम में दिक्कत आ रही है। विभाग का प्रयास है कि लाइन को जल्द दुरुस्त कर प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सामान्य की जाए। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ मंदीप ने बताया कि पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के पीछे से गुजर रही पाइपलाइन का हिस्सा नदी के तेज बहाव में बह गया है। इसे जल्द व्यवस्थित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में तेज बहाव के कारण पाइपलाइन को करीब चार बार नुकसान पहुंचा है।
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कई कॉलोनियों में तीन-चार दिन के अंतराल पर मिल रही सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। हिमाचल और कालका क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते सुखना नदी में आए उफान से कालका की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गई है। दो सितंबर को नदी के तेज बहाव और मलबे की चपेट में आने से लोहगढ़ बूस्टर से कालका शहर को पानी पहुंचाने वाली मुख्य पाइपलाइन का करीब 50 मीटर हिस्सा बह गया। इसके अलावा अमृत योजना के तहत सिउड़ी बूस्टर को पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे शहर की कई कॉलोनियों में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है।
प्रभावित क्षेत्रों में हाउसिंग बोर्ड, बसंत विहार, शर्मा कॉलोनी, कमला नगर, शक्ति नगर, दुर्गा कॉलोनी और ब्रॉडगेज शामिल हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन इलाकों में फिलहाल तीन से चार दिन के अंतराल पर पानी की सप्लाई दी जा रही है। इससे लोगों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
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दो महीने में चार बार क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइन
सुखना नदी के तेज बहाव के कारण मुख्य पाइपलाइन पिछले करीब दो महीनों में चार बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। 18 अगस्त को भी लाइन को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद 26 अगस्त को नदी के बहाव में पाइपलाइन का एक हिस्सा बह गया था। विभाग ने मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन दो सितंबर को आए तेज उफान में करीब 50 मीटर पाइपलाइन फिर बह गई। बार-बार हो रहे नुकसान से विभाग के सामने स्थायी रूप से पाइपलाइन को सुरक्षित रखने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
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तेज बहाव के बीच मरम्मत का काम जारी
जनस्वास्थ्य विभाग ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत शुरू कर दी है। हालांकि, नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण काम में दिक्कत आ रही है। विभाग का प्रयास है कि लाइन को जल्द दुरुस्त कर प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सामान्य की जाए। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ मंदीप ने बताया कि पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के पीछे से गुजर रही पाइपलाइन का हिस्सा नदी के तेज बहाव में बह गया है। इसे जल्द व्यवस्थित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में तेज बहाव के कारण पाइपलाइन को करीब चार बार नुकसान पहुंचा है।