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हरियाणा : अत्याधुनिक तकनीक और इतिहास का संगम होगा शहीद स्मारक
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चंडीगढ़। अंबाला कैंट में बन रहा 1857 की क्रांति के शहीदों का स्मारक तकनीक और इतिहास का बेजोड़ संगम होगा। यह हमारी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। 1857 की क्रांति के अंबाला से शुरू होने के पुख्ता प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में लाल किला के संग्रहालय के दौरे के बाद पत्रकारों से यह बात कही।
मनोहर लाल शुक्रवार को गृहमंत्री अनिल विज के साथ दिल्ली में लाल किला संग्रहालय के दौरे पर पहुंचे थे। उन्होंने न केवल संग्रहालय में इस्तेमाल होने वाली तकनीक को समझा, बल्कि शहीद स्मारक के ढांचागत प्लान पर भी चर्चा की। तकनीकी टीम ने मुख्यमंत्री को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि अंबाला कैंट में बन रहे शहीद स्मारक में किस तरह से नई तकनीक को जोड़कर रोमांच बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने संग्रहालय के लाइट और साउंड शो के बारे में भी जानकारी ली।
लाल किले से वापस आने के बाद हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शहीद स्मारक का भवन संबंधी कार्य लगभग पूरा हो चुका है, केवल तकनीक से जुड़ी कुछ चीजों को पूरा होने में थोड़ा वक्त और लग सकता है। एक साल के अंदर शहीद स्मारक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। इस मौके पर गृहमंत्री अनिल विज ने संग्रहालय की तकनीकी टीम के साथ शहीद स्मारक का इतिहास और शहीदों की गौरव गाथा से जुड़ी कहानियों पर भी चर्चा की। अनिल विज ने तकनीकी टीम को निर्देश देते हुए कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों का बनने वाला स्मारक देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत और ऐसा ह, जिससे आने वाले वक्त में पीढ़ियां प्रेरणा ले सकें। इस मौके पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉक्टर अमित अग्रवाल व भारतीय पुरातत्व विभाग के क्षेत्रीय निदेशक अरविन मंजुल भी मौजूद रहे।
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मनोहर लाल शुक्रवार को गृहमंत्री अनिल विज के साथ दिल्ली में लाल किला संग्रहालय के दौरे पर पहुंचे थे। उन्होंने न केवल संग्रहालय में इस्तेमाल होने वाली तकनीक को समझा, बल्कि शहीद स्मारक के ढांचागत प्लान पर भी चर्चा की। तकनीकी टीम ने मुख्यमंत्री को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि अंबाला कैंट में बन रहे शहीद स्मारक में किस तरह से नई तकनीक को जोड़कर रोमांच बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने संग्रहालय के लाइट और साउंड शो के बारे में भी जानकारी ली।
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लाल किले से वापस आने के बाद हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शहीद स्मारक का भवन संबंधी कार्य लगभग पूरा हो चुका है, केवल तकनीक से जुड़ी कुछ चीजों को पूरा होने में थोड़ा वक्त और लग सकता है। एक साल के अंदर शहीद स्मारक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। इस मौके पर गृहमंत्री अनिल विज ने संग्रहालय की तकनीकी टीम के साथ शहीद स्मारक का इतिहास और शहीदों की गौरव गाथा से जुड़ी कहानियों पर भी चर्चा की। अनिल विज ने तकनीकी टीम को निर्देश देते हुए कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों का बनने वाला स्मारक देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत और ऐसा ह, जिससे आने वाले वक्त में पीढ़ियां प्रेरणा ले सकें। इस मौके पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉक्टर अमित अग्रवाल व भारतीय पुरातत्व विभाग के क्षेत्रीय निदेशक अरविन मंजुल भी मौजूद रहे।
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