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कोठी का जाली बयाना करने वाला गिरफ्तार
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पंचकूला। सेक्टर-10 स्थित एक कोठी का जाली बयाना तैयार करके मालिक के नकली हस्ताक्षर के एक आरोपी को सेक्टर-5 थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान सुमित के रूप में हुई है। सेक्टर-5 थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश कर उसका रिमांड मांगा जाएगा।
पुलिस ने बताया कि संतोष आहूजा पत्नी सतीश आहूजा निवासी 7-ए ब्लॉक सनसिटी पंचकूला ने शिकायत में बताया था कि उसके बेटे अमन आहूजा का सुमित से पैसों का लेनदेन बैंक के माध्यम से ब्याज पर चलता था। अमन से सुमित ने कई बार ब्याज पर ली रकम उसे बैंक के माध्यम से वापस की। कई बार सुमित ने अमन से मूल रकम ब्याज सहित कैश ली थी लेकिन वह कोई रसीद नहीं देता था। सुमित ने अमन से करीब पचास लाख रुपये लिए और दस प्रतिशत ब्याज सहित दोगुनी से अधिक रकम उसे लौटा दी। जब अमन ने आरोपी को दिए खाली दस्तावेज, चेक आदि उससे वापस मांगे, तो सुमित ने उनकी सेक्टर-10 स्थित कोठी का झूठा बयाना लिख लिया। साथ ही शिकायतकर्ता के जाली हस्ताक्षर भी कर लिए। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा सेक्टर-20 कर रही है।
संतोष आहूजा ने बतया कि उन्होंने अपने हस्ताक्षर चंडीगढ़ की प्राइवेट लैब से टेस्ट करवाए तो पता लगा कि बयाने पर हस्ताक्षर सुमित के हैं, जिसकी जांच जारी है। एसीपी ओमप्रकाश ने जांच में पाया कि संतोष आहूजा के जाली हस्ताक्षर कर एग्रीमेंट टू सेल जेके आहूजा स्टांप वेंडर पंचकूला से 24 मार्च 2018 और अशोक कुमार स्टांप वेंडर से 7 मार्च 2018 को खरीदा गया। एग्रीमेंट टू सेल में हेराफेरी करते हुए मकान नंबर-21, सेक्टर 10 का जाली एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिसकी जांच पूरी कर ली गई है। इस मामले में स्टांप वेंडर, नोटरी एवं अन्य ने भी इसे जाली बताया है। पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 व 120-बी के तहत केस दर्ज किया है।
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पुलिस ने बताया कि संतोष आहूजा पत्नी सतीश आहूजा निवासी 7-ए ब्लॉक सनसिटी पंचकूला ने शिकायत में बताया था कि उसके बेटे अमन आहूजा का सुमित से पैसों का लेनदेन बैंक के माध्यम से ब्याज पर चलता था। अमन से सुमित ने कई बार ब्याज पर ली रकम उसे बैंक के माध्यम से वापस की। कई बार सुमित ने अमन से मूल रकम ब्याज सहित कैश ली थी लेकिन वह कोई रसीद नहीं देता था। सुमित ने अमन से करीब पचास लाख रुपये लिए और दस प्रतिशत ब्याज सहित दोगुनी से अधिक रकम उसे लौटा दी। जब अमन ने आरोपी को दिए खाली दस्तावेज, चेक आदि उससे वापस मांगे, तो सुमित ने उनकी सेक्टर-10 स्थित कोठी का झूठा बयाना लिख लिया। साथ ही शिकायतकर्ता के जाली हस्ताक्षर भी कर लिए। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा सेक्टर-20 कर रही है।
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संतोष आहूजा ने बतया कि उन्होंने अपने हस्ताक्षर चंडीगढ़ की प्राइवेट लैब से टेस्ट करवाए तो पता लगा कि बयाने पर हस्ताक्षर सुमित के हैं, जिसकी जांच जारी है। एसीपी ओमप्रकाश ने जांच में पाया कि संतोष आहूजा के जाली हस्ताक्षर कर एग्रीमेंट टू सेल जेके आहूजा स्टांप वेंडर पंचकूला से 24 मार्च 2018 और अशोक कुमार स्टांप वेंडर से 7 मार्च 2018 को खरीदा गया। एग्रीमेंट टू सेल में हेराफेरी करते हुए मकान नंबर-21, सेक्टर 10 का जाली एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिसकी जांच पूरी कर ली गई है। इस मामले में स्टांप वेंडर, नोटरी एवं अन्य ने भी इसे जाली बताया है। पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 व 120-बी के तहत केस दर्ज किया है।
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