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पंजाबः बीज घोटाला प्रकरण में मजीठिया-रंधावा आमने सामने, सीबीआई को जांच सौंपने की मांग

Thu, 28 May 2020 10:37 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 28 May 2020 10:37 AM IST
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Majithia and Randhawa face to face in seed scam case, punjab government
मजीठिया बनाम रंधावा - फोटो : फाइल फोटो
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की ओर से हाल ही में उठाए गए बीज घोटाले को लेकर पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा आमने-सामने आ गए हैं। मजीठिया ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से रंधावा की जांच संबंधी पेशकश स्वीकार करने और मामले की सीबीआई जांच का आदेश देने की मांग की है। उधर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा है कि वह समय पर जांच के लिए तैयार हैं, लेकिन अकाली दल को भी अपने समय में किए गए गलत कामों के लिए जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
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मजीठिया ने बुधवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि रंधावा इस घोटाले के मुख्य अपराधी करनाल एग्री सीड्स के प्रवक्ता की तरह काम कर रहे थे, जिस कारण सभी दोषियों को इस मामले की स्वतंत्र जांच के जरिए पकड़ा जा सकता है। मजीठिया और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पीआर-128 और पीआर-129 के नकली बीज बेचने और किसानों की लूट के खिलाफ कृषि विभाग द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के 15 दिन बीत चुके हैं। इस पर छापा मारने का कोई प्रयास नहीं किया गया है।
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उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और ऐसा लगता है कि सरकार इन घोटालों को सभी सबूतों को नष्ट करने और झूठे रिकॉर्ड बनाने के लिए समय दे रही है। उन्होंने कहा कि रंधावा जांच की प्रकृति के बारे में अस्पष्टता बनाए रखते हुए लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जांच में देरी से यह संदेश गया है कि सरकार नहीं चाहती कि सच्चाई सामने आए। उन्होंने कहा कि मामले के मुख्य आरोपी लकी ढिल्लों को जिस तरह से दोषी नहीं मानने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की अनुमति दी गई है, उसने इस विश्वास को और मजबूत किया है।
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उन्होंने कहा कि रंधावा को जवाब देना चाहिए कि वह बीज घोटाले में आरोपियों द्वारा करनाल एग्री सीड्स और अन्य द्वारा किए गए धोखाधड़ी को कवर करने का प्रयास क्यों कर रहे थे। दूसरी ओर रंधावा ने कहा, ऽमेरे खिलाफ निराधार आरोप लगाना अकालियों की आदत बन गई है। अकालियों को तथ्यों के आधार पर बोलना चाहिए न कि झूठ और भ्रामक प्रचार पर। मजीठिया के लगाए आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि तथाकथित बीज घोटाले में मेरा नाम अकालियों द्वारा केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

उन्होंने कहा कि उनका मैसर्स करनाल एग्री सीड्स, विलेज वेरोक, डेरा बाबा नानक गुरदासपुर के मालिक लकी ढिल्लों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अकालियों द्वारा मेरे नाम का इस्तेमाल कैसे किया गया, यह भी जांच का विषय है। रंधावा ने कहा कि गुरदासपुर के गांव धरोवाली के रहने वाले जोबनीत सिंह एक बीज प्रमाणीकरण सहायक और उनके मैसर्स के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऽअगर कोई ढरोवाली गांव का है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह मुझे अच्छी तरह जानता है।


मजीठिया को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि वह इस मामले की समयबद्ध जांच के लिए तैयार हैं, लेकिन अकालियों को इस मामले में अपने कार्यकाल के दौरान हुई गलतियों के लिए जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
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