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लंपी : जिले में 59 और पशुओं में दिखा लक्षण
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पंचकूला। पंचकूला और कालका सब डिवीजन में वीरवार को लंपी स्किन के 59 और पशुओं में लक्षण दिखे हैं। इसी के साथ अब तक जिले में कुल 189 पशुओं में लंपी के लक्षण मिले हैं। लगातार मामले बढ़ने के बाद पशुपालन विभाग अलर्ट पर है। इस बीमारी की रोकथाम के लिए चिकित्सकों ने लंपी चर्म रोग को अत्यंत संक्रामक बताकर जिले के पशुपालकों को सावधान रहने की अपील की है।
पशुपालन विभाग के उप निदेशक अनिल भनवाला ने बताया कि जिले में 15 वेटरनरी टीमें लंपी स्किन से प्रभावित पशुओं की देखभाल और पशुपालक को बीमारी से बचाव के बारे में जागरूक करने के लिए गठित की गई है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की समय-समय पर जारी गाइड लाइन और एडवाइजरी के मुताबिक टीमें घर-घर जाकर लोगों को बीमारी फैलने के कारण, बचाव और टीकाकरण के बारे में जानकारी दे रही हैं। उन्होंने बताया कि यह बीमारी कैपरी पॉक्स वायरस के साथ होती है। इलाज कराने के साथ हफ्ते के बाद ठीक होनी शुरू हो जाती है। जिले में कुछ पशुओं ने रिकवर भी किया है।
पशुओं की आवाजाही पर रोक
पशु पालन विभाग के उप निदेशक अनिल भनवाला का कहना है कि बीमारी के खत्म होने तक पशुओं की बाहरी प्रदेशों और जिलों में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा लोगों को मक्खी-मच्छरों से दूर रखने और साफ रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पशु पालकों को लंपी रोग के लक्षणों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पशु को तेज बुखार, चमड़ी पर चकत्ते, टांगों पर सूजन इसके प्रमुख लक्षण हैं। इसके अलावा इस बीमारी की चपेट में आया पशु चारा खाना बंद कर देता है।
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पशुपालन विभाग के उप निदेशक अनिल भनवाला ने बताया कि जिले में 15 वेटरनरी टीमें लंपी स्किन से प्रभावित पशुओं की देखभाल और पशुपालक को बीमारी से बचाव के बारे में जागरूक करने के लिए गठित की गई है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की समय-समय पर जारी गाइड लाइन और एडवाइजरी के मुताबिक टीमें घर-घर जाकर लोगों को बीमारी फैलने के कारण, बचाव और टीकाकरण के बारे में जानकारी दे रही हैं। उन्होंने बताया कि यह बीमारी कैपरी पॉक्स वायरस के साथ होती है। इलाज कराने के साथ हफ्ते के बाद ठीक होनी शुरू हो जाती है। जिले में कुछ पशुओं ने रिकवर भी किया है।
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पशुओं की आवाजाही पर रोक
पशु पालन विभाग के उप निदेशक अनिल भनवाला का कहना है कि बीमारी के खत्म होने तक पशुओं की बाहरी प्रदेशों और जिलों में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा लोगों को मक्खी-मच्छरों से दूर रखने और साफ रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पशु पालकों को लंपी रोग के लक्षणों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पशु को तेज बुखार, चमड़ी पर चकत्ते, टांगों पर सूजन इसके प्रमुख लक्षण हैं। इसके अलावा इस बीमारी की चपेट में आया पशु चारा खाना बंद कर देता है।
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