{"_id":"6843477511f964d44901c6e2","slug":"litter-spread-near-kalka-shimla-railway-line-panchkula-news-c-87-1-spkl1017-123413-2025-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: कालका-शिमला रेलवे लाइन के पास फैली गंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: कालका-शिमला रेलवे लाइन के पास फैली गंदगी
विज्ञापन
कालका। विश्व धरोहर में शुमार कालका से शुरू होने वाली कालका शिमला रेलवे लाइन का कितना रख रखाव रेलवे द्वारा किया जा रहा है, इससे पता चलता है कि खेड़ा सीताराम के समीप ट्रेक के दोनों ओर गंदगी बिखरी पड़ी है। रेलवे के अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय लोगों की ओर से रेलवे लाइन के आसपास गंदगी की जाती है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि रेलवे विभाग को गंदगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। बता दें कि कालका से शिमला के लिए चलने वाली टॉय ट्रेन में सफर करने के लिए देश से ही नहीं अपितु विदेश से भी सैलानी कालका रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं ओर उक्त ट्रेन में सवार होकर शिमला का रूख करते हैं। ऐसे में कालका से निकलते हुए रास्तें में ट्रेक के पास पड़ी गंदगी से शहर के साथ-साथ देश की छवि पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
2008 में मिला था वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा
कालका-शिमला रेलवे लाइन को यूनेस्को ने जुलाई 2008 में वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया था। इस रेलवे लाइन पर 103 सुरंगें है, जो इस सफर को काफी रोमांचक बना देती हैं। बड़ोग रेलवे स्टेशन पर 33 नंबर बड़ोग सुरंग सबसे लंबी है जिसकी लंबाई 1143.61 मीटर है। सुरंग क्रॉस करने में टॉय ट्रेन ढाई मिनट का समय लेती है। रेलमार्ग पर 869 छोटे-बड़े पुल है जिस पर सफर और भी रोमांचक हो जाता है। कालका-शिमला रेलमार्ग को नैरोगेज लाइन कहते हैं। इसमें पटरी की चौड़ाई दो फीट छह इंच है।
रेलवे विभाग सफाई का ध्यान रखें
रेलवे को इस ओर ध्यान देना चाहिए। टॉय ट्रेन में सफर करने के लिए देश से ही नही विदेश से भी सैलानी कालका रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं। ऐसे में ट्रेक के पास फैली गंदगी से कालका क्षेत्र की छवि धूमिल न हो इसके चलते साफ-सफाई का पूरा प्रबंध करवाना चाहिए ।- अजय शर्मा, स्थानीय निवासी।
विज्ञापन
सफाई अभियान चलाना चाहिए
रेलवे विभाग को ट्रेक के रखरखाव के साथ-साथ ट्रेक पर फैली गंदगी की ओर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। समय-समय पर इस विश्व धरोहर रेलवे ट्रेक पर सफाई अभियान चलाया जाना चाहिए। इसके साथ ही ट्रेक पर गंदगी फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ बनती कार्रवाई अमल में लानी चाहिए। - विक्की कोहली, स्थानीय निवासी।
विज्ञापन
2008 में मिला था वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा
कालका-शिमला रेलवे लाइन को यूनेस्को ने जुलाई 2008 में वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया था। इस रेलवे लाइन पर 103 सुरंगें है, जो इस सफर को काफी रोमांचक बना देती हैं। बड़ोग रेलवे स्टेशन पर 33 नंबर बड़ोग सुरंग सबसे लंबी है जिसकी लंबाई 1143.61 मीटर है। सुरंग क्रॉस करने में टॉय ट्रेन ढाई मिनट का समय लेती है। रेलमार्ग पर 869 छोटे-बड़े पुल है जिस पर सफर और भी रोमांचक हो जाता है। कालका-शिमला रेलमार्ग को नैरोगेज लाइन कहते हैं। इसमें पटरी की चौड़ाई दो फीट छह इंच है।
विज्ञापन
रेलवे विभाग सफाई का ध्यान रखें
रेलवे को इस ओर ध्यान देना चाहिए। टॉय ट्रेन में सफर करने के लिए देश से ही नही विदेश से भी सैलानी कालका रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं। ऐसे में ट्रेक के पास फैली गंदगी से कालका क्षेत्र की छवि धूमिल न हो इसके चलते साफ-सफाई का पूरा प्रबंध करवाना चाहिए ।- अजय शर्मा, स्थानीय निवासी।
विज्ञापन
सफाई अभियान चलाना चाहिए
रेलवे विभाग को ट्रेक के रखरखाव के साथ-साथ ट्रेक पर फैली गंदगी की ओर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। समय-समय पर इस विश्व धरोहर रेलवे ट्रेक पर सफाई अभियान चलाया जाना चाहिए। इसके साथ ही ट्रेक पर गंदगी फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ बनती कार्रवाई अमल में लानी चाहिए। - विक्की कोहली, स्थानीय निवासी।