चंडीगढ़। खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग ने शॉर्टलिस्ट कर 455 खेल नर्सरियों की पहली संभावित सूची जारी कर दी है। इस सूची में 170 सरकारी विद्यालयों, 157 निजी शिक्षण संस्थानों, 81 निजी खेल प्रशिक्षण केंद्रों और 47 राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसरों के नाम हैं। नर्सरी की जांच के लिए हर जिले में एक सिलेक्ट कमेटी का गठन किया जाएगा। ये कमेटी सभी संस्थानों में जाकर खेल संस्थानों की जांच करेंगे। इसके बाद मापदंड पूरे करने वाली और नहीं पूरे करने वाले संस्थानों की सूची विभाग की वेबसाइट पर डाली डाएगी।
उधर, खेल ग्रेडेशन प्रमाण पत्रों की सूची को भी विभाग सार्वजनिक करने जा रहा है। नई खेल ग्रेडेशन नीति के तहत समस्त राज्य में बनाए गए खेल ग्रेडेशन प्रमाण पत्रों की सूची भी विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी। ताकि गलत तरीके से सर्टिफिकेट बनवाने वालों की पहचान हो सके और लोग आपत्ति जता सकें। विभाग ने यह फैसला ग्रुप-डी के खेल कोटा के पदों के लिए कई उम्मीदवारों द्वारा झूठे खेल प्रमाण बनवाने की शिकायतों के बाद लिया है। झूठे खेल प्रमाण पत्रों के आधार पर खेल ग्रेडेशन प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरी लेने के मामले की विजिलेंस ब्यूरो जांच कर रहा है। आशंका जताई जा रही है कि आगामी कुछ दिनों में राज्यभर में मामले दर्ज कर झूठे उम्मीदवारों की धरपकड़ शुरू हो सकती है। खेल विभाग के निदेशक पंकज नैन ने बताया कि विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए लगातार नए फैसले लिए जा रहे हैं।