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Panchkula News: दो प्राइवेट अस्पताल की दवा दुकानों के लाइसेंस रद्द
Wed, 23 Jul 2025 09:37 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Wed, 23 Jul 2025 09:37 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। बटाला रोड स्थित कॉरपोरेट अस्पताल और फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर स्थित लाइफ केयर अस्पतालों के भीतर चल रही दवा दुकानों के लाइसेंस पंजाब जोनल ड्रग अथॉरिटी ने रद कर दिए हैं। दोनों अस्पताल अब दवा दुकान नहीं चला पाएंगे। आरोप है कि दोनों दवा दुकान के मालिक डिमांड से ज्यादा और बिल के बगैर नशीली दवाओं का कारोबार कर रहे थे।
लाइफ केयर अस्पताल चलाने वाले परवीन कुमार फरार हैं। कॉरपोरेट अस्पताल के मालिक डा. जतिंदर मल्होत्रा और डा. दविंदर राजन पिछले ढाई महीने से जेल में बंद हैं। लगभग ढाई महीने पहले फार्मा ब्लस्टिा फार्मा के मालिक दीपक भंडारी, उसके भाई अमित भंडारी, परवीन कुमार, डा. जतिंदर मल्होत्रा, डा. दविंदर राजन सहित आठ लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान फार्मा कंपनी के मालिक, उसकी पत्नी, बेटे, भाई के कब्जे से 31 हजार सात सौ नशीली गोलियां बरामद की गई थीं।
एनसीबी ने कार्रवाई करते हुए डा. जतिंदर मल्होत्रा, डाक्टर दविंदर राजन, अमित भंडारी को गिरफ्तार कर लिया था। दीपक की गिरफ्तारी काफी दिन बाद चंडीगढ़ से की गई थी। जांच में सामने आया था कि दीपक और अमित ने दोनों अस्पतालों को डिमांड से ज्यादा नशे की दवाएं सप्लाई की थीं। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। स्टेट ड्रग अथॉरिटी ने जांच के बाद अब दोनों अस्पतालों की दवा दुकानों की लाइसेंस रद्द कर दिए है।
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अमृतसर। बटाला रोड स्थित कॉरपोरेट अस्पताल और फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर स्थित लाइफ केयर अस्पतालों के भीतर चल रही दवा दुकानों के लाइसेंस पंजाब जोनल ड्रग अथॉरिटी ने रद कर दिए हैं। दोनों अस्पताल अब दवा दुकान नहीं चला पाएंगे। आरोप है कि दोनों दवा दुकान के मालिक डिमांड से ज्यादा और बिल के बगैर नशीली दवाओं का कारोबार कर रहे थे।
लाइफ केयर अस्पताल चलाने वाले परवीन कुमार फरार हैं। कॉरपोरेट अस्पताल के मालिक डा. जतिंदर मल्होत्रा और डा. दविंदर राजन पिछले ढाई महीने से जेल में बंद हैं। लगभग ढाई महीने पहले फार्मा ब्लस्टिा फार्मा के मालिक दीपक भंडारी, उसके भाई अमित भंडारी, परवीन कुमार, डा. जतिंदर मल्होत्रा, डा. दविंदर राजन सहित आठ लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान फार्मा कंपनी के मालिक, उसकी पत्नी, बेटे, भाई के कब्जे से 31 हजार सात सौ नशीली गोलियां बरामद की गई थीं।
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एनसीबी ने कार्रवाई करते हुए डा. जतिंदर मल्होत्रा, डाक्टर दविंदर राजन, अमित भंडारी को गिरफ्तार कर लिया था। दीपक की गिरफ्तारी काफी दिन बाद चंडीगढ़ से की गई थी। जांच में सामने आया था कि दीपक और अमित ने दोनों अस्पतालों को डिमांड से ज्यादा नशे की दवाएं सप्लाई की थीं। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। स्टेट ड्रग अथॉरिटी ने जांच के बाद अब दोनों अस्पतालों की दवा दुकानों की लाइसेंस रद्द कर दिए है।
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